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बारिश हो या नहीं बाढ़ तो आएगी ही

Tue, 02 Jun 2015 11:06 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Tue, 02 Jun 2015 11:06 PM IST
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Rain or flooding will not only
मानसून अभी भले ही न आया हो लेकिन बाढ़ का खतरा टलता नहीं दिख रहा है।
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नरौरा व कालागढ़ डैम से पानी छोडे़ जाने से बाढ़ की आशंका कायम रहेगी। इस बार सिंचाई विभाग की कोई तैयारी नहीं है। तीन करोड़ रुपये से ढाई घाट पर बनने वाले बंधा का काम अभी शुरू नहीं हो पाया है। जिले में आने वाली बाढ़ से 340 गांव प्रभावित होते हैं। बाढ़ कंट्रोल रूम की तो बोहनी ही खराब हो गई है। ये एक जून से शुरू होना था। दो तारीख को यहां के नंबर पर काल की गई तो ये बंद मिला।

गंगा व रामगंगा दोनों बाढ़ के लिए संवेदनशील हैं। नरौरा व कालागढ़ डैम से पानी छोड़ा जाना बाढ़ की वजह बनता है। इस बार बाढ़ से बचाव के लिए सिंचाई विभाग की एक ही कार्ययोजना स्वीकृ त हुई है। इसके तहत गंगा के तट पर ढाई घाट पर बंधा बनना है। इसका बजट तीन करोड़ रुपये का है। यह काम अभी शुरू नहीं हुआ है। जून के बीच में मानसून आ गया तो कटरी के गांवों में रहने वालों को मुसीबत उठानी पड़ेगी। नासा नाला और रामगंगा की सफाई के प्रोजेक्ट स्वीकृत ही नहीं हो पाए हैं।

सिंचाई विभाग आपदा प्रबंधन की बैठक में तय कार्ययोजना पर भी अमल नहीं कर पा रहा है। बैठक में 1 जून से सिंचाई विभाग को कंट्रोल रूम शुरू करने की हिदायत दी गई थी। सिंचाई महकमे के एक्सईएन एमएम सिंह ने बताया कि बाढ़ कंट्रोल रूम का नंबर 8005103770 है। दोपहर को इस नंबर पर काल की गई तो यह बंद मिला। कार्ययोजना को लेकर एमएम सिंह ने बताया कि जल्द काम शुरू करवा दिया जाएगा।
 
यहां कहर बरपाती है बाढ़
कायमगंज तहसील में मीडियम फ्लड से 31 गांवों में तबाही आती है। इससे 31738 जनसंख्या प्रभावित होती है। 6809 हेक्टेयर कृषि का रकबा बर्बाद हो जाता है। हाई फ्लड से 39 गांवों में 6392 हेक्टेयर फसल बेकार हो जाती है। 37779 लोग बेघर होते हैं। लो फ्लड बाढ़ से 65 गांव उजाड़ हो जाते हैं। इन गांवों में रहने वाले  56330 लोगों से आशियाना छिन जाता

है। 12179 हेक्टेयर फसल का नुकसान होता है। अमृतपुर में लो फ्लड की चपेट में 57 गांव आते हैं। इससे 28535 आबादी प्रभावित होती है। 9108 हेक्टेयर रकवा की फसल चौपट हो जाती है। मीडियम फ्लड से 38 गंावों की 778 की आबादी से छत छिन जाती है। 251 हेक्टेयर खेती को नुकसान होता है। हाई फ्लड से 16 गांवों में तबाही आती है।

पिछले वर्षों में कब-कब आया मानसून
वर्ष        तारीख
2005    27 जून
2006    3 जून
2007    14 जुलाई
2008    5 जून
2009    29 जून
2010    1 जुलाई
2011    10 जून
2012    6 जुलाई
2013    17 जून
2014    5 जुलाई
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