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प्रश्नपत्रों का पता नहीं, झुंड बनाकर बच्चे दे रहे परीक्षा
अमर उजाला
Updated Thu, 28 Dec 2017 11:41 PM IST
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students giving examination
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शिक्षा के मंदिर में परीक्षा में नकल के सहारे नौनिहाल परीक्षाएं दे रहे है। परिषदीय स्कूलों की परीक्षाएं मखौल बन कर रह गई है। छात्र छात्राओं को परीक्षा देने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखती है। इस कारण स्कूलों में परीक्षा के दौरान उपस्थिति कम रहती है।
राजेपुर प्राथमिक विद्यालय राजेपुर द्वितीय में पंजीकृत 118 बच्चों में से 71 बच्चे सत्र परीक्षा देने के लिए शामिल हुए। विद्यालय में पेपर को ब्लैक बोर्ड पर लिख दिया गया गया। जिनको देखने के बाद बच्चों ने एक दूसरे की कापी देखकर या किताब देखकर प्रश्न का उत्तर अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखा। जूनियर हाईस्कूल तुसौर में 104 पंजीकृत बच्चों में से 65 परीक्षा में शामिल हुए। सुबह पाली में गणित और शाम पाली में सामाजिक विषय की परीक्षा हुई। यहां भी बच्चे नकल करते नजर आए।
कंपिल में परिषदीय स्कूलों की सत्र परीक्षाओं में नकल का बोलबाला है। प्राथमिक विद्यालय कंपिल प्रथम में सत्र परीक्षा के दूसरे दिन नौनिहाल ने किताब से नकल कर परीक्षा दी। बच्चों की उपस्थिति भी बहुत कम रही। प्रधानाध्यापिका अर्चना यादव तीन दिन के अवकाश पर है। सहायक अध्यापिका अर्पणा पाठक बच्चों की परीक्षाएं करा रही थी। प्राथमिक विद्यालय पट्टी मदारी में पंजीकृत 145 बच्चों में से 90 परीक्षा देने उपस्थित हुए। प्रधानाध्यापक शैलेंद्र सिंह ने बताया कि ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिख दिए थे। जिनको देखकर बच्चों ने परीक्षा दी।
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शमसाबाद में परिषदीय स्कूलों की सत्र परीक्षाओं के नाम पर खानापूरी हो रही है। स्कूलों में बच्चे झुंड बनाकर एक दूसरे की नकल कर परीक्षा देते है। प्राथमिक विद्यालय अलेपुर मेें पंजीकृत 120 बच्चों में से 56 बच्चे उपस्थित हुए। यहां बच्चे झुंड बनाकर परीक्षा क्लास के वाहर दे रहे थे। प्राथमिक विद्यालय पसियापुर में पंजीकृत 170 बच्चों में से 140 बच्चे परीक्षा देने आए थे। यहां भी गणित और सामाजिक विषय की परीक्षाओं में छात्र छात्राओं ने नकल का सहारा लिया।
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राजेपुर प्राथमिक विद्यालय राजेपुर द्वितीय में पंजीकृत 118 बच्चों में से 71 बच्चे सत्र परीक्षा देने के लिए शामिल हुए। विद्यालय में पेपर को ब्लैक बोर्ड पर लिख दिया गया गया। जिनको देखने के बाद बच्चों ने एक दूसरे की कापी देखकर या किताब देखकर प्रश्न का उत्तर अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखा। जूनियर हाईस्कूल तुसौर में 104 पंजीकृत बच्चों में से 65 परीक्षा में शामिल हुए। सुबह पाली में गणित और शाम पाली में सामाजिक विषय की परीक्षा हुई। यहां भी बच्चे नकल करते नजर आए।
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कंपिल में परिषदीय स्कूलों की सत्र परीक्षाओं में नकल का बोलबाला है। प्राथमिक विद्यालय कंपिल प्रथम में सत्र परीक्षा के दूसरे दिन नौनिहाल ने किताब से नकल कर परीक्षा दी। बच्चों की उपस्थिति भी बहुत कम रही। प्रधानाध्यापिका अर्चना यादव तीन दिन के अवकाश पर है। सहायक अध्यापिका अर्पणा पाठक बच्चों की परीक्षाएं करा रही थी। प्राथमिक विद्यालय पट्टी मदारी में पंजीकृत 145 बच्चों में से 90 परीक्षा देने उपस्थित हुए। प्रधानाध्यापक शैलेंद्र सिंह ने बताया कि ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिख दिए थे। जिनको देखकर बच्चों ने परीक्षा दी।
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शमसाबाद में परिषदीय स्कूलों की सत्र परीक्षाओं के नाम पर खानापूरी हो रही है। स्कूलों में बच्चे झुंड बनाकर एक दूसरे की नकल कर परीक्षा देते है। प्राथमिक विद्यालय अलेपुर मेें पंजीकृत 120 बच्चों में से 56 बच्चे उपस्थित हुए। यहां बच्चे झुंड बनाकर परीक्षा क्लास के वाहर दे रहे थे। प्राथमिक विद्यालय पसियापुर में पंजीकृत 170 बच्चों में से 140 बच्चे परीक्षा देने आए थे। यहां भी गणित और सामाजिक विषय की परीक्षाओं में छात्र छात्राओं ने नकल का सहारा लिया।