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बिजली नहीं तो मोमबत्ती की रोशनी में हुआ काम
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Sat, 18 Feb 2017 10:52 PM IST
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लाल स्कूल में मोमबत्ती की रोशनी में काम करते पीठासीन अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मतदान केंद्रों को बिजली की रोशनी से जगमग करने के दावे हवाहवाई ही दिखे। अफसरों ने कागजों में खानापूरी की उसकी हकीकत शनिवार को पोलिंग पार्टियोें के बूथ पर पहुंचने के बाद खुलकर सामने आ गई। फतेहगढ़ स्थित लाल स्कूल में बिजली की फिटिंग नहीं कराई गई। बिजली विभाग ने केबल डाल दी थी।
शिक्षा विभाग ने तार और बल्ब तक की व्यवस्था नहीं की। पोलिंग पार्टी के केंद्र पर पहुंचने पर वहां अंधेरा पड़ा था। पीठासीन अधिकारी ने मोमबत्ती मंगाई और उसकी रोशनी में मतदान कराने के लिए अभिलेखों को तैयारी की। वहीं मतदान कर्मी जमीन पर लेटे रहे। यह तो सिर्फ एक बूथ की बानगी थी। हकीकत में कई ऐसे बूथ हैं जहां पर वायरिंग नहीं कराई गई है।
सातनपुर मंडी में पोलिंग पार्टी रवानगी के दौरान प्रेक्षक के निर्देश पर पीडी डा. डीआर विश्वकर्मा ने आन डिमांड ट्रेनिंग कर्मचारियों को दी। इसमें ईवीएम चलाने, सील करने समेत अन्य जानकारी दी गई।
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शिक्षा विभाग ने तार और बल्ब तक की व्यवस्था नहीं की। पोलिंग पार्टी के केंद्र पर पहुंचने पर वहां अंधेरा पड़ा था। पीठासीन अधिकारी ने मोमबत्ती मंगाई और उसकी रोशनी में मतदान कराने के लिए अभिलेखों को तैयारी की। वहीं मतदान कर्मी जमीन पर लेटे रहे। यह तो सिर्फ एक बूथ की बानगी थी। हकीकत में कई ऐसे बूथ हैं जहां पर वायरिंग नहीं कराई गई है।
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सातनपुर मंडी में पोलिंग पार्टी रवानगी के दौरान प्रेक्षक के निर्देश पर पीडी डा. डीआर विश्वकर्मा ने आन डिमांड ट्रेनिंग कर्मचारियों को दी। इसमें ईवीएम चलाने, सील करने समेत अन्य जानकारी दी गई।
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