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बिजली गुल होने से लोहिया अस्पताल में मरीजों का बुरा हाल
महोबा
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:55 PM IST
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जनरल वार्ड दो में मरीज पर पंखा करती महिला।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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उमस भरी गर्मी में लोहिया अस्पताल का वातानुकूलित भवन भट्ठी की तरह तप रहा है। इसमें भर्ती मरीजों को हवा न मिलने की वजह से उनकी हालत गंभीर हो रही है। परिजन फर्श पर लेटकर समय बिता रहे हैं। पिछले कई दिनों से लोहिया अस्पताल का बिजली उपकेंद्र खराब हो जाने से मरीज भयंकर परेशानी से गुजर रहे हैं। इसके बाद भी इस उपकेंद्र को सही कराने का कार्य आज तक नहीं किया गया है।
जनरल वार्ड दो में भर्ती मरीजों का बुरा हाल है, जबकि नवजात शिशु वार्ड में बत्ती न होने पर उनका हाल बुरा है। लालदरवाजा की रहने वाली यास्मीन का कहना है कि वह अपने बेटे आमिर को एक्सीडेंट होने पर यहां लाई थी। पिछले तीन दिन से यहां बिजली नहीं आ रही है, जिससे बुरा हाल हो रहा है। इसी तरह से देशराज का कहना है कि उसका भतीजा हिमांशु यहां भर्ती है। बिजली न आने से भारी परेशानी हो रही है।
वातानुकूलित बनी लोहिया अस्पताल की बिल्डिंग दोपहर में बुरी तरह से तपने लगती है और रात भर बिजली न आने से धधकने लगती है। लुधइया के हरिनंदन का भी लगभग यही कहना है। उर्मिला का बेटा अवधेश जनरल वार्ड में भर्ती है।
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उसका भी कहना है कि बिजली न आने की वजह से यहां मरीज तड़पते रहते हैं। वे ठीक होने की बजाए और बीमार हो रहे हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. बीबी पुष्कर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि 26 घंटे पहले बिजली की केबिल नेकपुर के पास कट गई थी। इस केबिल को बिजली विभाग के अधिकारियों ने नहीं जोड़ा।
जिलाधिकारी के हस्तक्षेप करने पर बिजली विभाग के अधिकारियों ने इस उपकेंद्र को 11 हजार वोल्टेज की लाइन से जोड़ दिया है। लोहिया अस्पताल में बिजली की वजह से वास्तव में मरीज परेशान हैं। डॉ. पुष्कर ने कहा कि तीन करोड़ रुपया देकर यह बिजली उपकेंद्र अलग से बनवाया गया था लेकिन इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इस संबंध में वह जिलाधिकारी और शासन को लिख रहे हैं। बिजली विभाग की लापरवाही से मरीजों का बुरा हाल हो रहा है।
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जनरल वार्ड दो में भर्ती मरीजों का बुरा हाल है, जबकि नवजात शिशु वार्ड में बत्ती न होने पर उनका हाल बुरा है। लालदरवाजा की रहने वाली यास्मीन का कहना है कि वह अपने बेटे आमिर को एक्सीडेंट होने पर यहां लाई थी। पिछले तीन दिन से यहां बिजली नहीं आ रही है, जिससे बुरा हाल हो रहा है। इसी तरह से देशराज का कहना है कि उसका भतीजा हिमांशु यहां भर्ती है। बिजली न आने से भारी परेशानी हो रही है।
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वातानुकूलित बनी लोहिया अस्पताल की बिल्डिंग दोपहर में बुरी तरह से तपने लगती है और रात भर बिजली न आने से धधकने लगती है। लुधइया के हरिनंदन का भी लगभग यही कहना है। उर्मिला का बेटा अवधेश जनरल वार्ड में भर्ती है।
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उसका भी कहना है कि बिजली न आने की वजह से यहां मरीज तड़पते रहते हैं। वे ठीक होने की बजाए और बीमार हो रहे हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. बीबी पुष्कर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि 26 घंटे पहले बिजली की केबिल नेकपुर के पास कट गई थी। इस केबिल को बिजली विभाग के अधिकारियों ने नहीं जोड़ा।
जिलाधिकारी के हस्तक्षेप करने पर बिजली विभाग के अधिकारियों ने इस उपकेंद्र को 11 हजार वोल्टेज की लाइन से जोड़ दिया है। लोहिया अस्पताल में बिजली की वजह से वास्तव में मरीज परेशान हैं। डॉ. पुष्कर ने कहा कि तीन करोड़ रुपया देकर यह बिजली उपकेंद्र अलग से बनवाया गया था लेकिन इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इस संबंध में वह जिलाधिकारी और शासन को लिख रहे हैं। बिजली विभाग की लापरवाही से मरीजों का बुरा हाल हो रहा है।