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Farrukhabad News: गांव की तरफ बढ़ते ही ठिठक जाते हैं कदम
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फोटो-1 गांव अहियापुर को जाने वाले मार्ग पर भरा कीचड़। स्रोत जागरूक पाठक
कंपिल। कायमगंज ब्लॉक के अहियापुर की सड़क इस कदर बदहाल है कि गांव की तरफ बढ़ते ही लोगों के कदम खुद-ब-खुद ठिठक जाते हैं। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे कच्चे मार्ग पर कीचड़ और दलदल से पैदल निकलना भी मुश्किल है।
ग्राम पंचायत त्यौरखास के मजरा अहियापुर के लोग वर्षों से पक्की सड़क की बाट जोह रहे हैं। उनके लिए यह रास्ता केवल गांव तक पहुंचने का साधन नहीं, बल्कि बाजार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरखेड़ा, इंटर कॉलेज और कंपिल रेलवे स्टेशन रोड जाने के लिए यही एकमात्र विकल्प है।
अहियापुर की आबादी करीब 500 है। बारिश में सड़क की हालत और खराब हो जाने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि संपर्क मार्ग के निर्माण को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मांग की गई लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
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गांव के विनोद ने बताया कि बारिश में भी बाजार जाने के लिए इसी रास्ते का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन घुटनों तक दलदल और कीचड़ होने से कपड़े खराब हो जाते हैं। हरिओम यादव ने बताया कि खेतों पर जाने के लिए भी इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। बरसात में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
ब्लॉक प्रमुख अनुराधा दुबे ने बताया कि अभी तक किसी ने सड़क निर्माण को लेकर उनसे संपर्क नहीं किया है। सड़क खराब होने की जानकारी भी उन्हें नहीं थी। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी कराकर सड़क निर्माण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम पंचायत त्यौरखास के मजरा अहियापुर के लोग वर्षों से पक्की सड़क की बाट जोह रहे हैं। उनके लिए यह रास्ता केवल गांव तक पहुंचने का साधन नहीं, बल्कि बाजार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरखेड़ा, इंटर कॉलेज और कंपिल रेलवे स्टेशन रोड जाने के लिए यही एकमात्र विकल्प है।
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अहियापुर की आबादी करीब 500 है। बारिश में सड़क की हालत और खराब हो जाने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि संपर्क मार्ग के निर्माण को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मांग की गई लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
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गांव के विनोद ने बताया कि बारिश में भी बाजार जाने के लिए इसी रास्ते का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन घुटनों तक दलदल और कीचड़ होने से कपड़े खराब हो जाते हैं। हरिओम यादव ने बताया कि खेतों पर जाने के लिए भी इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। बरसात में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
ब्लॉक प्रमुख अनुराधा दुबे ने बताया कि अभी तक किसी ने सड़क निर्माण को लेकर उनसे संपर्क नहीं किया है। सड़क खराब होने की जानकारी भी उन्हें नहीं थी। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी कराकर सड़क निर्माण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।