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आजादी के रणबांकुरों को चढ़ाए श्रद्धासुमन
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Mon, 23 Mar 2015 11:28 PM IST
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जनतंत्र क्रांतिकारी मोर्चा की ओर से शहीद दिवस पर सोमवार को डा. ओपी
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सभागार में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक में आए लोगों ने शहीद दिवस
के अवसर पर शहीद सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के चित्र पर माल्यार्पण
किया। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए रामनरायन मिश्र ने कहा कि शहीदों को
सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि
लोग उनके बताए रास्ते पर चलकर उनके सपने साकार करें। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष उत्तम कुमार मिश्र, जिलाध्यक्ष उमेश सिंह तोमर, ज्ञानेंद्र मिश्र, रामप्रकाश शर्मा, सावित्री जौहरी, पृथ्वीनरायन, वंदना वर्मा, कन्हैयालाल श्रीवास्तव, नरेंद्र शर्मा, रामकिशोर, विश्राम सिंह, धर्मपाल सिंह चौहान, महेशचंद्र शुक्ल और रामनिवास गंगवार आदि मौजूद रहे।
उधर, हिंदू जागरण मंच ने सोमवार शाम शहीद दिवस के अवसर पर त्रिपोलिया चौक पर मोमबत्ती जलाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था कुसुमांजलि ने बैठक कर शहीदों को याद किया। हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष राघवदत्त मिश्र ने कहा कि शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष राजदीप गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष राहुल भाटिया, किशन शर्मा, रोहित माथुर, प्रतीक साध आदि मौजूद रहे।
साहबगंज चौराहा स्थित वंशीधर स्मारक भवन में कुसुमांजलि की ओर से काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डा. कैसर खां, महेशचंद्र शुक्ल और अनिल मिश्र ने शहीदों के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अध्यक्षता कर रहे दफेदार दीक्षित ने कहा कि शहीदों की कुर्बानी भुलाई नहीं जा सकती। इस अवसर पर
राजेश, सावित्री, आरती कुशवाह, उत्तम कुमार मिश्र, कन्हैयालाल श्रीवास्तव और कृष्णकांत त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
उधर, नंदी संकल्प सेना ने भी त्रिपोलिया चौक पर कार्यक्रम कर शहीदों को याद किया। इस अवसर पर सेना प्रमुख विक्रांत अवस्थी, भूरा यादव, पप्पू दुबे, अतुल तिवारी, निपुण गौड़, धीरू गुप्ता, अतुल तिवारी, डा. हर्षित तिवारी, वैभव गुप्ता, कुलदीप गुप्ता, नवल यादव, श्लोक दुबे, योगेश राजपूत और अर्जुन वर्मा आदि मौजूद रहे।
जनवादी लेखक संघ कार्यकर्ताओं ने अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। मऊदरवाजा स्थित रामकुमार के हाल में हुए कार्यक्रम में चित्र पर माल्यार्पण कर दो मिनट का मौन रखा गया। कामरेड योगेंद्र यादव ने कहा कि किसानों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। कारपोरेट पद्धति को बढ़ावा देकर अन्नदाता की कमर तोड़ी जा रही है। इसक ा विरोध किया जाएगा। इस मौके पर हेतराम, नत्थू सिंह, बलवीर सिंह, रामप्रकाश सैनी, सतीश
चंद्र शाक्य, प्रदीप कुमार, रामकुमार, धर्मपाल सिंह, संजेश कुमार, आरती, सरिता, सावित्री आदि मौजूद रहीं।
आवास-विकास स्थित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कार्यालय में शहीद दिवस के अवसर पर गोष्ठी हुई। गोष्ठी में वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे। इस अवसर पर जिला संघ चालक डा. सुबोध वर्मा, सुशील शाक्य, डा. दुर्विजय सिंह, अतुल दीक्षित, अविनाश और जयगोपाल आदि मौजूद रहे।
कायमगंज प्रतिनिधि के अनुसार सामाजिक न्याय मंच ने शहीद दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया। यहां प्रोफेसर रामबाबू मिश्र ने कहा कि भारत को आजादी शांति से नहीं क्रांति से मिली है। 17 सितंबर 1928 को सांडर्स की हत्या हुई थी। उस दिन भगत सिंह जेल में थे। न्याय का नाटक करके 230 गवाह गुजारे गए और बिना बचाव का मौका दिए 23 मार्च 1931 को सेंट्रल जेल लाहौर में तीन क्रांतिकारियों को फांसी दे दी गई। कामरेड कर्मवीर शाक्य ने कहा कि
सरदार भगत सिंह ने साम्यवादी क्रांति का गहन अध्ययन किया था। वह नास्तिक थे इसलिए इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाते हुए फांसी पर बेखौफ झूल गए। आजादी के बाद क्रांतिवीरों को भुला दिया गया। गोष्ठी में वीएस तिवारी, देवेंद्र गंगवार, मनमोहन सिंह, भगवती प्रसाद यादव, विनोद गंगवार, राहुल आदि मौजूद रहे।
वहीं हिंजामं ने भी सरदार भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव कोे श्रद्धांजलि दी। यहां वक्ताओं ने कहा कि देश में व्याप्त भ्रष्टाचार को देखकर लगता है कि आज भी देश को सरदार की जरूरत है। इस दौरान प्रदीप सक्सेना, सौरभ भारद्वाज, प्रेमबाबू राजपूत, भूरे यादव, कल्लू गुप्ता, राममोहन गुप्ता, रिंकू कौशल आदि मौजूद रहे।
मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार भारतीय विद्यालय इंटर कालेज महेश नगर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा के नेतृत्व में शहीद दिवस कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर राजेंद्र नरायन मिश्र, श्यामलाल, जितेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, संजू दीक्षित, इकरार खां, अमन राठौर, हरेंद्र सिंह और रक्षपाल आदि मौजूद रहे।
लोग उनके बताए रास्ते पर चलकर उनके सपने साकार करें। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष उत्तम कुमार मिश्र, जिलाध्यक्ष उमेश सिंह तोमर, ज्ञानेंद्र मिश्र, रामप्रकाश शर्मा, सावित्री जौहरी, पृथ्वीनरायन, वंदना वर्मा, कन्हैयालाल श्रीवास्तव, नरेंद्र शर्मा, रामकिशोर, विश्राम सिंह, धर्मपाल सिंह चौहान, महेशचंद्र शुक्ल और रामनिवास गंगवार आदि मौजूद रहे।
उधर, हिंदू जागरण मंच ने सोमवार शाम शहीद दिवस के अवसर पर त्रिपोलिया चौक पर मोमबत्ती जलाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था कुसुमांजलि ने बैठक कर शहीदों को याद किया। हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष राघवदत्त मिश्र ने कहा कि शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष राजदीप गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष राहुल भाटिया, किशन शर्मा, रोहित माथुर, प्रतीक साध आदि मौजूद रहे।
साहबगंज चौराहा स्थित वंशीधर स्मारक भवन में कुसुमांजलि की ओर से काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डा. कैसर खां, महेशचंद्र शुक्ल और अनिल मिश्र ने शहीदों के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अध्यक्षता कर रहे दफेदार दीक्षित ने कहा कि शहीदों की कुर्बानी भुलाई नहीं जा सकती। इस अवसर पर
राजेश, सावित्री, आरती कुशवाह, उत्तम कुमार मिश्र, कन्हैयालाल श्रीवास्तव और कृष्णकांत त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
उधर, नंदी संकल्प सेना ने भी त्रिपोलिया चौक पर कार्यक्रम कर शहीदों को याद किया। इस अवसर पर सेना प्रमुख विक्रांत अवस्थी, भूरा यादव, पप्पू दुबे, अतुल तिवारी, निपुण गौड़, धीरू गुप्ता, अतुल तिवारी, डा. हर्षित तिवारी, वैभव गुप्ता, कुलदीप गुप्ता, नवल यादव, श्लोक दुबे, योगेश राजपूत और अर्जुन वर्मा आदि मौजूद रहे।
जनवादी लेखक संघ कार्यकर्ताओं ने अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। मऊदरवाजा स्थित रामकुमार के हाल में हुए कार्यक्रम में चित्र पर माल्यार्पण कर दो मिनट का मौन रखा गया। कामरेड योगेंद्र यादव ने कहा कि किसानों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। कारपोरेट पद्धति को बढ़ावा देकर अन्नदाता की कमर तोड़ी जा रही है। इसक ा विरोध किया जाएगा। इस मौके पर हेतराम, नत्थू सिंह, बलवीर सिंह, रामप्रकाश सैनी, सतीश
चंद्र शाक्य, प्रदीप कुमार, रामकुमार, धर्मपाल सिंह, संजेश कुमार, आरती, सरिता, सावित्री आदि मौजूद रहीं।
आवास-विकास स्थित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कार्यालय में शहीद दिवस के अवसर पर गोष्ठी हुई। गोष्ठी में वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे। इस अवसर पर जिला संघ चालक डा. सुबोध वर्मा, सुशील शाक्य, डा. दुर्विजय सिंह, अतुल दीक्षित, अविनाश और जयगोपाल आदि मौजूद रहे।
कायमगंज प्रतिनिधि के अनुसार सामाजिक न्याय मंच ने शहीद दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया। यहां प्रोफेसर रामबाबू मिश्र ने कहा कि भारत को आजादी शांति से नहीं क्रांति से मिली है। 17 सितंबर 1928 को सांडर्स की हत्या हुई थी। उस दिन भगत सिंह जेल में थे। न्याय का नाटक करके 230 गवाह गुजारे गए और बिना बचाव का मौका दिए 23 मार्च 1931 को सेंट्रल जेल लाहौर में तीन क्रांतिकारियों को फांसी दे दी गई। कामरेड कर्मवीर शाक्य ने कहा कि
सरदार भगत सिंह ने साम्यवादी क्रांति का गहन अध्ययन किया था। वह नास्तिक थे इसलिए इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाते हुए फांसी पर बेखौफ झूल गए। आजादी के बाद क्रांतिवीरों को भुला दिया गया। गोष्ठी में वीएस तिवारी, देवेंद्र गंगवार, मनमोहन सिंह, भगवती प्रसाद यादव, विनोद गंगवार, राहुल आदि मौजूद रहे।
वहीं हिंजामं ने भी सरदार भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव कोे श्रद्धांजलि दी। यहां वक्ताओं ने कहा कि देश में व्याप्त भ्रष्टाचार को देखकर लगता है कि आज भी देश को सरदार की जरूरत है। इस दौरान प्रदीप सक्सेना, सौरभ भारद्वाज, प्रेमबाबू राजपूत, भूरे यादव, कल्लू गुप्ता, राममोहन गुप्ता, रिंकू कौशल आदि मौजूद रहे।
मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार भारतीय विद्यालय इंटर कालेज महेश नगर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा के नेतृत्व में शहीद दिवस कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर राजेंद्र नरायन मिश्र, श्यामलाल, जितेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, संजू दीक्षित, इकरार खां, अमन राठौर, हरेंद्र सिंह और रक्षपाल आदि मौजूद रहे।