{"_id":"77a94fc04db071b6c2ec7cfad28b4dd4","slug":"ngt-in-the-fall-of-the-river-ganga-water-sample-taken-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनजीटी ने लिया गंगा में गिर रहे नाले के पानी का नमूना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनजीटी ने लिया गंगा में गिर रहे नाले के पानी का नमूना
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
Updated Mon, 29 Feb 2016 01:05 AM IST
विज्ञापन
नेशनल ग्रीन टिब्यूनल की हाईपावर कमेटी ने रविवार को यहां गंगा में सीधे गिराए जा रहे नाले के पानी के नमूने लिए। कमेटी ने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि कुछ नालों का पानी बिना कट्रीटमेंट के सीधे गंगा में गिराया जा रहा है। टीम ने रामगंगा के पानी का भी नमूना लिया।
कमेटी के सदस्य शनिवार देर रात शहर पहुंचे थे। सदस्यों ने रविवार सुबह टोका घाट और भैरोघाट पर गंगा की ओर जा रहे नालों से पानी के नमूने लिए। टीम के साथ एक्सपर्ट की भूमिका में चल रहे आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर एए. काजमी ने नालों के गंदे पानी के सीधे गंगा में जाने पर नाराजगी जताई। कहा कि सरकार गंगा को प्रदूषणमुक्त करने की कवायद में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।
जिले में नालों का गंदा पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के गंगा में बहाया जा रहा है। सदस्य सचिव उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एससी यादव ने नालों में छपाई कारखानों से निकल रहे केमिकल युक्त रंगीन पानी की पड़ताल की। इसके बाद टीम के सदस्य चले गए। टीम में सदस्य सचिव केंद्रीय नियंत्रण बोर्ड एबी अकोलकर, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के प्रतिनिधि के अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी मोहम्मद सिकंदर और प्रभाकर कटियार आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कमेटी के सदस्य शनिवार देर रात शहर पहुंचे थे। सदस्यों ने रविवार सुबह टोका घाट और भैरोघाट पर गंगा की ओर जा रहे नालों से पानी के नमूने लिए। टीम के साथ एक्सपर्ट की भूमिका में चल रहे आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर एए. काजमी ने नालों के गंदे पानी के सीधे गंगा में जाने पर नाराजगी जताई। कहा कि सरकार गंगा को प्रदूषणमुक्त करने की कवायद में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।
विज्ञापन
जिले में नालों का गंदा पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के गंगा में बहाया जा रहा है। सदस्य सचिव उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एससी यादव ने नालों में छपाई कारखानों से निकल रहे केमिकल युक्त रंगीन पानी की पड़ताल की। इसके बाद टीम के सदस्य चले गए। टीम में सदस्य सचिव केंद्रीय नियंत्रण बोर्ड एबी अकोलकर, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के प्रतिनिधि के अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी मोहम्मद सिकंदर और प्रभाकर कटियार आदि थे।
विज्ञापन