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Farrukhabad News: गंगा का जलस्तर फिर खतरे के निशान के ऊपर पहुंचा
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अमृतपुर। गंगा का जलस्तर फिर खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। वहीं रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर से पांच सेंटीमीटर दूर रह गया है। दोनों नदियों के तटवर्ती गांवों में दिक्कतें बढ़ गई हैं। चित्रकूट डिप पर रोक के बाद भी वाहन निकल रहे हैं।
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर से बढ़कर 137.15 मीटर पर पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को नरौरा बांध से 105633 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा का जलस्तर बढ़ने से 50 से अधिक गांव में पानी भर जाने से रोजमर्रा के सामान के लिए लोग जूझ रहे हैं। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग के चित्रकूट डिप पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर मार्ग बंद कर दिया है। वहां तैनात पुलिसकर्मी बाहर से आने वाले कार व बाइक को रोक भी नहीं पा रहे हैं।
गौटिया पश्चिमी के राजेश शर्मा, अनुज कुमार, विनोद कुमार, अंतराम, रामवीर, रामफेरे आदि ने बताया कि बाढ़ का पानी सड़क, खेत व घरों में भरा है। उनके रहने व रोटी बनाने तक की जगह नहीं बची है। घरों में राशन भी अब समाप्त हो गया है। सरकारी राशन का वितरण शुरू हो गया है, लेकिन रास्ते में पानी अधिक होने से राशन लेने नहीं जा पा रहे हैं। तहसील प्रशासन बाढ़ प्रभावित गांव में दोबारा राशन वितरण करा रहा है।
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खुले आसमान के नीचे काट रहे रात
अमृतपुर। बाढ़ का पानी घरों में भरा होने से ग्रामीण खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। रात में पड़ने वाली ओस से कपड़े और बिस्तर तक भीग जाते हैं। ग्रामीण सर्दी-जुकाम, बुखार और अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। चारों ओर पानी भरा होने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। बाढ़ प्रभावित गांव के अंदर स्वास्थ्य टीम नहीं जा रही है। इसके चलते लोग झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं।
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गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर से बढ़कर 137.15 मीटर पर पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को नरौरा बांध से 105633 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा का जलस्तर बढ़ने से 50 से अधिक गांव में पानी भर जाने से रोजमर्रा के सामान के लिए लोग जूझ रहे हैं। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग के चित्रकूट डिप पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर मार्ग बंद कर दिया है। वहां तैनात पुलिसकर्मी बाहर से आने वाले कार व बाइक को रोक भी नहीं पा रहे हैं।
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गौटिया पश्चिमी के राजेश शर्मा, अनुज कुमार, विनोद कुमार, अंतराम, रामवीर, रामफेरे आदि ने बताया कि बाढ़ का पानी सड़क, खेत व घरों में भरा है। उनके रहने व रोटी बनाने तक की जगह नहीं बची है। घरों में राशन भी अब समाप्त हो गया है। सरकारी राशन का वितरण शुरू हो गया है, लेकिन रास्ते में पानी अधिक होने से राशन लेने नहीं जा पा रहे हैं। तहसील प्रशासन बाढ़ प्रभावित गांव में दोबारा राशन वितरण करा रहा है।
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खुले आसमान के नीचे काट रहे रात
अमृतपुर। बाढ़ का पानी घरों में भरा होने से ग्रामीण खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। रात में पड़ने वाली ओस से कपड़े और बिस्तर तक भीग जाते हैं। ग्रामीण सर्दी-जुकाम, बुखार और अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। चारों ओर पानी भरा होने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। बाढ़ प्रभावित गांव के अंदर स्वास्थ्य टीम नहीं जा रही है। इसके चलते लोग झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं।