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Farrukhabad News: हत्या में दोषी तीन भाइयों सहित चार को आजीवन कारावास
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फर्रुखाबाद। रंजिश में ग्रामीण की हत्या के मामले में कोर्ट ने दोषी तीन भाइयों सहित चार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 4.82 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया।
शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव पहाड़पुर बैरागढ़ निवासी राकेश कुमार ने दो सितंबर 2003 को गांव के गुड्डू उर्फ शिशुपाल, भाई नन्हे, भूरे, मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव पंचम नगला निवासी सरविंदर यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि गांव के हरिपाल की गांव नगला देवीदास निवासी बादाम व उसके पिता मेवाराम ने हत्या कर दी थी। इसका मुकदमा विमल ने दर्ज कराया था। विमल का उसके घर पर आना-जाना था। इसी बात पर यह लोग रंजिश मानने लगे। एक सितंबर 2003 को भाई बालेश सुबह नौ बजे खेत में चारा काट रहा था। पिता हरिशचंद्र, बहन प्रीति मक्का फसल की रखवाली कर रहे थे। उसी दौरान चारों लोग खेत में पहुंचे। रंजिश में भाई की गोली व चाकू मारकर हत्या कर दी। पिता हरिशचंद्र, बहन प्रीति व ताऊ सत्यराम बचाने आए। उन पर जानलेवा फायर कर दिए। इसमें वह बाल-बाल बच गए। यह लोग जान से मारने की धमकी देकर वहां से भाग गए। विवेचक ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।
मुकदमे की सुनवाई कर रहीं एडीजी रितिका त्यागी ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर आरोपी गुड्डू उर्फ शिशुपाल, नन्हे, भूरे, सरविंदर यादव को दोषी करार किया था। बुधवार को न्यायाधीश ने दोषी गुड्डू उर्फ शिशुपाल, नन्हे, भूरे, सरविंदर यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। चारों दोषियों को 4.82 लाख रुपये बतौर अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं देने पर दोषियों को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगनें के आदेश दिए हैं।
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शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव पहाड़पुर बैरागढ़ निवासी राकेश कुमार ने दो सितंबर 2003 को गांव के गुड्डू उर्फ शिशुपाल, भाई नन्हे, भूरे, मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव पंचम नगला निवासी सरविंदर यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि गांव के हरिपाल की गांव नगला देवीदास निवासी बादाम व उसके पिता मेवाराम ने हत्या कर दी थी। इसका मुकदमा विमल ने दर्ज कराया था। विमल का उसके घर पर आना-जाना था। इसी बात पर यह लोग रंजिश मानने लगे। एक सितंबर 2003 को भाई बालेश सुबह नौ बजे खेत में चारा काट रहा था। पिता हरिशचंद्र, बहन प्रीति मक्का फसल की रखवाली कर रहे थे। उसी दौरान चारों लोग खेत में पहुंचे। रंजिश में भाई की गोली व चाकू मारकर हत्या कर दी। पिता हरिशचंद्र, बहन प्रीति व ताऊ सत्यराम बचाने आए। उन पर जानलेवा फायर कर दिए। इसमें वह बाल-बाल बच गए। यह लोग जान से मारने की धमकी देकर वहां से भाग गए। विवेचक ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।
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मुकदमे की सुनवाई कर रहीं एडीजी रितिका त्यागी ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर आरोपी गुड्डू उर्फ शिशुपाल, नन्हे, भूरे, सरविंदर यादव को दोषी करार किया था। बुधवार को न्यायाधीश ने दोषी गुड्डू उर्फ शिशुपाल, नन्हे, भूरे, सरविंदर यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। चारों दोषियों को 4.82 लाख रुपये बतौर अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं देने पर दोषियों को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगनें के आदेश दिए हैं।
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