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अपराधों को बढ़ावा देने वाले भूमि विवादों का होगा निस्तारण
अमर उजाला
Updated Fri, 29 Dec 2017 11:32 PM IST
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IG zone inspecting police station
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कानपुर जोन के आईजी आलोक सिंह ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में जमीन संबंधी विवादों के चलते अपराध का ग्राफ बढ़ता है। प्रदेश सरकार के आदेश पर एक जनवरी से ऐसे मामलों को तेजी से निपटाने के लिए विशेष मुहिम शुरू होगी। इस संबंध में जिलों के डीएम व सीडीओ से बातचीत की जाएगी। बाबा वीरेंद्र देव के खिलाफ 1998 में दर्ज मामलों की प्रगति रिपोर्ट दोबारा खंगाली जाएगी। पत्रकार वार्ता में आईजी जोन ने डिजीटिलाइजेशन, शिकायतों के जल्द निस्तारण, यातायात व्यवस्था व अन्य जन समस्याओं के निस्तारण पर जोर दिया।
कानपुर जोन के आईजी आलोक सिंह शुक्रवार को जिले के निरीक्षण पर आए थे। पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता में आईजी ने कहा कि विभागीय अभिलेखों को डिजीटल किया जाएगा। इसके लिए एसपी को पायलेट प्रोजेक्ट पर काम कराने के निर्देश दिए है। सभी थानाध्यक्ष और कोतवाल को बैठक में निर्देश दिए है कि थानों का माहौल ऐसा बनाया जाए, जिससे शिकायत करने आने वाली जनता को अपनी बात कहने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। आईजीआरएस प्रणाली की शिकायतों के निस्तारण के बाद अधिकारियों को खुद क्रास जांच करने के निर्देश दिए गए है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ नागरिकों का डाटा बेस तैयार किया जाएगा। वर्तमान में फर्रुखाबाद में 270 विभागीय वरिष्ठ नागरिक है। जिले में जाम अधिकांश जगह लगता है। इस समस्या से निजात के लिए 20 पुलिस कर्मियों को चिह्नित कर ट्रैफिक में शामिल किया जाएगा। ताकि यातायात दुरुस्त रखने में वह काम कर सके।
साइबर क्राइम के मामलों की किस तरह जांच की जाए। इसके लिए जनवरी प्रथम सप्ताह में कानपुर में कार्यशाला कराई जाएगी। इसमें प्रशिक्षण दिया जाएगा। घनी बस्तियों में गश्त के लिए यूपी में 1600 खरीदी जा रही है। इन बाइकों को जिलों में भेजा जाएगा और यूपी 100 से इनको जोड़ दिया जाएगा। ताकि घनी बस्ती में यूपी 100 की गाड़ी जहां नहीं पहुंचती है, वह बाइक पहुंच सके। आईजी ने बताया कि दो वर्ष से अधिक समय की लंबित दो मामलों की विवेचनाएं और 2016 से अभी तक लंबित लगभग 50 विवेचनाएं मिली है। जिनको शीघ्र पूरा कराने के एसपी को निर्देश दिए है।
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पुनर्जीवित होंगी ग्राम सुरक्षा समितियां
आईजी ने बताया कि ग्राम सुरक्षा समिति को दोबारा से चालू किया जाएगा। अब थानों में पीड़ितों की रिपोर्ट दर्ज कराने में कम दिक्कत होती है। यूपी में एफआईआर दर्ज होने में 18 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। थानों में देश भक्ति गीत बजाए जाएंगे। थानों में दिन भर होने वाली कार्रवाई की वाट्सएप के माध्यम से रिपोर्ट देने के सभी एसओ को निर्देश दिया गया है।
आईजी आलोक सिंह ने कहा कि बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम में रहने वाली संवासिनियों का नाम पता पूछने के बाद उनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। बाबा के खिलाफ 1998 में जो मुकदमे दर्ज हुए थे और आरोप पत्र दाखिल किए गए थे। उन मुकदमों की क्या प्रगति है, इसकी रिपोर्ट न्यायालय खुलने के बाद एकत्र की जाएगी।
विधायक सुशील शाक्य, विधायक नागेंद्र सिंह राठौर, नगर पालिका सदर अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल, शमसाबाद नगर पंचायत अध्यक्ष पुत्र भाजपा नेता विजय गुप्ता ने आईजी से पुलिस लाइन सभागार में वार्ता की। विजय गुप्ता ने कासिमपुर तराई में पुलिस चौकी बनवाने की मांग की।
कमालगंज। आईजी आलोक कुमार ने कानपुर वापस जाते समय कमालगंज थाने का निरीक्षण किया। आईजी के पहुंचने पर थाने में गार्ड आफ आनर दिया गया। आईजी ने बैरक, हवालात, रसाईघर, शस्त्रागार, शौचालय देखा। खाना बनाने वाले फालोवर के नाखून और बाल देखे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने रेलवे तिराहे पर पिकेट न लगने की शिकायत की। आईजी ने दो पुलिस कर्मी पिकेट पर लगाने के निर्देश दिए। इस दौरान एसपी मृगेंद्र सिंह, एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ शकील अहमद, एसओ प्रदीप सिंह, विधायक नागेंद्र सिंह राठौर, सतीश चंद्र दुबे, रवि दुबे, प्रदीप दुबे, डा. अनवर मिर्जा, डा. देवदत्त राजपूत, प्रभाशंकर औदिच्य मौजूद रहे।
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कानपुर जोन के आईजी आलोक सिंह शुक्रवार को जिले के निरीक्षण पर आए थे। पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता में आईजी ने कहा कि विभागीय अभिलेखों को डिजीटल किया जाएगा। इसके लिए एसपी को पायलेट प्रोजेक्ट पर काम कराने के निर्देश दिए है। सभी थानाध्यक्ष और कोतवाल को बैठक में निर्देश दिए है कि थानों का माहौल ऐसा बनाया जाए, जिससे शिकायत करने आने वाली जनता को अपनी बात कहने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। आईजीआरएस प्रणाली की शिकायतों के निस्तारण के बाद अधिकारियों को खुद क्रास जांच करने के निर्देश दिए गए है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ नागरिकों का डाटा बेस तैयार किया जाएगा। वर्तमान में फर्रुखाबाद में 270 विभागीय वरिष्ठ नागरिक है। जिले में जाम अधिकांश जगह लगता है। इस समस्या से निजात के लिए 20 पुलिस कर्मियों को चिह्नित कर ट्रैफिक में शामिल किया जाएगा। ताकि यातायात दुरुस्त रखने में वह काम कर सके।
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साइबर क्राइम के मामलों की किस तरह जांच की जाए। इसके लिए जनवरी प्रथम सप्ताह में कानपुर में कार्यशाला कराई जाएगी। इसमें प्रशिक्षण दिया जाएगा। घनी बस्तियों में गश्त के लिए यूपी में 1600 खरीदी जा रही है। इन बाइकों को जिलों में भेजा जाएगा और यूपी 100 से इनको जोड़ दिया जाएगा। ताकि घनी बस्ती में यूपी 100 की गाड़ी जहां नहीं पहुंचती है, वह बाइक पहुंच सके। आईजी ने बताया कि दो वर्ष से अधिक समय की लंबित दो मामलों की विवेचनाएं और 2016 से अभी तक लंबित लगभग 50 विवेचनाएं मिली है। जिनको शीघ्र पूरा कराने के एसपी को निर्देश दिए है।
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पुनर्जीवित होंगी ग्राम सुरक्षा समितियां
आईजी ने बताया कि ग्राम सुरक्षा समिति को दोबारा से चालू किया जाएगा। अब थानों में पीड़ितों की रिपोर्ट दर्ज कराने में कम दिक्कत होती है। यूपी में एफआईआर दर्ज होने में 18 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। थानों में देश भक्ति गीत बजाए जाएंगे। थानों में दिन भर होने वाली कार्रवाई की वाट्सएप के माध्यम से रिपोर्ट देने के सभी एसओ को निर्देश दिया गया है।
आईजी आलोक सिंह ने कहा कि बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम में रहने वाली संवासिनियों का नाम पता पूछने के बाद उनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। बाबा के खिलाफ 1998 में जो मुकदमे दर्ज हुए थे और आरोप पत्र दाखिल किए गए थे। उन मुकदमों की क्या प्रगति है, इसकी रिपोर्ट न्यायालय खुलने के बाद एकत्र की जाएगी।
विधायक सुशील शाक्य, विधायक नागेंद्र सिंह राठौर, नगर पालिका सदर अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल, शमसाबाद नगर पंचायत अध्यक्ष पुत्र भाजपा नेता विजय गुप्ता ने आईजी से पुलिस लाइन सभागार में वार्ता की। विजय गुप्ता ने कासिमपुर तराई में पुलिस चौकी बनवाने की मांग की।
कमालगंज। आईजी आलोक कुमार ने कानपुर वापस जाते समय कमालगंज थाने का निरीक्षण किया। आईजी के पहुंचने पर थाने में गार्ड आफ आनर दिया गया। आईजी ने बैरक, हवालात, रसाईघर, शस्त्रागार, शौचालय देखा। खाना बनाने वाले फालोवर के नाखून और बाल देखे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने रेलवे तिराहे पर पिकेट न लगने की शिकायत की। आईजी ने दो पुलिस कर्मी पिकेट पर लगाने के निर्देश दिए। इस दौरान एसपी मृगेंद्र सिंह, एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ शकील अहमद, एसओ प्रदीप सिंह, विधायक नागेंद्र सिंह राठौर, सतीश चंद्र दुबे, रवि दुबे, प्रदीप दुबे, डा. अनवर मिर्जा, डा. देवदत्त राजपूत, प्रभाशंकर औदिच्य मौजूद रहे।