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Farrukhabad News: कायमगंज पुलिस ने पांच पकड़े, दो छोड़े, तीन से पूछताछ
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फर्रुखाबाद/कायमगंज। कासगंज-कानपुर रेलमार्ग पर लकड़ी का लट्ठा डालकर ट्रेन को बेपटरी करने की साजिश के मामले में कायमगंज पुलिस ने पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया। दो को छोड़ दिया, जबकि तीन अन्य से पूछताछ चल रही है। रेलवे सीआईबी अफसर सादा लिबास में गांवों में काम कर रहे हैं। पेड़ मालिक के बेटे से भी जानकारी ली। अधिकारी इस मामले में ढिलाई बरतना नहीं चाह रहे हैं।
कासगंज से फर्रुखाबाद जा रही स्पेशल पैसेंजर ट्रेन (05389) के सामने शुक्रवार रात करीब सवा 11 बजे भटासा हाल्ट से निकलते ही किमी संख्या 160 के पास पटरी पर एक लकड़ी का मोटा लट्ठा रखकर बेपटरी करने की कोशिश की गई थी। सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलपथ जहीर अहमद ने कायमगंज कोतवाली में अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कराया था। थाना पुलिस ने क्षेत्र के गांव अरियारा निवासी तीन और तुर्कललइया के दो संदिग्धों को हिरासत में लिया।
पूछताछ के बाद पेड़ मालिक के पुत्र समेत दो को छोड़ दिया, जबकि तीन अन्य से गहन पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश में दबिश दी जा रही हैं। इज्जतनगर से रेलवे की क्राइम इंटेलीजेंस ब्रांच (सीआईबी) के इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र, सतेंद्र प्रताप सिंह आदि अफसरों संग डेरा डाले हैं। उन्होंने भी संदिग्धों से पूछताछ की। सीआईबी के अधिकारी सादे लिबास में गुप्तचर बनकर गांवों का जायजा ले रहे हैं। रेलवे के अधिकारी और पुलिस इस पूरे मामले में किसी तरह की ढिलाई बरतना नहीं चाह रही है। पुलिस की नजर ऐसे लोगों पर है, जो शराब के शौकीन शरारती किस्म के हैं। हालांकि थाना पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
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आरपीएफ ने यात्रियों को खतरे में डालने व संचालन में बाधा का मुकदमा लिखा
फर्रुखाबाद। कासगंज से कानपुर आ रही पैसेंजर ट्रेन को बेपटरी करने के मकसद से पटरी पर लकड़ी का लट्ठा रखने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) थाने में भी मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें यात्रियों को खतरे में डालने और संचालन में बाधा उत्पन्न करने की धाराएं लगाई गई हैं। इसकी जांच कन्नौज आरपीएफ इंस्पेक्टर को सौंपी गई है। जांच अधिकारी भी टीम के साथ कई गांवों में संदिग्धों पर कड़ी नजर रखे हैं।
आरपीएफ थाने में इरादतन कार्य या चूक से रेल यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने की धारा 153 और ट्रेन के संचालन में बाधा डालने की धारा 174ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरपीएफ के अफसरों ने इस मुकदमे की जांच कन्नौज थाने के इंस्पेक्टर ओपी मीना को दी है। इंस्पेक्टर ओपी मीना साथियों संग जांच मिलने के बाद से घटनास्थल पर डटे हुए हैं। आरपीएफ के अधिकारी आसपास के कई गांवों में संदिग्धों पर नजर रखे हैं।
इंस्पेक्टर ओपी मीना ने बताया कि वह मामले की जांच कर रहे हैं। कुछ संदिग्ध हाथ लगे हैं। मामला सिविल पुलिस देख रही है। कायमगंज थाना पुलिस पूरे मामले का शीघ्र खुलासा करेगी। उनके स्तर से विभागीय कार्रवाई की जा रही है। रेल और रेल यात्रियों को नुकसान पहुंचाने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।
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कासगंज से फर्रुखाबाद जा रही स्पेशल पैसेंजर ट्रेन (05389) के सामने शुक्रवार रात करीब सवा 11 बजे भटासा हाल्ट से निकलते ही किमी संख्या 160 के पास पटरी पर एक लकड़ी का मोटा लट्ठा रखकर बेपटरी करने की कोशिश की गई थी। सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलपथ जहीर अहमद ने कायमगंज कोतवाली में अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कराया था। थाना पुलिस ने क्षेत्र के गांव अरियारा निवासी तीन और तुर्कललइया के दो संदिग्धों को हिरासत में लिया।
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पूछताछ के बाद पेड़ मालिक के पुत्र समेत दो को छोड़ दिया, जबकि तीन अन्य से गहन पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश में दबिश दी जा रही हैं। इज्जतनगर से रेलवे की क्राइम इंटेलीजेंस ब्रांच (सीआईबी) के इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र, सतेंद्र प्रताप सिंह आदि अफसरों संग डेरा डाले हैं। उन्होंने भी संदिग्धों से पूछताछ की। सीआईबी के अधिकारी सादे लिबास में गुप्तचर बनकर गांवों का जायजा ले रहे हैं। रेलवे के अधिकारी और पुलिस इस पूरे मामले में किसी तरह की ढिलाई बरतना नहीं चाह रही है। पुलिस की नजर ऐसे लोगों पर है, जो शराब के शौकीन शरारती किस्म के हैं। हालांकि थाना पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
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आरपीएफ ने यात्रियों को खतरे में डालने व संचालन में बाधा का मुकदमा लिखा
फर्रुखाबाद। कासगंज से कानपुर आ रही पैसेंजर ट्रेन को बेपटरी करने के मकसद से पटरी पर लकड़ी का लट्ठा रखने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) थाने में भी मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें यात्रियों को खतरे में डालने और संचालन में बाधा उत्पन्न करने की धाराएं लगाई गई हैं। इसकी जांच कन्नौज आरपीएफ इंस्पेक्टर को सौंपी गई है। जांच अधिकारी भी टीम के साथ कई गांवों में संदिग्धों पर कड़ी नजर रखे हैं।
आरपीएफ थाने में इरादतन कार्य या चूक से रेल यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने की धारा 153 और ट्रेन के संचालन में बाधा डालने की धारा 174ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरपीएफ के अफसरों ने इस मुकदमे की जांच कन्नौज थाने के इंस्पेक्टर ओपी मीना को दी है। इंस्पेक्टर ओपी मीना साथियों संग जांच मिलने के बाद से घटनास्थल पर डटे हुए हैं। आरपीएफ के अधिकारी आसपास के कई गांवों में संदिग्धों पर नजर रखे हैं।
इंस्पेक्टर ओपी मीना ने बताया कि वह मामले की जांच कर रहे हैं। कुछ संदिग्ध हाथ लगे हैं। मामला सिविल पुलिस देख रही है। कायमगंज थाना पुलिस पूरे मामले का शीघ्र खुलासा करेगी। उनके स्तर से विभागीय कार्रवाई की जा रही है। रेल और रेल यात्रियों को नुकसान पहुंचाने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।