{"_id":"574c91734f1c1b7d28109c0b","slug":"kasturba-schools-flaws-same-flaws","type":"story","status":"publish","title_hn":"बॉ विद्यालयों में खामियां ही खामियां ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बॉ विद्यालयों में खामियां ही खामियां
अमर उजाला ब्यूरो फर्रुखाबाद
Updated Tue, 31 May 2016 12:46 AM IST
विज्ञापन
बभनी के बरवे प्राथमिक विद्यालय पर गिरा पेड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कमालगंज का बीएसए ने औचक निरीक्षण किया। उनको बच्चों की संख्या कम मिली और बिजली कनेक्शन भी नहीं था। उधर, शमसाबाद बॉ विद्यालय का डीसी बालिका ने निरीक्षण किया। वहां तख्त और फर्श टूटे होने के साथ शौचालयों के नलों की टोटियां भी टूटी मिलीं।
सोमवार को जिला बेसिक शिक्षाधिकारी संदीप चौधरी बॉ विद्यालय कमालगंज पहुंचे। वहां उन्हें 97 में से मात्र 11 छात्राएं ही मौजूद मिलीं। पूछने पर बच्चों ने बताया कि उन्हें सुबह नाश्ते में दूध और केला दिया गया था। भोजन मेन्यू के अनुसार मिला। फुलटाइम टीचर श्रुति सक्सेना अवकाश पर थीं।
विद्यालय में न आरओ लगा था और न ही कंप्यूटर। कंप्यूटर टीचर भी नदारद थीं। विद्युत कनेक्शन नहीं पाया गया। उन्होंने प्रभारी वार्डन रंजना यादव को शौचालय में फिनायल प्रयोग करने और विद्यालय की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। इस दौरार बीएसए से कर्मचारियों ने दो माह का मानदेय न मिलने की शिकायत की।
विज्ञापन
उधर, डीसी बालिका ऋचा यादव ने बॉ विद्यालय शमसाबाद का निरीक्षण किया। वहां 92 में 80 छात्राएं पाई गईं। विद्यालय में 16 तख्त, फर्श और टोटियां टूटी मिलीं। शौचालय की छतों में सीलन थी। विद्यालय में 22 मई से बिजली नहीं आ रही है।
बताया गया कि आंधी के दौरान तार टूटने से यह समस्या है। इसके चलते बच्चियां हैंडपंप से पानी भरने को मजबूर हैं। उन्होंने विद्यालय की खस्ता हालत देख वार्डन भावना गंगवार को हालत सुधारने के निर्देश दिए। डीसी बालिका ऋचा यादव ने बताया जांच रिपोर्ट बीएसए को देंगी।
विज्ञापन
सोमवार को जिला बेसिक शिक्षाधिकारी संदीप चौधरी बॉ विद्यालय कमालगंज पहुंचे। वहां उन्हें 97 में से मात्र 11 छात्राएं ही मौजूद मिलीं। पूछने पर बच्चों ने बताया कि उन्हें सुबह नाश्ते में दूध और केला दिया गया था। भोजन मेन्यू के अनुसार मिला। फुलटाइम टीचर श्रुति सक्सेना अवकाश पर थीं।
विज्ञापन
विद्यालय में न आरओ लगा था और न ही कंप्यूटर। कंप्यूटर टीचर भी नदारद थीं। विद्युत कनेक्शन नहीं पाया गया। उन्होंने प्रभारी वार्डन रंजना यादव को शौचालय में फिनायल प्रयोग करने और विद्यालय की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। इस दौरार बीएसए से कर्मचारियों ने दो माह का मानदेय न मिलने की शिकायत की।
विज्ञापन
उधर, डीसी बालिका ऋचा यादव ने बॉ विद्यालय शमसाबाद का निरीक्षण किया। वहां 92 में 80 छात्राएं पाई गईं। विद्यालय में 16 तख्त, फर्श और टोटियां टूटी मिलीं। शौचालय की छतों में सीलन थी। विद्यालय में 22 मई से बिजली नहीं आ रही है।
बताया गया कि आंधी के दौरान तार टूटने से यह समस्या है। इसके चलते बच्चियां हैंडपंप से पानी भरने को मजबूर हैं। उन्होंने विद्यालय की खस्ता हालत देख वार्डन भावना गंगवार को हालत सुधारने के निर्देश दिए। डीसी बालिका ऋचा यादव ने बताया जांच रिपोर्ट बीएसए को देंगी।