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महिला की मौत के मामले में अस्पताल बंद कराने की मांग
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फर्रुखाबाद। मसेनी चौराहे पर स्थित निजी अस्पताल में गलत आपरेशन से महिला की मौत के मामले में गुरुवार को परिजनों ने डीएम और एसपी से शिकायत की। अफसरों से अस्पताल बंद कराने की मांग की। इसके अलावा धमकी देने के मामले में डॉक्टरों सहित तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
शहर कोतवाली के गांव चांदपुर निवासी रवि कुमार ने डीएम और एसपी से शिकायत की कि आठ दिसंबर को वह मां राजेश्वरी (45) को मसेनी चौराहा स्थित निजी अस्पताल में दिखाने गए थे। उन्हें पित्त की थैली में पथरी की शिकायत थी। अस्पताल में मौजूद कथित तीन डॉक्टरों ने बिना जांच कहा कि आपरेशन होगा और भर्ती करा लिया। पिता संतराम ने 40 हजार रुपये जमा कराकर आपरेशन कराया। इसके बाद डॉक्टर ने 10 हजार रुपये और जमा कराए। गलत आपरेशन से मां राजेश्वरी की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। इस पर और रुपये की मांग की गई।
गरीबी के चलते असमर्थता जताने पर डॉक्टर ने गालीगलौज कर रुपये जमा न करने पर जान से मारने की धमकी दी। 15 दिसंबर को गंभीर हालत में मां राजेश्वरी को अस्पताल से निकाल दिया। दूसरे अस्पताल में लेकर गए तो वहां डॉक्टर ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। कानपुर में भी इलाज न मिलने पर लखनऊ ले गए। वहां डॉक्टर ने कहा कि अब इन्हें नहीं बचाया जा सकता है।
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आखिरकार वापस घर लाते समय मां ने दम तोड़ दिया। 20 दिसंबर को शव का पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दी गई। रवि ने लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले अस्पताल बंद कराने के साथ ही संचालक और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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शहर कोतवाली के गांव चांदपुर निवासी रवि कुमार ने डीएम और एसपी से शिकायत की कि आठ दिसंबर को वह मां राजेश्वरी (45) को मसेनी चौराहा स्थित निजी अस्पताल में दिखाने गए थे। उन्हें पित्त की थैली में पथरी की शिकायत थी। अस्पताल में मौजूद कथित तीन डॉक्टरों ने बिना जांच कहा कि आपरेशन होगा और भर्ती करा लिया। पिता संतराम ने 40 हजार रुपये जमा कराकर आपरेशन कराया। इसके बाद डॉक्टर ने 10 हजार रुपये और जमा कराए। गलत आपरेशन से मां राजेश्वरी की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। इस पर और रुपये की मांग की गई।
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गरीबी के चलते असमर्थता जताने पर डॉक्टर ने गालीगलौज कर रुपये जमा न करने पर जान से मारने की धमकी दी। 15 दिसंबर को गंभीर हालत में मां राजेश्वरी को अस्पताल से निकाल दिया। दूसरे अस्पताल में लेकर गए तो वहां डॉक्टर ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। कानपुर में भी इलाज न मिलने पर लखनऊ ले गए। वहां डॉक्टर ने कहा कि अब इन्हें नहीं बचाया जा सकता है।
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आखिरकार वापस घर लाते समय मां ने दम तोड़ दिया। 20 दिसंबर को शव का पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दी गई। रवि ने लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले अस्पताल बंद कराने के साथ ही संचालक और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।