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अति कुपोषित बच्चों का पोषण पुनर्वास ःअपनों ने ही छोड़ दिया राम भरोसे

Mon, 01 Jun 2015 11:21 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Mon, 01 Jun 2015 11:21 PM IST
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Highly nutritional rehabilitation of malnourished children left the Ram trust owns
अपनों को ही नौनिहालों की जिंदगी क ी परवाह नहीं है। अति कुपोषित बच्चों को
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लोहिया अस्पताल केे पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी ) में भर्ती कराना इन्हें बोझ लगता है। यहां मुफ्त इलाज, खाने के साथ ही आने जाने का किराया भी दिया जाता है। इस समय जिले में 978 बच्चे अतिकुपोषित हैं। इनमें से 12 का इलाज हो रहा है।

सूबे की सरकार बच्चों के पोषण के लिए खासी संजीदा है। जिले के सभी गांव अधिकारियों ने गोद लिए हैं। मकसद अति कुपोषित बच्चों का पोषण पुनर्वास है। इसमें अभिभावक ही दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। डीएम के गोद लिए गांव बिराहिमपुर की अतिकुपोषित बच्ची रवीना को 23 मई को पुलिस बुलाकर एनआरसी में भर्ती कराया गया था। रवीना के परिजन उसे भर्ती कराने के ही पक्ष में नहीं थे। ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।

एनआरसी में पहली बार में भर्ती बच्चों को कम से कम 21 दिन रखा जाता है। छुट्टी के बाद 15-15 दिन के अंतराल पर चार बार बुलाया जाता है। हाल यह है कि पहले फालोअप में ही अभिभावक बच्चों को लेकर नहीं आते हैं। इसकी गवाही पुनर्वास केंद्र के  आंकड़े ही दे देते हैं। मार्च में केंद्र पर 17 बच्चे भर्ती कराए गए थे। इनमें से 7 बच्चे फ ालोअप लेने नहीं आए। अप्रैल में तीन बच्चों ने फालोअप नहीं लिया। इस महीने 23 बच्चे भर्ती कराए गए थे। इनमें से 20 बच्चों ने ही फालोअप लिया।

एनआरसी प्रभारी डा. विवेक सक्सेना ने बताया कि बच्चों की छुट्टी हो जाने पर फालोअप का क ाम आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्री का होता है। इनके दिलचस्पी न लेने से फालोअप नहीं हो पा रहा है। बताया कि इन मरीजों में से मोहम्मदाबाद के गांव पट्टीखुर्द निवासी इंदु पुत्री संजीव दोबारा से भर्ती हुई हैं।

अप्रैल में बच्चों में कुपोषण की स्थिति
ब्लाक      अतिकुपोषित
 बढ़पुर             57
कायमगंज          99
कमालगंज         15

मोहम्मदाबाद       53
नवाबगंज          10
राजेपुर             10
शमसाबाद         21
फर्रुखाबाद शहर   713

दो माह में एनआरसी में भर्ती बच्चे
मार्च    
कुल भर्ती बच्चे            17
फालोअप लेने वाले    12
छुट्टी के बाद नहीं आए    7 बच्चे

अप्रैल
कुल भर्ती बच्चे         23
फालोअप लेने वाले बच्चे     20
छुट्टीे के बाद नहीं आए        3 बच्चे

मार्च में इन्होंने नहीं लिया फालोअप
दीपांजलि  पुत्री अनिल निवासी महलई मऊदरवाजा
सत्यम पुत्र विमलेश निवासी नवाबगंज
निहाल पुत्र मनोज निवासी खिमसेपुर मोहम्मदाबाद
शबनम पुत्री रामसरन निवासी पपियापुर फर्रुखाबाद
दुर्गा पुत्री रामसरन निवासी पपियापुर फर्रुखाबाद

अप्रैल में फालोअप लेने नहीं आए
अमन पुत्र नफीस निवासी गढ़ी कोहना
गुड़िया पुत्री महेश निवासी गढ़ी कोहना
सुब्रत पुत्र विपिन निवासी खानपुर

एनआरसी में स्टाफ की स्थिति
 संख्या          तैनाती         है/ नहीं
डाक्टर            एक           मौजूद
स्टाफ नर्स         चार          दो मौजूद
केयर टेकर          एक           मौजूद
न्यूट्रीशियन          एक            मौजूद
कुक                 एक            मौजूद
सफाई कर्मी          एक             नहीं

अति कुपोषित रवीना की हालत में सुधार होने लगा है। एक माह में बच्ची की हालत सुधरने की चिकित्सकों को पूरी उम्मीद है। कायमगंज के गांव बलीपुर गढ़ी ब्राहिमपुर निवासी विजय की आठ माह की बेटी रवीना को 23 मई को एसडीएम के आदेश पर पुलिस ने लोहिया अस्पताल के एनआरसी वार्ड में दोपहर को भर्ती कराया था। इस गांव को डीएम एनकेएस चौहान ने गोद लिया है।  बच्ची का वजन 2 किलो 540 ग्राम था। चार दिन के इलाज में रवीना का वजन  2 किलो 705 ग्राम हो गया। डाक्टर विवेक सक्सेना ने बताया कि बच्ची की हालत में सुधार के लिए एक महीना लग जाएगा।
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