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Farrukhabad News: हेल्थ वेलनेस सेंटर खानपुर में ताला तो अमेठी में ढूंढे नहीं मिला
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फर्रुखाबाद। सीएमओ ने शहर से सटे गांव में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का निरीक्षण किया। गांव खानपुर के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में ताला जड़ा था, जबकि गांव अमेठी में ढूंढे ही नहीं मिला। इससे व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। सीएमओ ने सीएचओ के साथ डीपीएम व डीसीपीएम का भी वेतन रोक दिया है।
जनपद में 165 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं। इन पर तैनात सीएचओ व एएनएम मनमानी ड्यूटी कर रहे हैं। इसका हर माह अलग से हिसाब होता है। इससे अधिकांश सेंटरों पर निर्धारित 14 प्रकार की जांच के पूरे इंतजाम ही नहीं हैं। शनिवार को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर आयुष्मान भव: कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य मेला लग रहा है। इसके बावजूद बदहाली बरकरार है।
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार, एसीएमओ डॉ.मलिक आलमगीर के साथ शहर के सटे गांव खानपुर स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे। वहां ताला जड़ा मिला। सीएचओ व एएनएम भी गायब थीं। इसके बाद वह अमेठी सेंटर देखने गए तो वह ढूंढे ही नहीं मिला। इससे सीएमओ का पारा चढ़ गया। कार्यालय पहुंचते ही उन्होंने डीसीपीएम रणविजय प्रताप सिंह को तलब कर लिया। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की बदहाली को लेकर जमकर फटकार लगाई। कहा कि कुर्सी पर बैठकर नौकरी चल रही है। क्षेत्र में कोई भ्रमण करता ही नहीं।
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सीएमओ ने बताया कि अनुपस्थित सीएचओ अर्चना श्रीवास्तव, डीपीएम कंचन बाला व डीसीपीएम रणविजय प्रताप का काम में लापरवाही पर वेतन रोक दिया गया। स्पष्टीकरण तलब किया है।
वाहन को लेकर हुई नोकझोंक
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार डीसीपीएम रणविजय प्रताप सिंह से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का भ्रमण न करने पर नाराजगी जता रहे थे। इस पर डीसीपीएम ने जवाब दिया कि उनके पास वाहन ही नहीं है। सीएमओ ने कहा कि डीपीएम को वाहन दिया गया है, उसी से निरीक्षण करो। इस पर डीसीपीएम बोले कई बार लिखित रूप से वाहन मांगा, लेकिन नहीं मिला। इसको लेकर दोनों में नोकझोंक हो गई। इससे सीएमओ ने कड़ा रुख अपना लिया। कहा कि सभी के कारनामों की जानकारी उन्हें रहती है। इस तरह नौकरी चल नहीं पाएगी।
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जनपद में 165 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं। इन पर तैनात सीएचओ व एएनएम मनमानी ड्यूटी कर रहे हैं। इसका हर माह अलग से हिसाब होता है। इससे अधिकांश सेंटरों पर निर्धारित 14 प्रकार की जांच के पूरे इंतजाम ही नहीं हैं। शनिवार को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर आयुष्मान भव: कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य मेला लग रहा है। इसके बावजूद बदहाली बरकरार है।
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सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार, एसीएमओ डॉ.मलिक आलमगीर के साथ शहर के सटे गांव खानपुर स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे। वहां ताला जड़ा मिला। सीएचओ व एएनएम भी गायब थीं। इसके बाद वह अमेठी सेंटर देखने गए तो वह ढूंढे ही नहीं मिला। इससे सीएमओ का पारा चढ़ गया। कार्यालय पहुंचते ही उन्होंने डीसीपीएम रणविजय प्रताप सिंह को तलब कर लिया। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की बदहाली को लेकर जमकर फटकार लगाई। कहा कि कुर्सी पर बैठकर नौकरी चल रही है। क्षेत्र में कोई भ्रमण करता ही नहीं।
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सीएमओ ने बताया कि अनुपस्थित सीएचओ अर्चना श्रीवास्तव, डीपीएम कंचन बाला व डीसीपीएम रणविजय प्रताप का काम में लापरवाही पर वेतन रोक दिया गया। स्पष्टीकरण तलब किया है।
वाहन को लेकर हुई नोकझोंक
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार डीसीपीएम रणविजय प्रताप सिंह से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का भ्रमण न करने पर नाराजगी जता रहे थे। इस पर डीसीपीएम ने जवाब दिया कि उनके पास वाहन ही नहीं है। सीएमओ ने कहा कि डीपीएम को वाहन दिया गया है, उसी से निरीक्षण करो। इस पर डीसीपीएम बोले कई बार लिखित रूप से वाहन मांगा, लेकिन नहीं मिला। इसको लेकर दोनों में नोकझोंक हो गई। इससे सीएमओ ने कड़ा रुख अपना लिया। कहा कि सभी के कारनामों की जानकारी उन्हें रहती है। इस तरह नौकरी चल नहीं पाएगी।