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गांवों से पानी निकला, बीमारियां फैलीं
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ांचाल घाट पर गंगा जलस्तर दर्शाता पैमाना। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर घटकर चेतावनी बिंदु के पास पहुंच गया है। चेतावनी बिंदु 136.60 है और जलस्तर 136.55 मीटर पर पहुंच गया है। दूसरी ओर, गांवों में भरा पानी निकल रहा है।
इससे वहां भी बीमारियां फैलने लगी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें नहीं पहुंच रही हैं।
गंगा का जलस्तर लगातार तीन दिन से कम हो रहा है। बुधवार को गंगा में नरौरा बांध से 81 हजार 336 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गांव से पानी निकलने से सड़ी घास आदि से बदबू उठने लगी है।
इससे गांवों के लोग परेशान हैं। वहीं हरसिंहपुर कायस्थ, सैदापुर, सुंदरपुर, कछुआ गाड़ा, रामप्रसाद नगला, जोगराजपुर, कालिका नगला में जुकाम, बुखार, खासी व खुजली से लोग पीड़ित हैं।
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गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें न पहुंचने से लोग झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते में पानी भरा होने से अस्पताल से दवा लेने नहीं जा पा रहे हैं।
यदि कुछ दिन स्वास्थ्य विभाग ने और अनदेखी तो बाढ़ प्रभावित इलाकों में महामारी फैल सकती है।
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इससे वहां भी बीमारियां फैलने लगी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें नहीं पहुंच रही हैं।
गंगा का जलस्तर लगातार तीन दिन से कम हो रहा है। बुधवार को गंगा में नरौरा बांध से 81 हजार 336 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गांव से पानी निकलने से सड़ी घास आदि से बदबू उठने लगी है।
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इससे गांवों के लोग परेशान हैं। वहीं हरसिंहपुर कायस्थ, सैदापुर, सुंदरपुर, कछुआ गाड़ा, रामप्रसाद नगला, जोगराजपुर, कालिका नगला में जुकाम, बुखार, खासी व खुजली से लोग पीड़ित हैं।
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गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें न पहुंचने से लोग झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते में पानी भरा होने से अस्पताल से दवा लेने नहीं जा पा रहे हैं।
यदि कुछ दिन स्वास्थ्य विभाग ने और अनदेखी तो बाढ़ प्रभावित इलाकों में महामारी फैल सकती है।