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अफसर नींद से जागे, गोशाला की ओर भागे
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द्विरान गढ़िया स्थित कान्हा गोशाला में जेसीबी से ठीक की जा रही मिट्टी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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कमालगंज। चार गोवंशों की मौत के बाद अधिकारियों की नींद टूटी और मंगलवार को पूरी टीम के साथ गोशाला पहुंचे। आनन-फानन कीचड़ व दलदल वाले स्थानों पर मिट्टी डलवाकर उसे सुखाया गया और बीमार गोवंशों को भी इलाज उपलब्द कराया गया।
बता दें कि दिवरान गढ़िया गांव के पास स्थित नगर पंचायत की कान्हा गोशाला में ठंड की चपेट में आकर सोमवार को चार गोवंशों की मौत हो गई थी। जबकि 6 गोवंश बीमार पड़े हैं। इसका समाचार मंगलवार को अमर उजाला में प्रकाशित होने पर अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया। मंगलवार की सुबह ही अधिशासी अधिकारी मुन्ना कुमार, गोशाला प्रभारी उदय प्रताप के साथ गोशाला पहुंचे। उन्होंने जेसीबी व दो ट्रैक्टर-ट्राली से गोबर के दलदल वाले स्थान पर सूखी मिट्टी डलवाना शुरू किया। कर्मचारियों को लगाकर नाद आदि स्थानों की भी साफ-सफाई कराई गई। दोपहर को पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश चंद्र शाक्य, फार्मासिस्ट अमर सिंह व पशु मित्र मुकेश भी गोशाला पहुंचे।
उन्होंने बीमार गोवंशों का इलाज किया। देर शाम तक गोशाला में मिट्टी पड़ने का कार्य जारी रहा। ठंड से बचाव को चारों ओर पॉलिथीन लगाई गई। डॉ. रमेश चंद्र शाक्य ने बताया कि ठंड से कुछ गोवंशों के शरीर का तापमान कम हो गया था। इन्हें दवा दी गई है। गोशाला में 200 गोवंशों की क्षमता है। इस समय करीब 295 गोवंश मौजूद हैं। इससे गोवंशों को पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। ईओ मुन्ना कुमार ने बताया कि सुबह से ही गोशाला मिट्टी डलवाने का काम जारी है।
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बता दें कि दिवरान गढ़िया गांव के पास स्थित नगर पंचायत की कान्हा गोशाला में ठंड की चपेट में आकर सोमवार को चार गोवंशों की मौत हो गई थी। जबकि 6 गोवंश बीमार पड़े हैं। इसका समाचार मंगलवार को अमर उजाला में प्रकाशित होने पर अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया। मंगलवार की सुबह ही अधिशासी अधिकारी मुन्ना कुमार, गोशाला प्रभारी उदय प्रताप के साथ गोशाला पहुंचे। उन्होंने जेसीबी व दो ट्रैक्टर-ट्राली से गोबर के दलदल वाले स्थान पर सूखी मिट्टी डलवाना शुरू किया। कर्मचारियों को लगाकर नाद आदि स्थानों की भी साफ-सफाई कराई गई। दोपहर को पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश चंद्र शाक्य, फार्मासिस्ट अमर सिंह व पशु मित्र मुकेश भी गोशाला पहुंचे।
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उन्होंने बीमार गोवंशों का इलाज किया। देर शाम तक गोशाला में मिट्टी पड़ने का कार्य जारी रहा। ठंड से बचाव को चारों ओर पॉलिथीन लगाई गई। डॉ. रमेश चंद्र शाक्य ने बताया कि ठंड से कुछ गोवंशों के शरीर का तापमान कम हो गया था। इन्हें दवा दी गई है। गोशाला में 200 गोवंशों की क्षमता है। इस समय करीब 295 गोवंश मौजूद हैं। इससे गोवंशों को पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। ईओ मुन्ना कुमार ने बताया कि सुबह से ही गोशाला मिट्टी डलवाने का काम जारी है।

गोशाला में गोवंश का इलाज करता पशु स्वास्थ्य कर्मी। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

18 जनवरी को प्रकाशित खबर। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
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