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शहर से लेकर गांव तक अन्ना गोवंश का आतंक
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गोशालाएं संचालित, फिर भी अन्ना गोवंश से राहत नहीं
फर्रुखाबाद/शमसाबाद। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक अन्ना गोवंश का आतंक है। धरपकड़ अभियान न चलाए जाने से सड़कों पर घूम रहे गोवंश राहगीरों के लिए मुसीबत बने हैं। वहीं खेतों में घुसकर किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। जिले में गोशालाएं होने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
जनपद में गोवंश के संरक्षण के लिए 24 गोशालाएं हैं। इनकी क्षमता 7000 गोवंश रखने की है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 5500 गोवंश रखे जा रहे हैं। हालात यह हैं के शहर में चौक, आवास विकास, फतेहगढ़ चौराहा, कचहरी रोड व आफीसर्स कालोनी में अन्ना गोवंश के झुंड घूम रहे हैं। कई बार तो ये सड़क पर ही बैठ जाते हैं। इससे राहगीरों व वाहन चालकों को निकलना मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही हाल है। शमसाबाद क्षेत्र के गांव रोशनाबाद, बैरमपुर, सुतहड़ी, अमलैया आशानंद, नगला नान, असगरपुर, कलुआपुर आदि गांवों के खेतों में कभी भी अन्ना गोवंश देखे जा सकते हैं।
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गोवंश के झुंड पहुंचकर फसलों को चौपट कर देते हैं। इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरने के साथ रोजी-रोटी का सहारा भी छिन रहा है। इन दिनों बाजरा की फसल खेतों में हैं। जहां तहां गोवंश इसे चरकर नष्ट कर रहे हैं। फसल बचाने के लिए किसानों को खेत में ही सोना पड़ता है।
जान पर भी बन आती है
सड़कों पर घूम रहे गोवंशों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से लोगों की जान पर भी बन रही है। अमृतपुर के गांव करनपुर दत्त निवासी रमेश चंद्र मिश्रा को दो दिन पहले ही सांड़ ने पटक दिया था। इससे उनकी मौत हो गई। पहले भी सांड़ कई लोगों को हमला कर घायल कर चुका है। परेशान ग्रामीण बीडीओ से लेकर डीएम तक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके अलावा मोहम्मदाबाद व कंपिल क्षेत्र में भी कई लोग सांड़ के हमलों से घायल हो चुके हैं।
अन्ना गोवंश को पकड़ने के लिए चलेगा अभियान
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजकिशोर सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर शहर में ईओ नगरपालिका ने आवारा गोवंश की धरपकड़ के लिए अभियान शुरू कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारियों को इसके लिए आदेश दिए गए हैं। अन्ना गोवंश की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जाएगा।
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फर्रुखाबाद/शमसाबाद। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक अन्ना गोवंश का आतंक है। धरपकड़ अभियान न चलाए जाने से सड़कों पर घूम रहे गोवंश राहगीरों के लिए मुसीबत बने हैं। वहीं खेतों में घुसकर किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। जिले में गोशालाएं होने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
जनपद में गोवंश के संरक्षण के लिए 24 गोशालाएं हैं। इनकी क्षमता 7000 गोवंश रखने की है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 5500 गोवंश रखे जा रहे हैं। हालात यह हैं के शहर में चौक, आवास विकास, फतेहगढ़ चौराहा, कचहरी रोड व आफीसर्स कालोनी में अन्ना गोवंश के झुंड घूम रहे हैं। कई बार तो ये सड़क पर ही बैठ जाते हैं। इससे राहगीरों व वाहन चालकों को निकलना मुश्किल हो जाता है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही हाल है। शमसाबाद क्षेत्र के गांव रोशनाबाद, बैरमपुर, सुतहड़ी, अमलैया आशानंद, नगला नान, असगरपुर, कलुआपुर आदि गांवों के खेतों में कभी भी अन्ना गोवंश देखे जा सकते हैं।
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गोवंश के झुंड पहुंचकर फसलों को चौपट कर देते हैं। इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरने के साथ रोजी-रोटी का सहारा भी छिन रहा है। इन दिनों बाजरा की फसल खेतों में हैं। जहां तहां गोवंश इसे चरकर नष्ट कर रहे हैं। फसल बचाने के लिए किसानों को खेत में ही सोना पड़ता है।
जान पर भी बन आती है
सड़कों पर घूम रहे गोवंशों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से लोगों की जान पर भी बन रही है। अमृतपुर के गांव करनपुर दत्त निवासी रमेश चंद्र मिश्रा को दो दिन पहले ही सांड़ ने पटक दिया था। इससे उनकी मौत हो गई। पहले भी सांड़ कई लोगों को हमला कर घायल कर चुका है। परेशान ग्रामीण बीडीओ से लेकर डीएम तक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके अलावा मोहम्मदाबाद व कंपिल क्षेत्र में भी कई लोग सांड़ के हमलों से घायल हो चुके हैं।
अन्ना गोवंश को पकड़ने के लिए चलेगा अभियान
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजकिशोर सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर शहर में ईओ नगरपालिका ने आवारा गोवंश की धरपकड़ के लिए अभियान शुरू कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारियों को इसके लिए आदेश दिए गए हैं। अन्ना गोवंश की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जाएगा।