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गबन में बिल्सड़ी की तत्कालीन प्रधान, जेई व सचिव फंसे
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फर्रुखाबाद। कायमगंज ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिल्सड़ी में कराए गए विकास कार्यों की जांच में लाखों का गबन मिला है। इसमें तत्कालीन प्रधान, जेई व सचिव दोषी पाए गए हैं। जिलाधिकारी ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब न मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने के साथ वसूली के आदेश दिए हैं।
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने ग्राम पंचायत बिल्सड़ी की तत्कालीन प्रधान ममता चतुर्वेदी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि गांव के रिंकू, रामतीर्थ, श्रीकृष्ण आदि की शिकायत पर कमेटी गठित कर 2016-17 से 2019-20 तक कराए गए विकास कार्यों की जांच कराई गई थी। जिसमें हैंडपंप मरम्मत, प्रशासनिक व्यय, सीसी रोड निर्माण, शौचालय, नाली, खड़ंजा निर्माण में प्रधान द्वारा चार लाख 79 हजार 840 रुपये के गबन की बात सामने आई है। जिलाधिकारी ने मामले में 15 दिन के अंदर साक्ष्यों के साथ स्पष्टीकरण तलब किया है।
साथ ही तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव अजय द्विवेदी हैंडपंप मरम्मत व शौचालय निर्माण में 40650 रुपये के गबन के दोषी पाए गए है। जबकि उनके बाद आए दूसरे सचिव कमल कुमार पर भी 26695 रुपये के दुरुपयोग का मामला मिला है। 15 दिन में जवाब न मिलने पर दोनों तत्कालीन सचिवों पर एफआईआर दर्ज कराकर वसूली का अल्टीमेटम दिया गया है। वहीं सीसी सड़क का अमानक निर्माण कराने में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
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जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने ग्राम पंचायत बिल्सड़ी की तत्कालीन प्रधान ममता चतुर्वेदी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि गांव के रिंकू, रामतीर्थ, श्रीकृष्ण आदि की शिकायत पर कमेटी गठित कर 2016-17 से 2019-20 तक कराए गए विकास कार्यों की जांच कराई गई थी। जिसमें हैंडपंप मरम्मत, प्रशासनिक व्यय, सीसी रोड निर्माण, शौचालय, नाली, खड़ंजा निर्माण में प्रधान द्वारा चार लाख 79 हजार 840 रुपये के गबन की बात सामने आई है। जिलाधिकारी ने मामले में 15 दिन के अंदर साक्ष्यों के साथ स्पष्टीकरण तलब किया है।
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साथ ही तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव अजय द्विवेदी हैंडपंप मरम्मत व शौचालय निर्माण में 40650 रुपये के गबन के दोषी पाए गए है। जबकि उनके बाद आए दूसरे सचिव कमल कुमार पर भी 26695 रुपये के दुरुपयोग का मामला मिला है। 15 दिन में जवाब न मिलने पर दोनों तत्कालीन सचिवों पर एफआईआर दर्ज कराकर वसूली का अल्टीमेटम दिया गया है। वहीं सीसी सड़क का अमानक निर्माण कराने में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
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