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फंस सकती है 2.18 लाख किसानों की सम्मान निधि
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फर्रुखाबाद। ई-केवाईसी न होने से जनपद के 2.18 लाख किसानों की अगले माह आने वाली सम्मान निधि फंस सकती है। पोर्टल में दिक्कत से फीडिंग में समस्या आ रही है। बिना ई-केवाईसी के किस्त जारी नहीं की जाएगी। हालांकि फीडिंग की अंतिम तिथि बढ़ाकर 22 मई कर दी गई है।
जनपद में कृषि विभाग के पोर्टल पर तीन लाख 10 हजार 348 किसानों का पंजीकरण है। किसान सम्मान निधि के लिए इनमें से 68,112 अपात्र पाए गए। जबकि दो लाख 42 हजार 236 किसान पात्र हैं। इनमें दो लाख 18 हजार किसानों को दिसंबर में सम्मान निधि की किस्त जारी की जा चुकी है। इन्हीं किसानों के खाते में अगले माह किस्त की धनराशि आने की संभावना है।
शेष बचे 24,236 किसानों में से 1900 का अभी डाटा संशोधित होना है, बाकी नये किसानों का डाटा फीड किया गया है। अगले माह सम्मान निधि की किस्त उन्हीं किसानों को जारी की जाएगी, जिनकी ई-केेवाईसी फीड हो चुकी है। खास बात तो यह है कि फीडिंग करने के लिए पोर्टल इतनी धीमी गति से चल रहा है कि एक आवेदन फीड करने में एक-एक घंटे से भी अधिक समय लग रहा है। इससे किसानों के साथ जन सुविधा केंद्र संचालक भी परेशान हैं।
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अपने मोबाइल से ऐसे करें फीडिंग
जिन किसानों को सम्मान निधि मिल रही है, उनका डाटा पहले से फीड है, लेकिन अगली किस्त पाने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। इसकी फीडिंग अपने मोबाइल पर भी की जा सकती है। इसके लिए मोबाइल या कंप्यूटर पर पीएमकिसान.जीओवी.इन पोर्टल खोलें। फिर होम पेज पर जाकर फार्मर कार्नर पर सबसे ऊपर ई-केवाईसी का विकल्प चुनें, जिसमें आधार का विकल्प खुलकर आएगा।
आधार नंबर डालने के साथ ही नीचे विकल्प में आधार से लिंक मोबाइल नंबर डालें। उसी मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। ओटीपी नंबर डालकर सबमिट करते ही किसान का ई-केवाईसी फीड हो जाएगा और वह सम्मान निधि पाने के हकदार बन जाएंगे।
जन सुविधा केंद्र का भी लें सकते सहयोग
उपकृषि निदेशक राजकुमार ने बताया कि जिन किसानों का आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, वह जन सुविधा केंद्र जाएं। वह मशीन पर अंगूठा लगाकर आधार से मोबाइल नंबर लिंक कराने के साथ ही ई-केवाईसी फीड करा सकते हैं। ई-केवाईसी फीडिंग के बाद ही केंद्र सरकार से किसान सम्मान निधि जारी की जाएगी। फीडिंग की अंतिम तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 22 मई कर दी गई है।
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जनपद में कृषि विभाग के पोर्टल पर तीन लाख 10 हजार 348 किसानों का पंजीकरण है। किसान सम्मान निधि के लिए इनमें से 68,112 अपात्र पाए गए। जबकि दो लाख 42 हजार 236 किसान पात्र हैं। इनमें दो लाख 18 हजार किसानों को दिसंबर में सम्मान निधि की किस्त जारी की जा चुकी है। इन्हीं किसानों के खाते में अगले माह किस्त की धनराशि आने की संभावना है।
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शेष बचे 24,236 किसानों में से 1900 का अभी डाटा संशोधित होना है, बाकी नये किसानों का डाटा फीड किया गया है। अगले माह सम्मान निधि की किस्त उन्हीं किसानों को जारी की जाएगी, जिनकी ई-केेवाईसी फीड हो चुकी है। खास बात तो यह है कि फीडिंग करने के लिए पोर्टल इतनी धीमी गति से चल रहा है कि एक आवेदन फीड करने में एक-एक घंटे से भी अधिक समय लग रहा है। इससे किसानों के साथ जन सुविधा केंद्र संचालक भी परेशान हैं।
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अपने मोबाइल से ऐसे करें फीडिंग
जिन किसानों को सम्मान निधि मिल रही है, उनका डाटा पहले से फीड है, लेकिन अगली किस्त पाने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। इसकी फीडिंग अपने मोबाइल पर भी की जा सकती है। इसके लिए मोबाइल या कंप्यूटर पर पीएमकिसान.जीओवी.इन पोर्टल खोलें। फिर होम पेज पर जाकर फार्मर कार्नर पर सबसे ऊपर ई-केवाईसी का विकल्प चुनें, जिसमें आधार का विकल्प खुलकर आएगा।
आधार नंबर डालने के साथ ही नीचे विकल्प में आधार से लिंक मोबाइल नंबर डालें। उसी मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। ओटीपी नंबर डालकर सबमिट करते ही किसान का ई-केवाईसी फीड हो जाएगा और वह सम्मान निधि पाने के हकदार बन जाएंगे।
जन सुविधा केंद्र का भी लें सकते सहयोग
उपकृषि निदेशक राजकुमार ने बताया कि जिन किसानों का आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, वह जन सुविधा केंद्र जाएं। वह मशीन पर अंगूठा लगाकर आधार से मोबाइल नंबर लिंक कराने के साथ ही ई-केवाईसी फीड करा सकते हैं। ई-केवाईसी फीडिंग के बाद ही केंद्र सरकार से किसान सम्मान निधि जारी की जाएगी। फीडिंग की अंतिम तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 22 मई कर दी गई है।