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Farrukhabad News: ढाईघाट पर बाढ़ में बहा दीं लाखों की एक्सपायरी दवाएं
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फर्रुखाबाद। शमसाबाद क्षेत्र के ढाईघाट पर गंगा की बाढ़ के पानी में लाखों रुपये कीमत की सरकारी एक्सपायरी दवाएं बहा दीं गईं। सांसद के छापे के डर से दूसरी सीएचसी में एक्सपायरी दवाओं का स्टॉक छिपाने का प्रयास किया गया। सीएमओ ने फार्मासिस्ट को नोटिस देकर एक्सपायरी स्टॉक का विवरण तलब करने के निर्देश दिए हैं।
सीएचसी बरौन में मंगलवार को भाजपा सांसद मुकेश राजपूत को एक्सपायरी दवाओं का बड़े स्तर पर भंडारण मिला था। इसकी जांच अभी चल रही है। चर्चा है कि इसी के बाद अन्य सीएचसी में भी एक्सपायरी दवाओं को छिपाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। इसके चलते बुधवार को ढाईघाट पर गंगा के बाढ़ के पानी में बड़े स्तर पर एक्सपायरी दवाएं बहा दी गईं। इसमें एंटी वायरल सीरप, ग्लूकोमीटर व स्टि्रप, क्लोरोट्रिमाजोल वैजिनल टैबलेट, वैक्सीन, इंजेक्शन व एजिथ्रोमाइसिन आदि जीवन रक्षक दवाएं शामिल हैं। इनकी कीमत लाखों में आंकी जा रही है।
बाढ़ के पानी में एक्सपायरी दवाओं का बड़ा स्टॉक फेंका गया है। यह एक्सपायरी दवाएं सीएचसी शमसाबाद की होने की आशंका जताई जा रही है। विदित है कि गत वर्ष तत्कालीन डीएम ने सीएचसी परिसर स्थित फार्मासिस्ट के सरकारी आवास में कालाबाजारी के लिए रखी दवाओं का बड़ा भंडारण पकड़ा था।
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तत्कालीन डीएम ने एसडीएम से जांच कराने के बाद यह दवाएं सील कराकर सीएमओ कार्यालय भिजवा दी थीं।
प्रभारी सीएमओ/एसीएमओ डॉ.रंजन गौतम ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। स्थानीय सीएचसी से एक्सपायरी दवा फेंके जाने की आशंका है। उन्होंने शमसाबाद सीएचसी प्रभारी को फार्मासिस्ट को नोटिस देकर एक्सपायरी दवाओं का विवरण मांगा है। मामले की जांच कराकर शीघ्र ही दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सीएचसी बरौन में मंगलवार को भाजपा सांसद मुकेश राजपूत को एक्सपायरी दवाओं का बड़े स्तर पर भंडारण मिला था। इसकी जांच अभी चल रही है। चर्चा है कि इसी के बाद अन्य सीएचसी में भी एक्सपायरी दवाओं को छिपाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। इसके चलते बुधवार को ढाईघाट पर गंगा के बाढ़ के पानी में बड़े स्तर पर एक्सपायरी दवाएं बहा दी गईं। इसमें एंटी वायरल सीरप, ग्लूकोमीटर व स्टि्रप, क्लोरोट्रिमाजोल वैजिनल टैबलेट, वैक्सीन, इंजेक्शन व एजिथ्रोमाइसिन आदि जीवन रक्षक दवाएं शामिल हैं। इनकी कीमत लाखों में आंकी जा रही है।
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बाढ़ के पानी में एक्सपायरी दवाओं का बड़ा स्टॉक फेंका गया है। यह एक्सपायरी दवाएं सीएचसी शमसाबाद की होने की आशंका जताई जा रही है। विदित है कि गत वर्ष तत्कालीन डीएम ने सीएचसी परिसर स्थित फार्मासिस्ट के सरकारी आवास में कालाबाजारी के लिए रखी दवाओं का बड़ा भंडारण पकड़ा था।
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तत्कालीन डीएम ने एसडीएम से जांच कराने के बाद यह दवाएं सील कराकर सीएमओ कार्यालय भिजवा दी थीं।
प्रभारी सीएमओ/एसीएमओ डॉ.रंजन गौतम ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। स्थानीय सीएचसी से एक्सपायरी दवा फेंके जाने की आशंका है। उन्होंने शमसाबाद सीएचसी प्रभारी को फार्मासिस्ट को नोटिस देकर एक्सपायरी दवाओं का विवरण मांगा है। मामले की जांच कराकर शीघ्र ही दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।