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Farrukhabad News: गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग न होने से 30 दिनों में आठ की गई जान
Sun, 09 Jun 2024 10:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 09 Jun 2024 10:48 PM IST
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फर्रुखाबाद। गंगा में बैरिकेडिंग न होने से पैंटून पुल के आसपास 30 दिन में डूबकर आठ लोगों की जान जा चुकी है। इनमें अधिकतर युवा शामिल हैं। हर चौथे दिन हो रही दुर्घटना के बावजूद प्रशासन सबक लेने की जरूरत नहीं समझता। भीषण गर्मी के चलते युवा ठंडक पाने की मंशा से मौजमस्ती करते गहरे पानी में समा रहे हैं।
कई दिन से भीषण गर्मी और जून की छुट्टी के चलते बड़ी संख्या में युवा दोस्तों के साथ गंगा में स्नान करने जा रहे हैं। गर्मी से राहत लेने की मंशा से खेल-खेल में मौजमस्ती करते हुए पैंटून पुल के आसपास आधी गंगा पार कर धार तक चले जाते हैं। पुल के बीच से तेजी से निकलती धार से बने गहरे कुंडों में लोग समा जाते हैं। इससे उनकी मौत हो रही है। स्थिति यह है कि करीब 30 दिन में आठ लोगों की गंगा में डूबकर मौत हो चुकी है, फिर भी प्रशासन सबक नहीं ले रहा है।
पिछली 10 मई को उत्तराखंड के चमोली निवासी संदीप राणा व उसके साथी दिव्यांशु, 13 मई को शहर के अंडियाना निवासी सत्यम दीक्षित (19), 21 मई को मोहम्मदाबाद के शिवाजीनगर निवासी प्रशांत राठौर उर्फ मोनू (18), 23 मई को शहर के मोहल्ला घेरशामू खां निवासी कैफ (17) की गंगा में डूबकर मौत हो गई थी। इसके अलावा 27 मई को राजेपुर के ग्राम बिलावलपुर निवासी टर्रा उर्फ अरुण, पांच जून को शहर से सटे ग्राम नरायनपुर का ऋतिक और छह जून को शाहजहांपुर के रेती निवासी राज त्रिवेदी (17) की डूबकर मौत हो गई थी। सभी घटनाएं पैंटून पुल पास ही हुई हैं।
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खतरनाक स्थान होने के बावजूद प्रशासन ने इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। पांचाल घाट चौकी प्रभारी अमित शर्मा का दावा है कि दो सिपाहियों की ड्यूटी पुल के पास लगाई गई है, जबकि वहां पुलिसकर्मी दिखाई नहीं देते।
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कई दिन से भीषण गर्मी और जून की छुट्टी के चलते बड़ी संख्या में युवा दोस्तों के साथ गंगा में स्नान करने जा रहे हैं। गर्मी से राहत लेने की मंशा से खेल-खेल में मौजमस्ती करते हुए पैंटून पुल के आसपास आधी गंगा पार कर धार तक चले जाते हैं। पुल के बीच से तेजी से निकलती धार से बने गहरे कुंडों में लोग समा जाते हैं। इससे उनकी मौत हो रही है। स्थिति यह है कि करीब 30 दिन में आठ लोगों की गंगा में डूबकर मौत हो चुकी है, फिर भी प्रशासन सबक नहीं ले रहा है।
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पिछली 10 मई को उत्तराखंड के चमोली निवासी संदीप राणा व उसके साथी दिव्यांशु, 13 मई को शहर के अंडियाना निवासी सत्यम दीक्षित (19), 21 मई को मोहम्मदाबाद के शिवाजीनगर निवासी प्रशांत राठौर उर्फ मोनू (18), 23 मई को शहर के मोहल्ला घेरशामू खां निवासी कैफ (17) की गंगा में डूबकर मौत हो गई थी। इसके अलावा 27 मई को राजेपुर के ग्राम बिलावलपुर निवासी टर्रा उर्फ अरुण, पांच जून को शहर से सटे ग्राम नरायनपुर का ऋतिक और छह जून को शाहजहांपुर के रेती निवासी राज त्रिवेदी (17) की डूबकर मौत हो गई थी। सभी घटनाएं पैंटून पुल पास ही हुई हैं।
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खतरनाक स्थान होने के बावजूद प्रशासन ने इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। पांचाल घाट चौकी प्रभारी अमित शर्मा का दावा है कि दो सिपाहियों की ड्यूटी पुल के पास लगाई गई है, जबकि वहां पुलिसकर्मी दिखाई नहीं देते।