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अधूरी रह गई बेटी की धूमधाम से शादी करने की हसरत
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गांव असगरपुर में मंडप दूल्हा दुल्हन।
- फोटो : FARRUKHABAD
बेटी की धूमधाम से शादी की हसरत अधूरी रह गई
शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। कोरोना के भय ने बेटी की धूमधाम से शादी करने की हसरत पूरी नहीं होने दी। नौ बाराती आए और सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए शादी की रस्में अदा की गईं।
गांव असगरपुर निवासी रामसागर पाल की पुत्री सुषमा की बारात रविवार शाम कन्नौज के गांव चित्रपुरवा से पहुंची। बारात में दो कारों से नौ लोग आए। दूल्हे लवी चंद्र के साथ सुषमा के विवाह की रस्में पूरी की गईं। भोर में सात फेरों के बाद विदाई कर दी गई। सुषमा की मां कमला देवी ने बताया कि उन्होंने बड़ी बेटी की शादी धूमधाम से की थी।
उनकी मंशा थी कि दूसरी की शादी भी पूरे शान से करेंगी, मगर यह हसरत पूरी न हो सकी। अब ज्यादा दिन तक बेटी की शादी रोक भी नहीं सकते थे, इसलिए चंद बारातियों की मौजूदगी में शादी के बाद बेटी की विदा कर दी।
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शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। कोरोना के भय ने बेटी की धूमधाम से शादी करने की हसरत पूरी नहीं होने दी। नौ बाराती आए और सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए शादी की रस्में अदा की गईं।
गांव असगरपुर निवासी रामसागर पाल की पुत्री सुषमा की बारात रविवार शाम कन्नौज के गांव चित्रपुरवा से पहुंची। बारात में दो कारों से नौ लोग आए। दूल्हे लवी चंद्र के साथ सुषमा के विवाह की रस्में पूरी की गईं। भोर में सात फेरों के बाद विदाई कर दी गई। सुषमा की मां कमला देवी ने बताया कि उन्होंने बड़ी बेटी की शादी धूमधाम से की थी।
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उनकी मंशा थी कि दूसरी की शादी भी पूरे शान से करेंगी, मगर यह हसरत पूरी न हो सकी। अब ज्यादा दिन तक बेटी की शादी रोक भी नहीं सकते थे, इसलिए चंद बारातियों की मौजूदगी में शादी के बाद बेटी की विदा कर दी।
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