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छात्र को अपहरण के बाद मरणासन्न कर खेत में फेंका
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संकिसा (फर्रुखाबाद)। घर से खेतों की ओर शौच को निकले छात्र का शुक्रवार रात अपहरण कर लिया गया। सूचना पर शनिवार को गांव में पुलिस पहुंचने के बाद घायल छात्र गेहूं के खेत में मरणासन्न हालत में पड़ा मिला। अर्द्धबेहोशी हालत में छात्र ने जीप से अपहरण किए जाने की जानकारी दी। उसकी गर्दन पर सूजन व रस्सी कसने के निशान व शरीर पर लोहे की रॉड से मारपीट के निशान थे। आरोपी गांव का ही होने की सूचना जताई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
क्षेत्र के गठवाया गांव निवासी दिवारीलाल का पुत्र मोनू कश्यप (14) शुक्रवार रात नौ बजे बघार की ओर शौच करने गया था। काफी देर तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने रात में ही उसकी खोजबीन शुरू कर दी। कुछ पता न चलने पर परिजनाें ने शनिवार सुबह घटना की सूचना पुलिस को दी। थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने गांव पहुंच कर जांच की। दोपहर बाद करीब 2.30 बजे गांव निवासी मंजू कश्यप गेहूं की फसल में सिंचाई करने खेत गया। वहां मोनू को बेहोशी की हालत में पड़ा देख उसने मोनू के परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजन घायल मोनू को उठा लाए।
मोनू ने अर्द्धबेहोशी हालत में बताया कि जीप सवार बदमाश अपहरण कर उसे गांव के पास बघार नाला से कायमगंज ले गए। वहां उसे लोहे की राड से मारापीटा और गला दबा दिया। इसके बाद उसे कुछ पता नहीं चला। मोनू के गले में रस्सी के निशान और काफी सूजन है। उसे बोलने में भी दिक्कत हो रही है। आशंका जताई गई है कि आरोपी गांव के ही हैं। मोनू को मरा समझकर उन्होंने उसे खेत में फेंक दिया गया। मां रामनंदिनी ने बताया कि जिस खेत में मोनू पड़ा मिला, कुछ देर पहले वहां खोजबीन की गई थी, लेकिन तब वह वहां नहीं था।
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पुलिस के गांव से जाने के बाद भय के कारण अपहरणकर्ता मोनू को गेहूं के खेत में फेंककर चले गए। परिजन घायल मोनू को इलाज के लिए फर्रुखाबाद ले गए। उसके होश में आने के बाद ही घटना की सही जानकारी हो सकेगी। अचरा चौकी प्रभारी भानुप्रताप ने बताया कि वह मौके पर गए थे। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। दिवारी लाल ने बताया कि मोनू उनके पांच बेटों में सबसे छोटा है। वह गांव के ही माध्यमिक विद्यालय में कक्षा सात का छात्र है। शनिवार को उसका कला का पेपर था।
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क्षेत्र के गठवाया गांव निवासी दिवारीलाल का पुत्र मोनू कश्यप (14) शुक्रवार रात नौ बजे बघार की ओर शौच करने गया था। काफी देर तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने रात में ही उसकी खोजबीन शुरू कर दी। कुछ पता न चलने पर परिजनाें ने शनिवार सुबह घटना की सूचना पुलिस को दी। थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने गांव पहुंच कर जांच की। दोपहर बाद करीब 2.30 बजे गांव निवासी मंजू कश्यप गेहूं की फसल में सिंचाई करने खेत गया। वहां मोनू को बेहोशी की हालत में पड़ा देख उसने मोनू के परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजन घायल मोनू को उठा लाए।
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मोनू ने अर्द्धबेहोशी हालत में बताया कि जीप सवार बदमाश अपहरण कर उसे गांव के पास बघार नाला से कायमगंज ले गए। वहां उसे लोहे की राड से मारापीटा और गला दबा दिया। इसके बाद उसे कुछ पता नहीं चला। मोनू के गले में रस्सी के निशान और काफी सूजन है। उसे बोलने में भी दिक्कत हो रही है। आशंका जताई गई है कि आरोपी गांव के ही हैं। मोनू को मरा समझकर उन्होंने उसे खेत में फेंक दिया गया। मां रामनंदिनी ने बताया कि जिस खेत में मोनू पड़ा मिला, कुछ देर पहले वहां खोजबीन की गई थी, लेकिन तब वह वहां नहीं था।
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पुलिस के गांव से जाने के बाद भय के कारण अपहरणकर्ता मोनू को गेहूं के खेत में फेंककर चले गए। परिजन घायल मोनू को इलाज के लिए फर्रुखाबाद ले गए। उसके होश में आने के बाद ही घटना की सही जानकारी हो सकेगी। अचरा चौकी प्रभारी भानुप्रताप ने बताया कि वह मौके पर गए थे। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। दिवारी लाल ने बताया कि मोनू उनके पांच बेटों में सबसे छोटा है। वह गांव के ही माध्यमिक विद्यालय में कक्षा सात का छात्र है। शनिवार को उसका कला का पेपर था।