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सहकारी समिति में चार फर्जी नियुक्तियों का जांच में हुआ खुलासा
Updated Thu, 23 Aug 2018 11:36 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जहानगंज (फर्रुखाबाद)। किसान सेवा सहकारी समिति जहानगंज में वर्ष 2014 और 2015 में चौकीदार के पदों पर चार नियुक्तियां फर्जी होने का खुलासा हुआ है। जांच अधिकारी ने समिति के पूर्व अध्यक्ष, सचिव और कोआपरेटिव बैंक के मैनेजर को दोषी पाया है। इसकी रिपोर्ट समिति के वर्तमान अध्यक्ष को दी गई है। उन्होंने कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को जांच रिपोर्ट भेजी है।
जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव दानमंडी निवासी अशोक दीक्षित किसान सेवा समिति जहानगंज में समिति के सदस्य हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को वर्ष 2014 व 2015 में हुई नियुक्तियों और गलत तरीके से सरकारी धन का भुगतान होने की शिकायत भेजी थी। इसमें कहा गया कि पूर्व अध्यक्ष राजेश वर्मा, समिति सचिव रघुनंदन यादव ने वर्ष 2014 में चौकीदार के पद पर तीन और वर्ष 2015 में एक व्यक्ति की चौकीदार के पद पर नियुक्ति नियम विरुद्ध की। इन नियुक्तियों में धन वसूला गया था। समिति परिसर में लगे हैंडपंप और समिति भवन की मरम्मत के नाम पर हजारों रुपये निकाल कर हड़प लिए। यात्रा भत्ता भी गलत तरीके से निकाला गया।
शिकायत पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता फर्रुखाबाद के अधिकारी पंकज कुमार श्रीवास्तव और कमालगंज ब्लाक के सहायक विकास अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह ने जांच की थी। जांच टीम ने वर्तमान समिति अध्यक्ष अर्चना कटियार को रिपोर्ट भेज दी है। इसमें सदस्य की शिकायतों की पुष्टि की गई है।
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जांच रिपोर्ट में कहा गया कि नियुक्तियों में विभागीय अधिकारी का अनुमोदन नहीं लिया गया। उनका वेतन प्रबंधक के खाते के चेक से किया गया। भुगतान के संबंध में सहायक विकास अधिकारी, अपर जिला सहकारी अधिकारी को भी जानकारी नहीं दी गई। 37250 रुपये यात्रा भत्ता गलत तरीके से निकाला गया। सचिव यदुनंदन सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
राजेश वर्मा अध्यक्ष पद से हट चुके हैं। कोआपरेटिव बैंक शाखा के मैनेजर का तबादला हो चुका है। इन लोगों ने गड़बड़ियां की हैं। हैंडपंप व समिति भवन की मरम्मत का काम बिना कुटेशन के कराया गया। बैंक शाखा प्रबंधक सत्यापन किए बगैर भुगतान करते रहे। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में तीनों अफसरों को दोषी पाया है। वर्तमान अध्यक्ष अर्चना कटियार ने बताया की जांच आख्या उच्च अधिकारियों को कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।
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जहानगंज (फर्रुखाबाद)। किसान सेवा सहकारी समिति जहानगंज में वर्ष 2014 और 2015 में चौकीदार के पदों पर चार नियुक्तियां फर्जी होने का खुलासा हुआ है। जांच अधिकारी ने समिति के पूर्व अध्यक्ष, सचिव और कोआपरेटिव बैंक के मैनेजर को दोषी पाया है। इसकी रिपोर्ट समिति के वर्तमान अध्यक्ष को दी गई है। उन्होंने कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को जांच रिपोर्ट भेजी है।
जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव दानमंडी निवासी अशोक दीक्षित किसान सेवा समिति जहानगंज में समिति के सदस्य हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को वर्ष 2014 व 2015 में हुई नियुक्तियों और गलत तरीके से सरकारी धन का भुगतान होने की शिकायत भेजी थी। इसमें कहा गया कि पूर्व अध्यक्ष राजेश वर्मा, समिति सचिव रघुनंदन यादव ने वर्ष 2014 में चौकीदार के पद पर तीन और वर्ष 2015 में एक व्यक्ति की चौकीदार के पद पर नियुक्ति नियम विरुद्ध की। इन नियुक्तियों में धन वसूला गया था। समिति परिसर में लगे हैंडपंप और समिति भवन की मरम्मत के नाम पर हजारों रुपये निकाल कर हड़प लिए। यात्रा भत्ता भी गलत तरीके से निकाला गया।
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शिकायत पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता फर्रुखाबाद के अधिकारी पंकज कुमार श्रीवास्तव और कमालगंज ब्लाक के सहायक विकास अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह ने जांच की थी। जांच टीम ने वर्तमान समिति अध्यक्ष अर्चना कटियार को रिपोर्ट भेज दी है। इसमें सदस्य की शिकायतों की पुष्टि की गई है।
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जांच रिपोर्ट में कहा गया कि नियुक्तियों में विभागीय अधिकारी का अनुमोदन नहीं लिया गया। उनका वेतन प्रबंधक के खाते के चेक से किया गया। भुगतान के संबंध में सहायक विकास अधिकारी, अपर जिला सहकारी अधिकारी को भी जानकारी नहीं दी गई। 37250 रुपये यात्रा भत्ता गलत तरीके से निकाला गया। सचिव यदुनंदन सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
राजेश वर्मा अध्यक्ष पद से हट चुके हैं। कोआपरेटिव बैंक शाखा के मैनेजर का तबादला हो चुका है। इन लोगों ने गड़बड़ियां की हैं। हैंडपंप व समिति भवन की मरम्मत का काम बिना कुटेशन के कराया गया। बैंक शाखा प्रबंधक सत्यापन किए बगैर भुगतान करते रहे। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में तीनों अफसरों को दोषी पाया है। वर्तमान अध्यक्ष अर्चना कटियार ने बताया की जांच आख्या उच्च अधिकारियों को कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।