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मामा के आधार कार्ड पर आंध्रप्रदेश से आया था कोरोना पॉजिटिव युवक
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नवाबगंज/शमसाबाद। कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने के साथ गैर प्रांतों में फंसे जिले के प्रवासी मजदूर घर आने को तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। आंध्रप्रदेश में गोलगप्पे बेचने वाला युवक अपने मामा का आधार कार्ड लगाकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन से कानपुर तक आया। जांच में जब युवक कोरोना पॉजिटिव निकला तो उसके असली नाम का खुलासा हुआ। इस पर नवाबगंज थाना पुलिस ने आधार कार्ड लगाने वाले युवक के मामा को थाने में बैठा लिया। नायब तहसीलदार ने उससे जानकारी ली।
शमसाबाद क्षेत्र के गांव गदनपुर बक्श अमलैया आशानंद निवासी युवक आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में गोलगप्पे बेचता था। कोरोना वायरस के नियंत्रण को चल रहे लॉकडाउन में युवक वहां फंस गया। गैर प्रांत के लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए आंध्र प्रदेश में श्रमिकों का पंजीकरण किया गया तो युवक के पास अपना कोई पहचान पत्र नहीं था। घर आने की लालसा के चलते उसने परिजनों को फोन किया। इस पर गांव में रह रहे उसके मामा ने व्हाट्सएप पर अपना आधार कार्ड युवक के पास भेज दिया।
युवक ने उसी आधार कार्ड पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन से जाने के लिए पंजीकरण करा लिया। 22 मई को वह ट्रेन से कानपुर आया। वहां से 24 मई को बस से लाकर नवाबगंज के एसकेएम इंटर कालेज में क्वारंटीन कर नमूना लेकर जांच को भेजा गया। 26 मई की रात आई जांच रिपोर्ट में युवक कोरोना पॉजिटिव मिला। युवक ने जब अपना नाम बताया तो सूची से मिलान नहीं हुआ। इससे दूसरे का आधार कार्ड लगाने की पोल खुल गई। बुधवार को शमसाबाद के चिलसरा चौकी प्रभारी रामनिरंजन आधार कार्ड लगाने वाले युवक के मामा को घर से बुलाकर नवाबगंज थाने ले गई। वहां उससे पूछताछ चलती रही। गांव के ही कल्लू ठाकुर ने बताया कि युवक का मामा आंध्र प्रदेश में आइसक्रीम का काम करता था। करीब एक वर्ष पूर्व उसकी मां की मौत होने के बाद से वह आंध्र प्रदेश नहीं गया। नायब तहसीलदार बयान दर्ज करेंगे।
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शमसाबाद क्षेत्र के गांव गदनपुर बक्श अमलैया आशानंद निवासी युवक आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में गोलगप्पे बेचता था। कोरोना वायरस के नियंत्रण को चल रहे लॉकडाउन में युवक वहां फंस गया। गैर प्रांत के लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए आंध्र प्रदेश में श्रमिकों का पंजीकरण किया गया तो युवक के पास अपना कोई पहचान पत्र नहीं था। घर आने की लालसा के चलते उसने परिजनों को फोन किया। इस पर गांव में रह रहे उसके मामा ने व्हाट्सएप पर अपना आधार कार्ड युवक के पास भेज दिया।
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युवक ने उसी आधार कार्ड पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन से जाने के लिए पंजीकरण करा लिया। 22 मई को वह ट्रेन से कानपुर आया। वहां से 24 मई को बस से लाकर नवाबगंज के एसकेएम इंटर कालेज में क्वारंटीन कर नमूना लेकर जांच को भेजा गया। 26 मई की रात आई जांच रिपोर्ट में युवक कोरोना पॉजिटिव मिला। युवक ने जब अपना नाम बताया तो सूची से मिलान नहीं हुआ। इससे दूसरे का आधार कार्ड लगाने की पोल खुल गई। बुधवार को शमसाबाद के चिलसरा चौकी प्रभारी रामनिरंजन आधार कार्ड लगाने वाले युवक के मामा को घर से बुलाकर नवाबगंज थाने ले गई। वहां उससे पूछताछ चलती रही। गांव के ही कल्लू ठाकुर ने बताया कि युवक का मामा आंध्र प्रदेश में आइसक्रीम का काम करता था। करीब एक वर्ष पूर्व उसकी मां की मौत होने के बाद से वह आंध्र प्रदेश नहीं गया। नायब तहसीलदार बयान दर्ज करेंगे।
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