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पांच माह बाद जिला हुआ कोरोना मुक्त
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फर्रुखाबाद। पांच माह बाद जिला पहली बार कोरोना मुक्त हुआ है। रविवार को न तो कोई पॉजिटिव मिला और न ही जिले में एक्टिव केस ही बचा है। यह सुखद खबर जरूर है, लेकिन अब तीसरी लहर से बचने के लिए बेहद सतर्कता की जरूरत भी है। मास्क लगाने की अनिवार्यता और सामाजिक दूरी का पालन पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है।
मार्च से शुरू हुई कोरोना की दूसरी लहर ने जनमानस को खासा नुकसान पहुंचाया। महामारी ने अप्रैल में विकराल रूप धारण कर मई तक कहर बरपाया। सारी व्यवस्थाएं ढेर थीं। संक्रमण से हजारों लोगों की जानें चली गईं। किसी ने अपनों को खो दिया तो कई बच्चों के सिर मां-बाप का साया उठ गया। कई महिलाओं का सुहाग उजड़ गया। हर रोज 100 से 200 मरीज की चपेट में आकर अस्पताल पहुंचते रहे। जिसे समय से इलाज मिल गया वह तो बच गया।
कई संक्रमितों का ऑक्सीजन लेवल घट गया। ऑक्सीजन न मिलने से इनमें से अधिकांश को जान गंवानी पड़ी। जून से कोरोना का कहर कुछ कम होना शुरू हुआ। जुलाई में काफी हद तक कोरोना की रफ्तार कम हुई। इसके साथ ही इलाज से मरीजों की रिकवरी भी ठीक रही। लॉकडाउन और जागरूकता का नतीजा यह रहा कि जुलाई समाप्त होते-होते संक्रमितों की संख्या काफी कम हो गई। हफ्तेभर से एक भी संक्रमित नहीं मिला। शनिवार को मात्र एक एक्टिव केस होम आइसोलशन में था। रविवार को अवधि पूरी होने के साथ जिले में एक भी एक्टिव केस नहीं रहा। इससे अगस्त के पहले दिन जिले में पूरी तरह कोरोना थम गया।
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लिंजीगंज अस्पताल के डॉ.नवनीत गुप्ता ने बताया कि पोर्टल पर अब जिले में एक भी एक्टिव केस नहीं है। कोई नया संक्रमित मरीज भी नहीं मिला। उन्होंने लोगों से अपील की तीसरी लहर आने से पहले सभी लोग सचेत हो जाएं। मास्क लगाना और दो गज की शारीरिक दूरी का विशेष ध्यान रखें। इससे कोरोना से जंग जीती जा सकती है।
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मार्च से शुरू हुई कोरोना की दूसरी लहर ने जनमानस को खासा नुकसान पहुंचाया। महामारी ने अप्रैल में विकराल रूप धारण कर मई तक कहर बरपाया। सारी व्यवस्थाएं ढेर थीं। संक्रमण से हजारों लोगों की जानें चली गईं। किसी ने अपनों को खो दिया तो कई बच्चों के सिर मां-बाप का साया उठ गया। कई महिलाओं का सुहाग उजड़ गया। हर रोज 100 से 200 मरीज की चपेट में आकर अस्पताल पहुंचते रहे। जिसे समय से इलाज मिल गया वह तो बच गया।
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कई संक्रमितों का ऑक्सीजन लेवल घट गया। ऑक्सीजन न मिलने से इनमें से अधिकांश को जान गंवानी पड़ी। जून से कोरोना का कहर कुछ कम होना शुरू हुआ। जुलाई में काफी हद तक कोरोना की रफ्तार कम हुई। इसके साथ ही इलाज से मरीजों की रिकवरी भी ठीक रही। लॉकडाउन और जागरूकता का नतीजा यह रहा कि जुलाई समाप्त होते-होते संक्रमितों की संख्या काफी कम हो गई। हफ्तेभर से एक भी संक्रमित नहीं मिला। शनिवार को मात्र एक एक्टिव केस होम आइसोलशन में था। रविवार को अवधि पूरी होने के साथ जिले में एक भी एक्टिव केस नहीं रहा। इससे अगस्त के पहले दिन जिले में पूरी तरह कोरोना थम गया।
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लिंजीगंज अस्पताल के डॉ.नवनीत गुप्ता ने बताया कि पोर्टल पर अब जिले में एक भी एक्टिव केस नहीं है। कोई नया संक्रमित मरीज भी नहीं मिला। उन्होंने लोगों से अपील की तीसरी लहर आने से पहले सभी लोग सचेत हो जाएं। मास्क लगाना और दो गज की शारीरिक दूरी का विशेष ध्यान रखें। इससे कोरोना से जंग जीती जा सकती है।