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सेंट्रल जेल गेट पर युवकों का हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Mon, 22 Jun 2015 11:11 PM IST
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सेंट्रल जेल में होने वाले साक्षात्कार को लेकर अभ्यर्थियों ने जेल गेट पर
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जमकर हंगामा किया। जानकारी पर पहुंचे अधीक्षक ने युवकों को खदेड़ दिया।
युवकों ने जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सेंट्रल जेल में बंदी रक्षकों
की भर्ती के लिए सोमवार को साक्षात्कार होना था। कई जिलों के युवक
साक्षात्कार देने के लिए पहुंचे थे। फर्रुखाबाद के मोहम्मद जुबैर उस्मानी
के साथ
ही दीपेंद्र सिंह गौर, सचित कुमार, अरुण कुमार, अनिल कुमार, जानआलम समेत काफी संख्या में युवकों के नाम साक्षात्कार की लिस्ट में नहीं थे। इस पर यह हंगामा करने लगे। युवकों का कहना था कि 12 मार्च 2012 को उन लोगों को साक्षात्कार के लिए पत्र आए थे। इसके बाद रोक लग गई थी। इन्होंने धांधली का आरोप लगाते हुए जेल प्रशासन के साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामा होने की जानकारी पर जेल अधीक्षक बीपी त्रिपाठी बाहर आ गए। युवकों ने अधीक्षक को घेर
लिया। उन पर भी धंाधली का आरोप लगाया। जुबैर का कहना था कि उसे 4 अप्रैल 2012 को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। इस बार नहीं बुलाया गया। हंगामा होने पर अधीक्षक ने बंदी रक्षकों से युवकों को बाहर निकलवा दिया। इसके बाद गेट बंद कर दिया गया। जेल अधीक्षक ने बताया कि शासन से जो नाम आए थे, उनके साक्षात्कार हो रहे हैं।
ही दीपेंद्र सिंह गौर, सचित कुमार, अरुण कुमार, अनिल कुमार, जानआलम समेत काफी संख्या में युवकों के नाम साक्षात्कार की लिस्ट में नहीं थे। इस पर यह हंगामा करने लगे। युवकों का कहना था कि 12 मार्च 2012 को उन लोगों को साक्षात्कार के लिए पत्र आए थे। इसके बाद रोक लग गई थी। इन्होंने धांधली का आरोप लगाते हुए जेल प्रशासन के साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामा होने की जानकारी पर जेल अधीक्षक बीपी त्रिपाठी बाहर आ गए। युवकों ने अधीक्षक को घेर
लिया। उन पर भी धंाधली का आरोप लगाया। जुबैर का कहना था कि उसे 4 अप्रैल 2012 को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। इस बार नहीं बुलाया गया। हंगामा होने पर अधीक्षक ने बंदी रक्षकों से युवकों को बाहर निकलवा दिया। इसके बाद गेट बंद कर दिया गया। जेल अधीक्षक ने बताया कि शासन से जो नाम आए थे, उनके साक्षात्कार हो रहे हैं।