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एक सप्ताह में छह की मौत, रिश्तेदारों को आने से रोका
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नवाबगंज। विकास खंड मोहम्मदाबाद की ग्राम सभा सिरोली के मजरा पहाड़पुर में संक्रमण फैला है। यहां कई लोग बुखार, खांसी व जुकाम से पीड़ित हैं। एक सप्ताह में छह लोग दम तोड़ चुके हैं। गांव के लोगों को बचाने के लिए ग्रामीणों ने नई शादियां तय करनी बंद कर दी हैं। जो पहले से तय हैं, उनमें 15 से 20 लोग शामिल होकर शादी कार्यक्रम करते हैं।
रिश्तेदारों को गांव में आने से मना कर दिया है। यदि कोई संक्रमित गांव में आया गया तो ग्रामीणों की हालत और बदहाल हो जाएगी। कोरोना लक्षण वाले मरीजों को परिजन सरकारी अस्पताल लेकर जाते हैं, तो वहां डॉक्टर नहीं देेखते, मरीज की हालत गंभीर होने पर भर्ती करने से मना कर देते हैं। प्राइवेट अस्पताल में दिखाने और दवा कराने में अधिक खर्चा आता है। आर्थिक संकट होने से गांव के झोलाछाप से उपचार कराकर ग्रामीण अपनी जिंदगी बचाने को मजबूर हैं।
गांव पहाड़पुर निवासी राजेश्वर सिंह ने बताया कि गांव में बुखार, खांसी व जुकाम से कई लोग ग्रसित हैं। कोरोना संक्रमण के डर की वजह से लोग गांव से बाहर नहीं जा रहे हैं। उपचार को स्वास्थ्य टीम गांव नहीं आई। उन्होंने सीएचसी जाकर कोरोना वैक्सीन लगवा ली है। गांव के लोगों भी वैक्सीन लगवाने को जागरूक किया है।
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गांव पहाड़पुर के ही मनोज कुमार ने बतया की उनके दो पुत्र हैं। दोनों को बुखार आ रहा है। चेकअप कराया तो टायफाइड बताया गया है। गांव में कई लोग बुखार, जुकाम व खांसी से ग्रसित हैं। प्रशासन को स्वास्थ्य टीम गांव भेज कर कोरोना की जांच कराई जाए। इसके बाद दवा वितरित की जाए।
गांव पहाड़पुर निवासी विशेश्वर सिंह ने बताया की गांव में जो लोग बुखार, खांसी व जुकाम से पीड़ित हैं। उनको परिजन सरकारी अस्पताल लेकर जाते हैं तो वहां कोई नहीं देखता है। प्राइवेट अस्पताल में उपचार कराने में खर्चा अधिक आता है। आर्थिक संकट होने से पीड़ितों का उपचार नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य टीम भी गांव मरीजों को दवा वितरण करने नहीं आई है।
गांव पहाड़पुर के प्रमोद कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण से ग्रामीणों ने नई शादी तय करनी बंद कर दी। जो पहले से तय हैं, उनमें कुछ लोग शामिल होते हैं। अभी तीन शादी हुईं हैं। इसमें 10 से 15 लोग ही शामिल हुए थे। कोरोना के डर से गांव के लोगों ने रिश्तेदारों को गांव आने से मना कर दिया है। ताकि संक्रमण कम हो और लोगों की जिदंगी बच सके।
‘टीमों को गांव में भेजा गया है। बुखार, जुकाम व खांसी से पीड़ित लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही दवा वितरित कराई जाएगी।’
राज बहादुर सिंह, खंड विकास अधिकारी मोहम्मदाबाद
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रिश्तेदारों को गांव में आने से मना कर दिया है। यदि कोई संक्रमित गांव में आया गया तो ग्रामीणों की हालत और बदहाल हो जाएगी। कोरोना लक्षण वाले मरीजों को परिजन सरकारी अस्पताल लेकर जाते हैं, तो वहां डॉक्टर नहीं देेखते, मरीज की हालत गंभीर होने पर भर्ती करने से मना कर देते हैं। प्राइवेट अस्पताल में दिखाने और दवा कराने में अधिक खर्चा आता है। आर्थिक संकट होने से गांव के झोलाछाप से उपचार कराकर ग्रामीण अपनी जिंदगी बचाने को मजबूर हैं।
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गांव पहाड़पुर निवासी राजेश्वर सिंह ने बताया कि गांव में बुखार, खांसी व जुकाम से कई लोग ग्रसित हैं। कोरोना संक्रमण के डर की वजह से लोग गांव से बाहर नहीं जा रहे हैं। उपचार को स्वास्थ्य टीम गांव नहीं आई। उन्होंने सीएचसी जाकर कोरोना वैक्सीन लगवा ली है। गांव के लोगों भी वैक्सीन लगवाने को जागरूक किया है।
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गांव पहाड़पुर के ही मनोज कुमार ने बतया की उनके दो पुत्र हैं। दोनों को बुखार आ रहा है। चेकअप कराया तो टायफाइड बताया गया है। गांव में कई लोग बुखार, जुकाम व खांसी से ग्रसित हैं। प्रशासन को स्वास्थ्य टीम गांव भेज कर कोरोना की जांच कराई जाए। इसके बाद दवा वितरित की जाए।
गांव पहाड़पुर निवासी विशेश्वर सिंह ने बताया की गांव में जो लोग बुखार, खांसी व जुकाम से पीड़ित हैं। उनको परिजन सरकारी अस्पताल लेकर जाते हैं तो वहां कोई नहीं देखता है। प्राइवेट अस्पताल में उपचार कराने में खर्चा अधिक आता है। आर्थिक संकट होने से पीड़ितों का उपचार नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य टीम भी गांव मरीजों को दवा वितरण करने नहीं आई है।
गांव पहाड़पुर के प्रमोद कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण से ग्रामीणों ने नई शादी तय करनी बंद कर दी। जो पहले से तय हैं, उनमें कुछ लोग शामिल होते हैं। अभी तीन शादी हुईं हैं। इसमें 10 से 15 लोग ही शामिल हुए थे। कोरोना के डर से गांव के लोगों ने रिश्तेदारों को गांव आने से मना कर दिया है। ताकि संक्रमण कम हो और लोगों की जिदंगी बच सके।
‘टीमों को गांव में भेजा गया है। बुखार, जुकाम व खांसी से पीड़ित लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही दवा वितरित कराई जाएगी।’
राज बहादुर सिंह, खंड विकास अधिकारी मोहम्मदाबाद