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38 बंद नलकूप चालू दिखाने में एई का चार्ज छिना
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एई ने चालू दिखाए 38 बंद नलकूप, चार्ज छिना
फर्रुखाबाद। बंद राजकीय नलकूप चालू दिखाने के मामले में सहायक अभियंता को चार्ज छीनकर खंड कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। दूसरे सहायक अभियंता को उनके उपखंड की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जनपद में 315 राजकीय नलकूप संचालित दिखाए जा रहे हैं जबकि हकीकत इसके विपरीत है। नलकूपों की दुर्दशा के संबंध में अमर उजाला ने प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की थीं। इसका जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने संज्ञान लेकर ब्लॉक स्तर पर बीडीओ से जांच कराई। इसमें 120 नलकूप बंद मिले थे। जिलाधिकारी ने यह रिपोर्ट शासन को भेज दी थी।
इस पर शासन से पांच टीमें गठित कर जांच कराई गई। इसमें हकीकत सामने आ गई। मोहम्मदाबाद उपखंड में सर्वाधिक 159 नलकूप हैं। बताया जा रहा है कि जांच में 38 नलकूप बंद मिले। वह चलित सूची में दिखाए जाते रहे। इसमें 18 नलकूप तो ऐसे हैं जो एक वर्ष से भी अधिक समय से ठप हैं। जिम्मेदार इनकी मरम्मत के नाम पर शासन से आई धनराशि खर्च दिखाते रहे।
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अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार ने 38 बंद नलकूपों को चालू दिखाने के मामले में सहायक अभियंता इमरान अंसारी को अधिशासी अभियंता कार्यालय से संबद्ध करते हुए उनके स्थान पर दूसरे सहायक अभियंता बेचनलाल यादव को अतिरिक्त चार्ज दे दिया है। उन्होंने बताया कि अधीक्षण अभियंता ने 15 दिन में सभी नलकूपों को चालू करने के आदेश दिए हैं।
इससे उन्होंने तेजी से काम शुरू करा दिया है। दूसरी ओर सहायक अभियंता इमरान अंसारी ने बताया कि खंड कार्यालय से कभी भी सुधारात्मक नलकूपों की सूची उन्हें नहीं दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन किया जाएगा। हालांकि अभी शासन से गठित की टीमों की जांच रिपोर्ट विभाग को नहीं भेजी गई है।
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फर्रुखाबाद। बंद राजकीय नलकूप चालू दिखाने के मामले में सहायक अभियंता को चार्ज छीनकर खंड कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। दूसरे सहायक अभियंता को उनके उपखंड की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जनपद में 315 राजकीय नलकूप संचालित दिखाए जा रहे हैं जबकि हकीकत इसके विपरीत है। नलकूपों की दुर्दशा के संबंध में अमर उजाला ने प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की थीं। इसका जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने संज्ञान लेकर ब्लॉक स्तर पर बीडीओ से जांच कराई। इसमें 120 नलकूप बंद मिले थे। जिलाधिकारी ने यह रिपोर्ट शासन को भेज दी थी।
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इस पर शासन से पांच टीमें गठित कर जांच कराई गई। इसमें हकीकत सामने आ गई। मोहम्मदाबाद उपखंड में सर्वाधिक 159 नलकूप हैं। बताया जा रहा है कि जांच में 38 नलकूप बंद मिले। वह चलित सूची में दिखाए जाते रहे। इसमें 18 नलकूप तो ऐसे हैं जो एक वर्ष से भी अधिक समय से ठप हैं। जिम्मेदार इनकी मरम्मत के नाम पर शासन से आई धनराशि खर्च दिखाते रहे।
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अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार ने 38 बंद नलकूपों को चालू दिखाने के मामले में सहायक अभियंता इमरान अंसारी को अधिशासी अभियंता कार्यालय से संबद्ध करते हुए उनके स्थान पर दूसरे सहायक अभियंता बेचनलाल यादव को अतिरिक्त चार्ज दे दिया है। उन्होंने बताया कि अधीक्षण अभियंता ने 15 दिन में सभी नलकूपों को चालू करने के आदेश दिए हैं।
इससे उन्होंने तेजी से काम शुरू करा दिया है। दूसरी ओर सहायक अभियंता इमरान अंसारी ने बताया कि खंड कार्यालय से कभी भी सुधारात्मक नलकूपों की सूची उन्हें नहीं दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन किया जाएगा। हालांकि अभी शासन से गठित की टीमों की जांच रिपोर्ट विभाग को नहीं भेजी गई है।