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मुल्क से गद्दारी करने वाले मुसलमान नहीं हो सकते
Farrukhabad
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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कमालगंज (फर्रुखाबाद)। पंजाब के शाही इमाम और तहरीके अहरार के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना हबीर्बुरहमान लुधियानवी ने गांव ईसापुर में रविवार की रात आयोजित इजलासे आम में कहा कि आजादी की लड़ाई के समय फिरके कादयानी ने मुल्क के साथ गद्दारी करते हुये अंग्रेज हुकूमत का साथ दिया और इस्लाम में सेंध लगाई। देश के साथ गद्दारी करने वाले लोग इस्लाम के नुमाइंदे नहीं हो सकते है।
इजलासे आम के दूसरे दिन मौलाना हबीर्बुरहमान लुधियानवी ने कहा कि जो लोग देश के साथ गद्दारी करते हैं वह इस्लाम के नाम पर ढोंग करते हैं। देश के साथ गद्दारी करने वाला व्यक्ति मुसलमान हो ही नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने साजिश के तहत आजादी की लड़ाई को कमजोर करने के लिये मुसलमानों को बांटने का काम किया था। कुरान व सुन्नत की चर्चा करते हुए कुरान पर ईमानदारी के साथ अमल करने और देश की प्रगति में सहयोग करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि हम सब तभी समाज की बुराईयों को तभी समाप्त कर पाएंगे, जव नबी के बताये रास्ते पर चलेंगे और उन पर ईमानदारी से अमल करेगे। मुफ्ती अफ्फान साहब ने समाज की बुराईयों की निशनदेही करते हुए उनके खात्मे के लिए खासकर महिलाओं को आगे आने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाएं आगे आकर समाज में फैली बुराईयों को समाप्त करने कोशिश नहीं करेंगी, तब तक बुराईयां खत्म नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा महिलाएं समाज का अहम हिस्सा हैं। समाज के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बहुत जरूरी है। शाहिद मुईन मुब्बई, मौलाना अब्दुल गनी विलग्राम, मुफ्ती अब्दुल रहमान मुरादाबाद, मुफ्ती मुअज्जम अली फर्रुखाबाद, मुफ्ती जफर शमशाबाद समेत बड़ी संख्या में मौलाना,मुफ्ती, इस्लाम के विद्वानों ने विचार व्यक्त किए। वहीं अमानतुल्ला वहराईची, डा. रफीक बिलग्रामी आदि ने अपने नातिया कलामों से अकीदत पेश की।
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इजलासे आम के दूसरे दिन मौलाना हबीर्बुरहमान लुधियानवी ने कहा कि जो लोग देश के साथ गद्दारी करते हैं वह इस्लाम के नाम पर ढोंग करते हैं। देश के साथ गद्दारी करने वाला व्यक्ति मुसलमान हो ही नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने साजिश के तहत आजादी की लड़ाई को कमजोर करने के लिये मुसलमानों को बांटने का काम किया था। कुरान व सुन्नत की चर्चा करते हुए कुरान पर ईमानदारी के साथ अमल करने और देश की प्रगति में सहयोग करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि हम सब तभी समाज की बुराईयों को तभी समाप्त कर पाएंगे, जव नबी के बताये रास्ते पर चलेंगे और उन पर ईमानदारी से अमल करेगे। मुफ्ती अफ्फान साहब ने समाज की बुराईयों की निशनदेही करते हुए उनके खात्मे के लिए खासकर महिलाओं को आगे आने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाएं आगे आकर समाज में फैली बुराईयों को समाप्त करने कोशिश नहीं करेंगी, तब तक बुराईयां खत्म नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा महिलाएं समाज का अहम हिस्सा हैं। समाज के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बहुत जरूरी है। शाहिद मुईन मुब्बई, मौलाना अब्दुल गनी विलग्राम, मुफ्ती अब्दुल रहमान मुरादाबाद, मुफ्ती मुअज्जम अली फर्रुखाबाद, मुफ्ती जफर शमशाबाद समेत बड़ी संख्या में मौलाना,मुफ्ती, इस्लाम के विद्वानों ने विचार व्यक्त किए। वहीं अमानतुल्ला वहराईची, डा. रफीक बिलग्रामी आदि ने अपने नातिया कलामों से अकीदत पेश की।
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