{"_id":"34-167967","slug":"Farrukhabad-167967-34","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुपोषण की रोकथाम को स्नेह शिविर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुपोषण की रोकथाम को स्नेह शिविर
Farrukhabad
Updated Tue, 04 Feb 2014 02:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आंगनबाड़ी केंद्राें का बनाया जाएगा क्लस्टर
फर्रुखाबाद। बच्चों में कुपोषण की रोकथाम के लिए आंगनबाड़ी केंद्राें पर स्नेह शिविरों का आयोजन होगा। 20 फीसदी से अधिक की दर वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता पर रखा जाएगा।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय आंगनबाड़ी केंद्राें के क्लस्टर बनाकर बच्चाें में कुपोषण रोकेगा। स्नेह शिविर के आयोजन के लिए 5950 रुपये प्रति कैंप पर व्यय किया जाएगा। यह कार्यक्रम सामुदायिक सहभागिता से चलेगा। इसमें पंचायती राज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, स्वयं सेवी संस्थाआें, ग्राम स्वास्थ्य पोषण समिति की भी भागीदारी होगी। शिविर में पांच साल तक के बच्चे शामिल हाेंगे। कुपोषित बच्चाें का चयन केंद्राें के बच्चों के वजन के मानक पर किया जाएगा। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय के निदेशक आनंद कु मार सिंह ने कुपोषित बच्चाें की रिपोर्ट तलब की है।
ऐसे होंगे स्नेह शिविर, यह होगा
- देहात इलाकों में 3 से 4 आंगनबाड़ी केंद्रों के क्लस्टर बनेंगे। इन पर 20 से 25 बच्चाें के समूहाें में वर्ष में कम से कम छह शिविराें का आयोजन होगा।
- स्नेह शिविराें का संचालन आईसीडीएस मिशन से चुनी अतिरिक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां करेंगी।
- शिविर में 12 दिन लगातार आने वाले 6 माह से ऊपर के बच्चाें को ताजा भोजन दिया जाएगा। इनके खाने में 300 से 400 कै लोरी व 18 ग्राम प्रोटीन की मात्रा रहेगी।
विज्ञापन
- डीवर्मिंग व आईएफए की छोटी छोटी गोलियाें का वितरण किया जाएगा।
- खाने में सब्जियाें, अंडाें, सोयाबीन, गुड़, चीनी का उपयोग किया जाएगा।
- स्नेह शिविर में पहले व आखिरी दिन बच्चाें का वजन लिया जाएगा।
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। बच्चों में कुपोषण की रोकथाम के लिए आंगनबाड़ी केंद्राें पर स्नेह शिविरों का आयोजन होगा। 20 फीसदी से अधिक की दर वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता पर रखा जाएगा।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय आंगनबाड़ी केंद्राें के क्लस्टर बनाकर बच्चाें में कुपोषण रोकेगा। स्नेह शिविर के आयोजन के लिए 5950 रुपये प्रति कैंप पर व्यय किया जाएगा। यह कार्यक्रम सामुदायिक सहभागिता से चलेगा। इसमें पंचायती राज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, स्वयं सेवी संस्थाआें, ग्राम स्वास्थ्य पोषण समिति की भी भागीदारी होगी। शिविर में पांच साल तक के बच्चे शामिल हाेंगे। कुपोषित बच्चाें का चयन केंद्राें के बच्चों के वजन के मानक पर किया जाएगा। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय के निदेशक आनंद कु मार सिंह ने कुपोषित बच्चाें की रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन
ऐसे होंगे स्नेह शिविर, यह होगा
- देहात इलाकों में 3 से 4 आंगनबाड़ी केंद्रों के क्लस्टर बनेंगे। इन पर 20 से 25 बच्चाें के समूहाें में वर्ष में कम से कम छह शिविराें का आयोजन होगा।
- स्नेह शिविराें का संचालन आईसीडीएस मिशन से चुनी अतिरिक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां करेंगी।
- शिविर में 12 दिन लगातार आने वाले 6 माह से ऊपर के बच्चाें को ताजा भोजन दिया जाएगा। इनके खाने में 300 से 400 कै लोरी व 18 ग्राम प्रोटीन की मात्रा रहेगी।
विज्ञापन
- डीवर्मिंग व आईएफए की छोटी छोटी गोलियाें का वितरण किया जाएगा।
- खाने में सब्जियाें, अंडाें, सोयाबीन, गुड़, चीनी का उपयोग किया जाएगा।
- स्नेह शिविर में पहले व आखिरी दिन बच्चाें का वजन लिया जाएगा।