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कोर्ट में एसडीएम के खिलाफ परिवाद दर्ज
Farrukhabad
Updated Thu, 12 Dec 2013 05:44 AM IST
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फर्रुखाबाद। एसडीएम सदर राकेश पटेल के खिलाफ एक बेवा ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दुष्कर्म का आरोप लगा परिवाद दर्ज कराया है। पीड़िता के बयान दर्ज किए जाने को अदालत में तारीख नियत कर दी गई है। परिवाद दर्ज होने के बाद इस मामले में नया मोड़ आ गया है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में एसडीएम सदर के खिलाफ दर्ज कराए परिवार में बेवा ने कहा कि वह 12 अगस्त 2013 को आर्थिक सहायता के लिए विधवा पेंशन बनवाने की फरियाद लेकर गई थी। एसडीएम ने मदद का आश्वासन दिया। वह 7 अक्तूबर को दोबारा मिलने गई। उनके कहने पर वह आठ अक्टूबर को उनके बंगले पर पहुंची। आरोप है कि रात करीब आठ बजे तक एसडीएम ने उसे बैठाए रखा। बाद में उसे कमरे में बुला लिया। दुष्कर्म के बाद पांच हजार रुपये देकर मुंह बंद रखने की धमकी दी। इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों एवं महिला आयोग से की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। सीजेएम ने पीड़िता के अधिवक्ता दीपक द्विवेदी की दलीलें सुनने के बाद मामला परिवाद में दर्ज किए जाने का आदेश दिया है। पीड़िता के बयान लेने को 18 दिसंबर की तारीख लगाई गई है।
एसडीएम राकेश पटेल ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची गई है। पहले दी गई तहरीर में महिला ने अपना पता उजागर नहीं किया। जांच में मोबाइल नंबर भी फर्जी मिला। अब साजिश रचने वालों ने कोर्ट का सहारा लिया है। कहा कि वे हर स्तर की जांच के लिए तैयार हैं। जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में एसडीएम सदर के खिलाफ दर्ज कराए परिवार में बेवा ने कहा कि वह 12 अगस्त 2013 को आर्थिक सहायता के लिए विधवा पेंशन बनवाने की फरियाद लेकर गई थी। एसडीएम ने मदद का आश्वासन दिया। वह 7 अक्तूबर को दोबारा मिलने गई। उनके कहने पर वह आठ अक्टूबर को उनके बंगले पर पहुंची। आरोप है कि रात करीब आठ बजे तक एसडीएम ने उसे बैठाए रखा। बाद में उसे कमरे में बुला लिया। दुष्कर्म के बाद पांच हजार रुपये देकर मुंह बंद रखने की धमकी दी। इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों एवं महिला आयोग से की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। सीजेएम ने पीड़िता के अधिवक्ता दीपक द्विवेदी की दलीलें सुनने के बाद मामला परिवाद में दर्ज किए जाने का आदेश दिया है। पीड़िता के बयान लेने को 18 दिसंबर की तारीख लगाई गई है।
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एसडीएम राकेश पटेल ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची गई है। पहले दी गई तहरीर में महिला ने अपना पता उजागर नहीं किया। जांच में मोबाइल नंबर भी फर्जी मिला। अब साजिश रचने वालों ने कोर्ट का सहारा लिया है। कहा कि वे हर स्तर की जांच के लिए तैयार हैं। जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
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