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अब एएनएम होंगी हाईटेक, पेपरलेस करेंगी काम
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जनपद में स्वास्थ्य विभाग की एएनएम अब हाईटेक हो जाएंगी। वह जल्दी ही पेपरलेस काम करतीं नजर आएंगी। सरकार उन्हें टैबलेट मुहैया कराने जा रही है। जनपद में कुल 218 एएनएम के लिए टैबलेट आएंगे।
स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर तैनात एएनएम गर्भवती व बच्चों के टीकाकरण का रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करती हैं। इसके बाद वह रिपोर्ट मुख्यालय भेजती हैं। यहां गर्भवती व बच्चों का रिकॉर्ड अनमोल पोर्टल पर लोड किया जाता है। मगर अब वह खुद फील्ड से ही पोर्टल पर डाटा इंट्री कर सकेंगी।
प्रदेश के सभी जनपदों में 22 हजार टैबलेट भेज दिए गए हैं। इन्हें हर स्वास्थ्य उपकेंद्र व वेलनेस सेंटर पर दिया जाएगा। इसमें एएनएम गैर संक्रामक बीमारियों का ब्योरा भी एनसीडी एप पर दर्ज करेंगी। वहीं फर्रुखाबाद के लिए 218 टैबलेट लखनऊ से आएंगे।
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इसमें से 192 टैबलेट सभी उपकेंद्रों पर एएनएम को दिए जाएंगे। 25 शहरी क्षेत्रों की एएनएम को दिया जाएगा। इसके अलावा एक टैबलेट डिस्ट्रिक्ट कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर को दिया जाएगा। स्वास्थ्य योजनाओं की गांव में क्या-क्या प्रगति हो रही है इसकी एक रिपोर्ट एएनएम बनाती है।
इस रिपोर्ट को एक रजिस्टर में दर्ज कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में समय लगता है। अब ऐसा कुछ नहीं होगा। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत अब सारी जानकारी स्क्रीन पर उपलब्ध रहेगी। टैबलेट में ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन डाटा दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
जनपद में एएनएम को ऑनलाइन आईएसआईपीएफ से जोड़ा जाएगा । इसके माध्यम से एएनएम सॉफ्टवेयर पर रिपोर्ट व फोटो अपलोड करेंगी। अभी तक वह रजिस्टर एवं फाइलों में विभागों को रिपोर्ट देती थीं। इसके लिए उन्हें एक सप्ताह से अधिक का समय लग जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
एएनएम गांव की रिपोर्ट देंगी और बताएगी कि गांव में कितने लोग बीमार हैं और कौन सा रोग है। इससे फर्जी रिपोर्टिंग पर भी पूरी तरह से अंकुश लगेगा। टैबलेट में 3 सॉफ्टवेयर अनमोल, एनसीडी तथा आईडीएसपी हैं। अनमोल सॉफ्टवेयर में गांव की गर्भवती माताओं तथा बच्चों का विवरण होगा।
वहीं एनसीडी सॉफ्टवेयर में कैंसर, ब्लड प्रेशर, शुगर, मानसिक रोगी तथा हाइपरटेंशन आदि का विवरण होगा। आईडीएसपी सॉफ्टवेयर में कुष्ठ रोगी, मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू आदि रोगों का विवरण उपलब्ध रहेगा। एएनएम के बाद आशाओं को भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऑनलाइन किए जाने की व्यवस्था की जा रही है।
अब एएनएम होंगी हाईटेक, पेपरलेस करेंगी काम
एएनएम को डाटा इंट्री के लिए मिलेंगे टैबलेट
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स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर तैनात एएनएम गर्भवती व बच्चों के टीकाकरण का रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करती हैं। इसके बाद वह रिपोर्ट मुख्यालय भेजती हैं। यहां गर्भवती व बच्चों का रिकॉर्ड अनमोल पोर्टल पर लोड किया जाता है। मगर अब वह खुद फील्ड से ही पोर्टल पर डाटा इंट्री कर सकेंगी।
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प्रदेश के सभी जनपदों में 22 हजार टैबलेट भेज दिए गए हैं। इन्हें हर स्वास्थ्य उपकेंद्र व वेलनेस सेंटर पर दिया जाएगा। इसमें एएनएम गैर संक्रामक बीमारियों का ब्योरा भी एनसीडी एप पर दर्ज करेंगी। वहीं फर्रुखाबाद के लिए 218 टैबलेट लखनऊ से आएंगे।
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इसमें से 192 टैबलेट सभी उपकेंद्रों पर एएनएम को दिए जाएंगे। 25 शहरी क्षेत्रों की एएनएम को दिया जाएगा। इसके अलावा एक टैबलेट डिस्ट्रिक्ट कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर को दिया जाएगा। स्वास्थ्य योजनाओं की गांव में क्या-क्या प्रगति हो रही है इसकी एक रिपोर्ट एएनएम बनाती है।
इस रिपोर्ट को एक रजिस्टर में दर्ज कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में समय लगता है। अब ऐसा कुछ नहीं होगा। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत अब सारी जानकारी स्क्रीन पर उपलब्ध रहेगी। टैबलेट में ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन डाटा दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
जनपद में एएनएम को ऑनलाइन आईएसआईपीएफ से जोड़ा जाएगा । इसके माध्यम से एएनएम सॉफ्टवेयर पर रिपोर्ट व फोटो अपलोड करेंगी। अभी तक वह रजिस्टर एवं फाइलों में विभागों को रिपोर्ट देती थीं। इसके लिए उन्हें एक सप्ताह से अधिक का समय लग जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
एएनएम गांव की रिपोर्ट देंगी और बताएगी कि गांव में कितने लोग बीमार हैं और कौन सा रोग है। इससे फर्जी रिपोर्टिंग पर भी पूरी तरह से अंकुश लगेगा। टैबलेट में 3 सॉफ्टवेयर अनमोल, एनसीडी तथा आईडीएसपी हैं। अनमोल सॉफ्टवेयर में गांव की गर्भवती माताओं तथा बच्चों का विवरण होगा।
वहीं एनसीडी सॉफ्टवेयर में कैंसर, ब्लड प्रेशर, शुगर, मानसिक रोगी तथा हाइपरटेंशन आदि का विवरण होगा। आईडीएसपी सॉफ्टवेयर में कुष्ठ रोगी, मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू आदि रोगों का विवरण उपलब्ध रहेगा। एएनएम के बाद आशाओं को भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऑनलाइन किए जाने की व्यवस्था की जा रही है।
अब एएनएम होंगी हाईटेक, पेपरलेस करेंगी काम
एएनएम को डाटा इंट्री के लिए मिलेंगे टैबलेट