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लिखित आश्वासन लेकर चले गए किसान
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फर्रुखाबाद। 14 फरवरी से कलक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे किसान गुरुवार को एसडीएम सदर से लिखित आश्वासन लेने के बाद चले गए। किसानों ने बताया कि सात दिन में जिला प्रशासन ने उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है।
किसान यूनियन मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा व जिलाध्यक्ष अरविंद शाक्य के नेतृत्व में किसान कलक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे थे। जिला प्रशासन से कई दौर की वार्ता के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। बुधवार को आसपास के जनपदों से पहुंचे किसानों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर तोड़फोड़ करने की धमकी दी। इसके बाद एसडीएम व सिटी मजिस्ट्रेट ने उनसे बातचीत की। लेकिन बात नहीं बनी।
किसानों ने कहा उनकी दस सूत्री मांगों की जगह महज एक मांग ही मान ली जाए, विमला देवी की चकबंदी में गई जमीन उन्हें वापस दिला दी जाए तो वह लोग धरना खत्म कर देंगे। इसके बाद किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष राकेश यादव से एसडीएम की लंबी वार्ता चली। एसडीएम ने गुरुवार को उन्हें सात दिन में समस्या का निस्तारण करने का लिखित आश्वासन देने की बात कही थी। गुरुवार दोपहर एसडीएम ने किसानों को लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद किसान वहां चले गए।
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किसान यूनियन मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा व जिलाध्यक्ष अरविंद शाक्य के नेतृत्व में किसान कलक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे थे। जिला प्रशासन से कई दौर की वार्ता के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। बुधवार को आसपास के जनपदों से पहुंचे किसानों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर तोड़फोड़ करने की धमकी दी। इसके बाद एसडीएम व सिटी मजिस्ट्रेट ने उनसे बातचीत की। लेकिन बात नहीं बनी।
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किसानों ने कहा उनकी दस सूत्री मांगों की जगह महज एक मांग ही मान ली जाए, विमला देवी की चकबंदी में गई जमीन उन्हें वापस दिला दी जाए तो वह लोग धरना खत्म कर देंगे। इसके बाद किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष राकेश यादव से एसडीएम की लंबी वार्ता चली। एसडीएम ने गुरुवार को उन्हें सात दिन में समस्या का निस्तारण करने का लिखित आश्वासन देने की बात कही थी। गुरुवार दोपहर एसडीएम ने किसानों को लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद किसान वहां चले गए।
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