{"_id":"5ced75ddbdec2207215a5388","slug":"15590661259-farrukhabad-news37","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकारियों से त्रस्त किसानों ने तहसील में जड़ा ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकारियों से त्रस्त किसानों ने तहसील में जड़ा ताला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तहसील में अधिकारियों व कर्मचारियों के न बैठने से परेशान ग्रामीणों ने सर्वोदय मंडल के नेतृत्व मेें तहसील के मुख्य गेट पर ताला डाल दिया। अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। एसडीएम से गेट खोलने को लेकर संगठन के पूर्व महामंत्री से नोकझोंक हो गई। तहसील अध्यक्ष के समझाने पर गेट का ताला खोला गया।
लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जिस दिन लागू हुई उसी दिन से अधिकारियों व कर्मचारियों ने तहसील आना बंद कर दिया था। ग्रामीण तहसील आते और लौट जाते थे। आचार संहिता समाप्त होने के बाद भी अधिकारी व कर्मचारी तहसील में समय से नहीं आ रहे हैं।
मंगलवार को सर्वोदय मंडल के पूर्व महामंत्री लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में एक दर्जन ग्रामीण सुबह दस बजे फरियाद करने तहसील पहुंच गये। 12 बजे तक अधिकारी व कर्मचारी के न आने से पूर्व महामंत्री ने तहसीलदार को फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठाया तो एसडीएम को फोन किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि रास्ते में हैं। आ रहे हैं। 12.30 बजे तक एसडीएम के तहसील में न पहुंचने से गुस्साए पूर्व महामंत्री व ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए तहसील के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। वकील व ग्रामीण अंदर बंद हो गए। थोड़ी देर बाद एसडीएम बसंत कुमार गुप्ता पहुंचे तो गेट खोलने को कहा।
इस पर पूर्व महामंत्री भड़क गए, और वापस जाने को कहने लगे। इसी बात पर दोनों में नोकझोंक होने लगी। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विनोद प्रकाश द्विवेदी ने समझाकर मामला शांत किया। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि बुधवार से 10 बजे से तहसील में बैठेंगे।
जो भी बाद में आएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके बाद गेट को खोला गया। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि बाढ़ से बेघर हुए अलादपुर भटौली के ग्रामीणों को रहने के लिए जमीन दी गई थी लेकिन अभी तक कब्जा नहीं मिला है। जमीन पर कब्जा नहीं दिया गया और कर्मचारी व अधिकारियों ने अपना रवैया नहीं सुधारा तो फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर जाम लगाया जाएगा। उसकी पूरी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होगी।
अधिकारियों से त्रस्त किसानों ने तहसील में जड़ा ताला
तहसील में अधिकरियों के न बैठने से दुखी हैं लोग
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जिस दिन लागू हुई उसी दिन से अधिकारियों व कर्मचारियों ने तहसील आना बंद कर दिया था। ग्रामीण तहसील आते और लौट जाते थे। आचार संहिता समाप्त होने के बाद भी अधिकारी व कर्मचारी तहसील में समय से नहीं आ रहे हैं।
विज्ञापन
मंगलवार को सर्वोदय मंडल के पूर्व महामंत्री लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में एक दर्जन ग्रामीण सुबह दस बजे फरियाद करने तहसील पहुंच गये। 12 बजे तक अधिकारी व कर्मचारी के न आने से पूर्व महामंत्री ने तहसीलदार को फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठाया तो एसडीएम को फोन किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि रास्ते में हैं। आ रहे हैं। 12.30 बजे तक एसडीएम के तहसील में न पहुंचने से गुस्साए पूर्व महामंत्री व ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए तहसील के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। वकील व ग्रामीण अंदर बंद हो गए। थोड़ी देर बाद एसडीएम बसंत कुमार गुप्ता पहुंचे तो गेट खोलने को कहा।
इस पर पूर्व महामंत्री भड़क गए, और वापस जाने को कहने लगे। इसी बात पर दोनों में नोकझोंक होने लगी। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विनोद प्रकाश द्विवेदी ने समझाकर मामला शांत किया। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि बुधवार से 10 बजे से तहसील में बैठेंगे।
जो भी बाद में आएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके बाद गेट को खोला गया। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि बाढ़ से बेघर हुए अलादपुर भटौली के ग्रामीणों को रहने के लिए जमीन दी गई थी लेकिन अभी तक कब्जा नहीं मिला है। जमीन पर कब्जा नहीं दिया गया और कर्मचारी व अधिकारियों ने अपना रवैया नहीं सुधारा तो फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर जाम लगाया जाएगा। उसकी पूरी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होगी।
अधिकारियों से त्रस्त किसानों ने तहसील में जड़ा ताला
तहसील में अधिकरियों के न बैठने से दुखी हैं लोग