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डकैती में तीन अभियुक्तों को आठ वर्ष की कैद
Updated Mon, 29 Oct 2018 11:29 PM IST
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फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एंटी डकैती की न्यायाधीश इंदु द्विवेदी ने डकैती के मुकदमे के तीन को आठ-आठ साल की सजा सुनाई है। आठ-आठ हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा सुनाई है। एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव अकराबाद निवासी रमेश चंद्र के माता-पिता 5 सितंबर 1986 की रात को घर के बाहर बैठक में लेटे थे। रात करीब साढ़े 12 बजे सात-आठ बदमाश मां को धमकाकर घर के दरवाजा खुलवाने का दबाव बनाने लगे। मां की आवाज सुनकर पिता जाग गए और उन्होंने एक बदमाश के लाठी मार दी। इस पर बदमाश ने गोली मार कर पिता को घायल कर दिया। सीढ़ी से छत के सहारे घर में घुस गए। रमेश चंद्र और उसकी पत्नी सत्यवती को पीट दिया। पत्नी से अलमारी की चाबी लेकर ताला खोला और रुपये, जेवर और पीतल के बर्तन लूट लिए। फायरिंग करते हुए सभी बदमाश छत पर चढ़कर कूद कर भागने लगे। तभी पड़ोस में रहने वाले चाचा महेंद्र सिंह ने फूस में आग लगा दी। रोशनी में बदमाशों को भागते हुए परिवार व गांव के लोगों ने पहचान लिया था।
पीड़ित रमेश चंद्र ने कायमगंज कोतवाली के गांव हसनगंज निवासी देशराज, महमिदयापुर निवासी राधेश्याम, शमसाबाद के गांव सरपारपुर निवासी जोगराज, कंपिल के गांव अकराबाद निवासी हाकिम सिंह, रामभरोसे, रामप्रकाश व प्रताप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमा विचारण के दौरान रामप्रकाश, प्रताप की मौत हो गई। आरोपी रामभरोसे के अनुपस्थित रहने पर उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। आरोपी देशराज, राधेश्याम, जोगराज और हाकिम सिंह के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई हुई।
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इस दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने देशराज, राधेश्याम व जोगराज को डकैती के जुर्म में सजा और जुर्माने से दंडित किया है। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है। आरोपी हाकिम सिंह को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त किया गया है।
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कंपिल थाना क्षेत्र के गांव अकराबाद निवासी रमेश चंद्र के माता-पिता 5 सितंबर 1986 की रात को घर के बाहर बैठक में लेटे थे। रात करीब साढ़े 12 बजे सात-आठ बदमाश मां को धमकाकर घर के दरवाजा खुलवाने का दबाव बनाने लगे। मां की आवाज सुनकर पिता जाग गए और उन्होंने एक बदमाश के लाठी मार दी। इस पर बदमाश ने गोली मार कर पिता को घायल कर दिया। सीढ़ी से छत के सहारे घर में घुस गए। रमेश चंद्र और उसकी पत्नी सत्यवती को पीट दिया। पत्नी से अलमारी की चाबी लेकर ताला खोला और रुपये, जेवर और पीतल के बर्तन लूट लिए। फायरिंग करते हुए सभी बदमाश छत पर चढ़कर कूद कर भागने लगे। तभी पड़ोस में रहने वाले चाचा महेंद्र सिंह ने फूस में आग लगा दी। रोशनी में बदमाशों को भागते हुए परिवार व गांव के लोगों ने पहचान लिया था।
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पीड़ित रमेश चंद्र ने कायमगंज कोतवाली के गांव हसनगंज निवासी देशराज, महमिदयापुर निवासी राधेश्याम, शमसाबाद के गांव सरपारपुर निवासी जोगराज, कंपिल के गांव अकराबाद निवासी हाकिम सिंह, रामभरोसे, रामप्रकाश व प्रताप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमा विचारण के दौरान रामप्रकाश, प्रताप की मौत हो गई। आरोपी रामभरोसे के अनुपस्थित रहने पर उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। आरोपी देशराज, राधेश्याम, जोगराज और हाकिम सिंह के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई हुई।
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इस दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने देशराज, राधेश्याम व जोगराज को डकैती के जुर्म में सजा और जुर्माने से दंडित किया है। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है। आरोपी हाकिम सिंह को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त किया गया है।