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ट्रेनिंग लेने वाले आरोग्य मित्र की नियुक्ति लटकी
Updated Mon, 01 Oct 2018 12:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। आयुष्मान योजना के लिए भर्ती होने वाले आरोग्य मित्रों की नियुक्ति प्रक्रिया उलझती जा रही है। साक्षात्कार देने के बाद नियुक्ति पत्र व ट्रेनिंग के बाद भी मामला अधर में लटक गया। इसके विपरीत अस्पताल में नए आरोग्य मित्रों को बिना किसी प्रशिक्षण के तैनात किया जा रहा है। संविदा पर अस्पतालों में होने वाली इस नियुक्ति के संबंध में अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
आयुष्मान योजना के लिए सरकार ने संविदा पर अस्पतालों में आरोग्य मित्रों की तैनाती की योजना बनाई थी। लोहिया अस्पताल में इसके लिए अरुण नाम के पूर्व में कार्य कर रहे संविदाकर्मी का चयन किया गया था। लखनऊ में 11 सितंबर को उसे प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके बाद उसने लोहिया अस्पताल में आयुष्मान मित्र के तौर काम करना शुरू कर दिया। इस दौरान 17 सितंबर को प्रशासनिक अधिकारियों ने साक्षात्कार लेकर तीन अन्य अभ्यर्थियों का चयन आरोग्य मित्र के तौर पर अरुण कर दिया। अमर उजाला ने इस मामले का खुलासा किया। जिसके बाद अस्पाल के अधिकारियों ने तीन नए अभ्यर्थियों को नियुक्तिपत्र देकर काम शुरू करा दिया। अब स्थिति ये हैं कि अप्रशिक्षित आरोग्य मित्र अस्पताल में सीटों पर बैठे हैं जबकि प्रशिक्षित अरुण का मामला अधर में लटका है। सीएमओ डा. अरुण कुमार ने इस बारे में टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। वहीं दूसरी और सीडीओ अपूर्वा दुबे ने बताया कि मेरी जिम्मेदारी चयन करने की थी, मामले की फाइल मंगवाकर जांच की जाएगी।
योजना के नियमानुसार प्रत्येक अस्पताल में एक आरोग्य मित्र की तैनाती होनी है। जिले के तीन अस्पताल ही इस योजना में इन पैनल हुए हैं। ऐसे में अरुण की लॉगिन ही काम कर रही है। हालांकि कुछ अधिकारी उसे मास्टर ट्रेनर बता कर बात को टाल रहे हैं। वहीं कुछ कह रहे हैं कि उसे भी कहीं एडजस्ट किया जाएगा। ट्रेनिंग के लिए किसी मास्टर ट्रेनर की जरूरत नहीं है। आरोग्य मित्रों की ट्रेनिंग ऑनलाइन होगी।
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- लोहिया अस्पताल में तीन अप्रशिक्षित अभ्यर्थियों की तैनाती
- मामले में सीएमओ ने साधी चुप्पी, सीडीओ ने जांच का आश्वासन दिया
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फर्रुखाबाद। आयुष्मान योजना के लिए भर्ती होने वाले आरोग्य मित्रों की नियुक्ति प्रक्रिया उलझती जा रही है। साक्षात्कार देने के बाद नियुक्ति पत्र व ट्रेनिंग के बाद भी मामला अधर में लटक गया। इसके विपरीत अस्पताल में नए आरोग्य मित्रों को बिना किसी प्रशिक्षण के तैनात किया जा रहा है। संविदा पर अस्पतालों में होने वाली इस नियुक्ति के संबंध में अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
आयुष्मान योजना के लिए सरकार ने संविदा पर अस्पतालों में आरोग्य मित्रों की तैनाती की योजना बनाई थी। लोहिया अस्पताल में इसके लिए अरुण नाम के पूर्व में कार्य कर रहे संविदाकर्मी का चयन किया गया था। लखनऊ में 11 सितंबर को उसे प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके बाद उसने लोहिया अस्पताल में आयुष्मान मित्र के तौर काम करना शुरू कर दिया। इस दौरान 17 सितंबर को प्रशासनिक अधिकारियों ने साक्षात्कार लेकर तीन अन्य अभ्यर्थियों का चयन आरोग्य मित्र के तौर पर अरुण कर दिया। अमर उजाला ने इस मामले का खुलासा किया। जिसके बाद अस्पाल के अधिकारियों ने तीन नए अभ्यर्थियों को नियुक्तिपत्र देकर काम शुरू करा दिया। अब स्थिति ये हैं कि अप्रशिक्षित आरोग्य मित्र अस्पताल में सीटों पर बैठे हैं जबकि प्रशिक्षित अरुण का मामला अधर में लटका है। सीएमओ डा. अरुण कुमार ने इस बारे में टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। वहीं दूसरी और सीडीओ अपूर्वा दुबे ने बताया कि मेरी जिम्मेदारी चयन करने की थी, मामले की फाइल मंगवाकर जांच की जाएगी।
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योजना के नियमानुसार प्रत्येक अस्पताल में एक आरोग्य मित्र की तैनाती होनी है। जिले के तीन अस्पताल ही इस योजना में इन पैनल हुए हैं। ऐसे में अरुण की लॉगिन ही काम कर रही है। हालांकि कुछ अधिकारी उसे मास्टर ट्रेनर बता कर बात को टाल रहे हैं। वहीं कुछ कह रहे हैं कि उसे भी कहीं एडजस्ट किया जाएगा। ट्रेनिंग के लिए किसी मास्टर ट्रेनर की जरूरत नहीं है। आरोग्य मित्रों की ट्रेनिंग ऑनलाइन होगी।
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- लोहिया अस्पताल में तीन अप्रशिक्षित अभ्यर्थियों की तैनाती
- मामले में सीएमओ ने साधी चुप्पी, सीडीओ ने जांच का आश्वासन दिया