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गंगा का जलस्तर से बढ़ने से अफसर सतर्क
Updated Thu, 27 Sep 2018 11:36 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। नरोरा बांध से पानी छोड़े जाने से बुधवार रात गंगा का जलस्तर बढ़ गया। कटरी झोपड़ियां डूब गईं। गुरुवार सुबह अपर जिलाधिकारी न्यायिक ने पांचाल घाट पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने उप जिलाधिकारी अमृतपुर, तहसीलदार और लेखपालों को सतर्क कर दिया है।
नरौरा बांध से बुधवार को एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके चलते यहां जलस्तर बढ़ गया है। गुरुवार को 97 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया। इससे पांचाल घाट में पूजा पाठ करने वाले गंगा पुत्रों की झोपड़ियां डूब गई हैं। गंगा का जलस्तर 136.30 मीटर पहुंचते ही अपर जिलाधिकारी भानु प्रताप सिंह पांचाल घाट पहुंचे और जायजा लिया। उन्होंने अमृतपुर एसडीएम रमेशचंद्र को निर्देश दिए कि वह तहसीलदार और लेखपालों को सतर्क कर दें। गंगा का जलस्तर और बढ़ा तो गांवों में पानी घुस जाएगा। वहीं, गंगा का जलस्तर बढ़ने से तीसराम की मड़ैया, आशा की मड़ैया, रामपुर जोगराजपुर, सुंदरपुर, कछुआगाढ़ा, भुड़रा, ऊगरपुर और मंझा आदि गांवों के लोग चिंतित हो गए हैं।
झुनकूराम, रामभरोसे, रामखिलाड़ी, महेशचंद्र, बुलाकीदास, शिवरतन, रामसिंह, रामखिलाड़ी, रामनिवासी और गुड्डू आदि ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ खत्म होने के बाद जैसे-तैसे घर लौटकर व्यवस्था ठीकठाक कर पाई है। अगर दोबारा पानी घुसा तो दिक्कत और बढ़ जाएगी। अधिशासी अभियंता सुशील कुमार ने बताया कि नरौरा बांध से बुधवार एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके चलते यहां जलस्तर बढ़ गया है। गुरुवार को 97 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। नरोरा बांध से पानी छोड़े जाने से बुधवार रात गंगा का जलस्तर बढ़ गया। कटरी झोपड़ियां डूब गईं। गुरुवार सुबह अपर जिलाधिकारी न्यायिक ने पांचाल घाट पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने उप जिलाधिकारी अमृतपुर, तहसीलदार और लेखपालों को सतर्क कर दिया है।
नरौरा बांध से बुधवार को एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके चलते यहां जलस्तर बढ़ गया है। गुरुवार को 97 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया। इससे पांचाल घाट में पूजा पाठ करने वाले गंगा पुत्रों की झोपड़ियां डूब गई हैं। गंगा का जलस्तर 136.30 मीटर पहुंचते ही अपर जिलाधिकारी भानु प्रताप सिंह पांचाल घाट पहुंचे और जायजा लिया। उन्होंने अमृतपुर एसडीएम रमेशचंद्र को निर्देश दिए कि वह तहसीलदार और लेखपालों को सतर्क कर दें। गंगा का जलस्तर और बढ़ा तो गांवों में पानी घुस जाएगा। वहीं, गंगा का जलस्तर बढ़ने से तीसराम की मड़ैया, आशा की मड़ैया, रामपुर जोगराजपुर, सुंदरपुर, कछुआगाढ़ा, भुड़रा, ऊगरपुर और मंझा आदि गांवों के लोग चिंतित हो गए हैं।
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झुनकूराम, रामभरोसे, रामखिलाड़ी, महेशचंद्र, बुलाकीदास, शिवरतन, रामसिंह, रामखिलाड़ी, रामनिवासी और गुड्डू आदि ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ खत्म होने के बाद जैसे-तैसे घर लौटकर व्यवस्था ठीकठाक कर पाई है। अगर दोबारा पानी घुसा तो दिक्कत और बढ़ जाएगी। अधिशासी अभियंता सुशील कुमार ने बताया कि नरौरा बांध से बुधवार एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके चलते यहां जलस्तर बढ़ गया है। गुरुवार को 97 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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