{"_id":"5bad1c26867a55014042e63d","slug":"15380715614-farrukhabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोतवाली में बंदरों ने मुंशी पर किया हमला, अभिलेख फाड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोतवाली में बंदरों ने मुंशी पर किया हमला, अभिलेख फाड़े
Updated Thu, 27 Sep 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कायमगंज (फर्रुखाबाद)। बंदरों के झुंड ने बृहस्पतिवार को कोतवाली में कामकाज निपटा रहे मुंशी पर हमला कर दिया। मुंशी उन्हें भगाने की कोशिश करने लगे, तब तक बंदर कुछ अभिलेख लेकर भाग गए। काफी कवायद के बाद फटे नुचे अभिलेख मिले।
कोतवाली में बंदरों का झुंड डेरा जमाए रहता है। कभी कपड़े लेकर भाग जाते हैं तो कभी फरियादियों पर हमला कर देते हैं। बीते महीने एसएसआई आरएस वर्मा के कक्ष में बंदरों ने घुसकर महत्वपूर्ण अभिलेख फाड़ दिए थे। बृहस्पतिवार को कोतवाली के मुंशी देव प्रकाश अपनी सीट पर डाक को रजिस्टर में नोट कर रहे थे, तभी दो दर्जन से ज्यादा बंदरों के झुंड ने धावा बोल दिया। उन्होंने बंदरों को भगाने की कोशिश की तो वह उन पर दौड़ पड़े और कागजात उठा ले गए।
यह देख कोतवाली में अफरातफरी मच गई। इंस्पेक्टर राधेश्याम व अन्य पुलिस कर्मी चौकीदार, पहरा सभी बंदरों के पीछे दौड़े। बंदर कागजों को छत पर ले गए। काफी मशक्कत के बाद फटे नुचे अभिलेख छुड़ा पाए। मुंशी ने बताया कि प्रार्थना पत्र, पैरोल केस डायरी आदि ले गए थे। केस डायरी तो बच गई अन्य अभिलेख फाड़ दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कायमगंज (फर्रुखाबाद)। बंदरों के झुंड ने बृहस्पतिवार को कोतवाली में कामकाज निपटा रहे मुंशी पर हमला कर दिया। मुंशी उन्हें भगाने की कोशिश करने लगे, तब तक बंदर कुछ अभिलेख लेकर भाग गए। काफी कवायद के बाद फटे नुचे अभिलेख मिले।
कोतवाली में बंदरों का झुंड डेरा जमाए रहता है। कभी कपड़े लेकर भाग जाते हैं तो कभी फरियादियों पर हमला कर देते हैं। बीते महीने एसएसआई आरएस वर्मा के कक्ष में बंदरों ने घुसकर महत्वपूर्ण अभिलेख फाड़ दिए थे। बृहस्पतिवार को कोतवाली के मुंशी देव प्रकाश अपनी सीट पर डाक को रजिस्टर में नोट कर रहे थे, तभी दो दर्जन से ज्यादा बंदरों के झुंड ने धावा बोल दिया। उन्होंने बंदरों को भगाने की कोशिश की तो वह उन पर दौड़ पड़े और कागजात उठा ले गए।
विज्ञापन
यह देख कोतवाली में अफरातफरी मच गई। इंस्पेक्टर राधेश्याम व अन्य पुलिस कर्मी चौकीदार, पहरा सभी बंदरों के पीछे दौड़े। बंदर कागजों को छत पर ले गए। काफी मशक्कत के बाद फटे नुचे अभिलेख छुड़ा पाए। मुंशी ने बताया कि प्रार्थना पत्र, पैरोल केस डायरी आदि ले गए थे। केस डायरी तो बच गई अन्य अभिलेख फाड़ दिए हैं।
विज्ञापन