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दो विभागों की लड़ाई में फैल रहीं बीमारियां
Updated Sat, 15 Sep 2018 11:46 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। दो विभागों की लड़ाई में गांवों में बीमारियां फैल रहीं हैं। यही कारण है कि अब तक जिले में करीब दर्जन भर लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 250 से ज्यादा लोग बीमार हैं। जिला अस्पताल हो या सीएचसी सभी में मरीजों की भीड़ लगी रहती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में वायरल फीवर, मलेरिया व अन्य संक्रामक रोगों, खुजली आदि से पीड़ित लोगों की भीड़ है। लोहिया अस्पताल की बात करें तो यहां पर प्रतिदिन करीब 1500 से ज्यादा मरीज आते हैं। चिकित्सकों की मानें तो पचास प्रतिशत से ज्यादा मरीज ओपीडी में बुखार व मलेरिया आदि के होते हैं। इसके अलावा जनपद की सीएचसी में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ज्यादातर सीएचसी में ओपीडी दो सौ से तीन सौ के करीब जा रही है। जिन गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम जा रही है, वहां डीडीटी व अन्य छिड़काव नहीं होने की बात सामने आ रही है। साथ ही गंदगी व जलभराव के मुद्दे भी निकल कर आते हैं।
इसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जहां भी बुखार पीड़ित मिलते हैं। उन घरों के आसपास हम फॉगिंग करवा देते हैं। पूरे गांव की फॉगिंग का जिम्मा पंचायती राज विभाग का है। वहीं, पंचायती राज विभाग चाहता है कि फॉगिंग स्वास्थ्य विभाग करा दे। दोनों में से कोई भी विभाग काम कराने की नहीं सोच रहा। इसका खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं। उन्हें प्रतिदिन अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
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फर्रुखाबाद। दो विभागों की लड़ाई में गांवों में बीमारियां फैल रहीं हैं। यही कारण है कि अब तक जिले में करीब दर्जन भर लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 250 से ज्यादा लोग बीमार हैं। जिला अस्पताल हो या सीएचसी सभी में मरीजों की भीड़ लगी रहती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में वायरल फीवर, मलेरिया व अन्य संक्रामक रोगों, खुजली आदि से पीड़ित लोगों की भीड़ है। लोहिया अस्पताल की बात करें तो यहां पर प्रतिदिन करीब 1500 से ज्यादा मरीज आते हैं। चिकित्सकों की मानें तो पचास प्रतिशत से ज्यादा मरीज ओपीडी में बुखार व मलेरिया आदि के होते हैं। इसके अलावा जनपद की सीएचसी में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ज्यादातर सीएचसी में ओपीडी दो सौ से तीन सौ के करीब जा रही है। जिन गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम जा रही है, वहां डीडीटी व अन्य छिड़काव नहीं होने की बात सामने आ रही है। साथ ही गंदगी व जलभराव के मुद्दे भी निकल कर आते हैं।
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इसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जहां भी बुखार पीड़ित मिलते हैं। उन घरों के आसपास हम फॉगिंग करवा देते हैं। पूरे गांव की फॉगिंग का जिम्मा पंचायती राज विभाग का है। वहीं, पंचायती राज विभाग चाहता है कि फॉगिंग स्वास्थ्य विभाग करा दे। दोनों में से कोई भी विभाग काम कराने की नहीं सोच रहा। इसका खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं। उन्हें प्रतिदिन अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
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