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गंगा का घटा तो राम गंगा का बढ़ा जलस्तर
Updated Tue, 11 Sep 2018 11:54 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। कई दिनों बाद गंगा का जलस्तर कम हुआ है, लेकिन दूसरी ओर रामगंगा के जलस्तर बढ़ गया है। इससे रामगंगा के किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। दूसरी ओर पानी कम होने के बाद बदबू से भी गांवों में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।
मंगलवार को गंगा नदी के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। इससे वह खतरे के निशान से करीब 20 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गई है। गंगा का जलस्तर 136.90 मीटर रहा। हालांकि गंगा नदी अब भी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से ऊपर ही है। गंगा में मंगलवार को 85 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दूसरी ओर रामगंगा के जलस्तर में मंगलवार को पांच सेंटीमीटर बढ़ कर 136.20 दर्ज किया गया है। रामगंगा के जलस्तर में मामूली बढ़त से ही ग्रामीण सतर्क हो गए हैं। हालांकि रामगंगा अभी चेतावनी बिंदु से 40 सेंटीमीटर नीचे हैं। उधर, गंगा का पानी गांव कम तो हुआ है लेकिन अभी लोगों के घरों से पानी नहीं निकला है। इससे ग्रामीण सड़क या छतों पर ही डेरा जमाए हैं। तीसराम की मड़ैया, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, आशा की मड़ैया, जोगराजपुर, सुंदरपुर, कछुआ गाड़ा, उमरपुरा, मंझा, कनपुर घाट आदि गांव में आने जाने का सहारा अभी भी नाव ही है। इसके अलावा जहां पानी कम हो गया है वहां घास आदि सड़ जाने से बदबू में ग्रामीणों का रहना मुश्किल हो रहा है साथ ही इससे बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
दवाएं बांटी
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को तीसराम की मड़ैया में डा. पुनीत पांडेय के नेतृत्व में दवा वितरित की। यहां 97 लोगों को दवा दी गई। वहीं, मंझा में डा. गौरव के नेतृत्व में 125 लोगों को दवाओं का वितरण किया गया। इसके अलावा एसीएमओ डा. दलवीर सिंह के नेतृत्व में दो टीमें ऊगरपुर और हरसिंहपुर कायस्थ जा रहीं थी। लालपुर तक नाव से पहुंचने के बाद टीम को नाव नहीं मिली। उन्हें वहां से वापस आना पड़ा।
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अहलादपुर भटौली में दो दर्जन से ज्यादा लोगों को बुखार
क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव अहलादपुर भटौली में 25 से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं। सरिता, रामप्रवेश, मोनिका, गंगासिंह, सुनील कुमार, सौरभ, उर्मिला देवी, शिवरत्न आदि समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि किसी को दो तो किसी को तीन दिन से बुखार है। इस मामले में सीएमओ ने बताया कि एसीएमओ डा. दलवीर सिंह को भेजकर गांव में दवा का वितरण कराया जाएगा।
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अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। कई दिनों बाद गंगा का जलस्तर कम हुआ है, लेकिन दूसरी ओर रामगंगा के जलस्तर बढ़ गया है। इससे रामगंगा के किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। दूसरी ओर पानी कम होने के बाद बदबू से भी गांवों में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।
मंगलवार को गंगा नदी के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। इससे वह खतरे के निशान से करीब 20 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गई है। गंगा का जलस्तर 136.90 मीटर रहा। हालांकि गंगा नदी अब भी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से ऊपर ही है। गंगा में मंगलवार को 85 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दूसरी ओर रामगंगा के जलस्तर में मंगलवार को पांच सेंटीमीटर बढ़ कर 136.20 दर्ज किया गया है। रामगंगा के जलस्तर में मामूली बढ़त से ही ग्रामीण सतर्क हो गए हैं। हालांकि रामगंगा अभी चेतावनी बिंदु से 40 सेंटीमीटर नीचे हैं। उधर, गंगा का पानी गांव कम तो हुआ है लेकिन अभी लोगों के घरों से पानी नहीं निकला है। इससे ग्रामीण सड़क या छतों पर ही डेरा जमाए हैं। तीसराम की मड़ैया, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, आशा की मड़ैया, जोगराजपुर, सुंदरपुर, कछुआ गाड़ा, उमरपुरा, मंझा, कनपुर घाट आदि गांव में आने जाने का सहारा अभी भी नाव ही है। इसके अलावा जहां पानी कम हो गया है वहां घास आदि सड़ जाने से बदबू में ग्रामीणों का रहना मुश्किल हो रहा है साथ ही इससे बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
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दवाएं बांटी
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को तीसराम की मड़ैया में डा. पुनीत पांडेय के नेतृत्व में दवा वितरित की। यहां 97 लोगों को दवा दी गई। वहीं, मंझा में डा. गौरव के नेतृत्व में 125 लोगों को दवाओं का वितरण किया गया। इसके अलावा एसीएमओ डा. दलवीर सिंह के नेतृत्व में दो टीमें ऊगरपुर और हरसिंहपुर कायस्थ जा रहीं थी। लालपुर तक नाव से पहुंचने के बाद टीम को नाव नहीं मिली। उन्हें वहां से वापस आना पड़ा।
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अहलादपुर भटौली में दो दर्जन से ज्यादा लोगों को बुखार
क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव अहलादपुर भटौली में 25 से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं। सरिता, रामप्रवेश, मोनिका, गंगासिंह, सुनील कुमार, सौरभ, उर्मिला देवी, शिवरत्न आदि समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि किसी को दो तो किसी को तीन दिन से बुखार है। इस मामले में सीएमओ ने बताया कि एसीएमओ डा. दलवीर सिंह को भेजकर गांव में दवा का वितरण कराया जाएगा।