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नामांकन पत्रों की जांच में सभी प्रत्याशियों के पर्चे निकले वैध
Updated Tue, 11 Sep 2018 11:54 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। जिला बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की मंगलवार को जांच हुई। चुनाव अधिकारी डा. अनुपम दुबे, शिव प्रताप सिंह व दीपक द्विवेदी ने सभी प्रत्याशियों के पर्चे वैध होने की घोषण की है। आठ वकीलों पर चुनाव में मतदान करने पर रोक लगाई है। इन वकीलों ने निर्धारित समय में विधि व्यवसाय करने का साक्ष्य चुनाव समिति के पास पेश नहीं किया है।
बार एसोसिएशन के चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद के लिए तीन-तीन, महासचिव पद के लिए दो, महिला उपाध्यक्ष पद के लिए दो, संयुक्त सचिव पद के लिए चार, कोषाध्यक्ष पद के लिए तीन, लेखा परीक्षक, पुस्तकालय अध्यक्ष पद के लिए दो-दो और सदस्य पद के लिए नौ वकीलोें ने चुनाव लड़ने के लिए सोमवार को नामांकन कराया था। इन सभी प्रत्याशियों के पर्चों की मंगलवार को जांच हुई। जांच में सभी प्रत्याशियों के पर्चे चुनाव समिति ने वैध घोषित कर दिए हैं। जिन वकीलों ने जिस पद के लिए नामांकन कराया था, वह उसी पद के लिए चुनाव लड़ेंगे।
प्रारंभिक मतदाता सूची जारी होने पर कुछ वकीलों ने 24 वकीलों पर विधि व्यवसाय न करने का आरोप लगाकर आपत्ति लगाई थी। चुनाव समिति ने नोटिस जारी कर मुकदमे की पैरवी में लगाए गए वकालतनामों में से तीन-तीन प्रमाणित वकालतनामा चुनाव समिति के पास पेश करने का आदेश दिया था। 24 में से 16 वकीलों ने वकालतनामों के साथ स्पष्टीकरण चुनाव समिति को दे दिया। आठ वकीलों ने नोटिस पर कोई जवाब व स्पष्टीकरण नहीं दिया। इससे उनको चुनाव में वोट डालने से रोक दिया गया है।
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फर्रुखाबाद। जिला बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की मंगलवार को जांच हुई। चुनाव अधिकारी डा. अनुपम दुबे, शिव प्रताप सिंह व दीपक द्विवेदी ने सभी प्रत्याशियों के पर्चे वैध होने की घोषण की है। आठ वकीलों पर चुनाव में मतदान करने पर रोक लगाई है। इन वकीलों ने निर्धारित समय में विधि व्यवसाय करने का साक्ष्य चुनाव समिति के पास पेश नहीं किया है।
बार एसोसिएशन के चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद के लिए तीन-तीन, महासचिव पद के लिए दो, महिला उपाध्यक्ष पद के लिए दो, संयुक्त सचिव पद के लिए चार, कोषाध्यक्ष पद के लिए तीन, लेखा परीक्षक, पुस्तकालय अध्यक्ष पद के लिए दो-दो और सदस्य पद के लिए नौ वकीलोें ने चुनाव लड़ने के लिए सोमवार को नामांकन कराया था। इन सभी प्रत्याशियों के पर्चों की मंगलवार को जांच हुई। जांच में सभी प्रत्याशियों के पर्चे चुनाव समिति ने वैध घोषित कर दिए हैं। जिन वकीलों ने जिस पद के लिए नामांकन कराया था, वह उसी पद के लिए चुनाव लड़ेंगे।
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प्रारंभिक मतदाता सूची जारी होने पर कुछ वकीलों ने 24 वकीलों पर विधि व्यवसाय न करने का आरोप लगाकर आपत्ति लगाई थी। चुनाव समिति ने नोटिस जारी कर मुकदमे की पैरवी में लगाए गए वकालतनामों में से तीन-तीन प्रमाणित वकालतनामा चुनाव समिति के पास पेश करने का आदेश दिया था। 24 में से 16 वकीलों ने वकालतनामों के साथ स्पष्टीकरण चुनाव समिति को दे दिया। आठ वकीलों ने नोटिस पर कोई जवाब व स्पष्टीकरण नहीं दिया। इससे उनको चुनाव में वोट डालने से रोक दिया गया है।
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