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डीएम ने डीएसओ के अफसरों को किया तलब
Updated Thu, 23 Aug 2018 11:36 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। कोटा समायोजन सूची में हुए खेल के मामले को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कोटा समायोजन सूची बनाने वाले जिलापूर्ति विभाग के अफसरों को तलब कर मामले की जानकारी की। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि बगैर उनके हस्ताक्षर समायोजन की फाइल शासन को कैसे भेज दी गई। उन्होंने स्पष्टीकरण भी मांगा है।
जिलापूर्ति विभाग ने कोटा समायोजन की सूची बनाकर बगैर जिलाधिकारी को दिखाए 17 अगस्त को शासन को भेज दी थी। इस खबर को अमर उजाला ने 23 अगस्त के अंक में पेज संख्या चार पर डीएम को दिखाए बगैर सूची शासन को भेजी शीर्षक से प्रकाशित की। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने इसे गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को कोटा समायोजन सूची बनाने वाले जिलापूर्ति विभाग के अफसरों को तलब कर लिया। उन्होंने कहा कि कोटा समायोजन सूची उनके पास क्यों नहीं भेजी गई। आखिर उनके हस्ताक्षर के बगैर कोटा समायोजन सूची को शासन को भेज कैसे दिया गया। डीएम ने अफसरों से मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि कोटा समायोजन सूची भेजे जाने के मामले में अफसरों से पूछताछ की गई है। उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
गौरतलब है कि मई में शासन के आदेश पर पूर्ति विभाग ने 300 से कम राशनकार्ड वाले कोटेदारों को समायोजन करने की प्रक्रिया शुरू की थी। शासन के आदेश थे कि 31 जुलाई तक हर हाल में कोटा समायोजन की सूची बनाकर भेज दी जाए। ऐसा न करने पर जिलापूर्ति अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रावधान भी था। पर इसके बावजूद कोटेदारों ने पूर्ति विभाग के अफसरों से मिलकर साठगांठ का खेल शुरू कर दिया था। अमर उजाला इस मामले को समय-समय पर उठाता रहा, तभी डीएम ने इसे गंभीरता से लिया है।
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फर्रुखाबाद। कोटा समायोजन सूची में हुए खेल के मामले को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कोटा समायोजन सूची बनाने वाले जिलापूर्ति विभाग के अफसरों को तलब कर मामले की जानकारी की। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि बगैर उनके हस्ताक्षर समायोजन की फाइल शासन को कैसे भेज दी गई। उन्होंने स्पष्टीकरण भी मांगा है।
जिलापूर्ति विभाग ने कोटा समायोजन की सूची बनाकर बगैर जिलाधिकारी को दिखाए 17 अगस्त को शासन को भेज दी थी। इस खबर को अमर उजाला ने 23 अगस्त के अंक में पेज संख्या चार पर डीएम को दिखाए बगैर सूची शासन को भेजी शीर्षक से प्रकाशित की। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने इसे गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को कोटा समायोजन सूची बनाने वाले जिलापूर्ति विभाग के अफसरों को तलब कर लिया। उन्होंने कहा कि कोटा समायोजन सूची उनके पास क्यों नहीं भेजी गई। आखिर उनके हस्ताक्षर के बगैर कोटा समायोजन सूची को शासन को भेज कैसे दिया गया। डीएम ने अफसरों से मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि कोटा समायोजन सूची भेजे जाने के मामले में अफसरों से पूछताछ की गई है। उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
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गौरतलब है कि मई में शासन के आदेश पर पूर्ति विभाग ने 300 से कम राशनकार्ड वाले कोटेदारों को समायोजन करने की प्रक्रिया शुरू की थी। शासन के आदेश थे कि 31 जुलाई तक हर हाल में कोटा समायोजन की सूची बनाकर भेज दी जाए। ऐसा न करने पर जिलापूर्ति अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रावधान भी था। पर इसके बावजूद कोटेदारों ने पूर्ति विभाग के अफसरों से मिलकर साठगांठ का खेल शुरू कर दिया था। अमर उजाला इस मामले को समय-समय पर उठाता रहा, तभी डीएम ने इसे गंभीरता से लिया है।
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