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कटरी तौफीक में झोपड़ियों में घुसा बाढ़ का पानी
Updated Mon, 13 Aug 2018 11:33 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। ब्लाक क्षेत्र के कटरी तौफीक गांव में बाढ़ का पानी झोपड़ियों में घुस गया है। इसके चलते ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। तख्त पर चूल्हा रखकर महिलाएं भोजन बनाने को मजबूर हैं। बच्चे बाढ़ के पानी से होकर स्कूल जा रहे हैं।
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से तीन दिन पहले कटरी तौफीक में पानी पहुंच गया था। जलस्तर में ज्यादा गिरावट न आने से सोमवार को झोपड़ियों के अंदर पानी भर गया। झोपड़ी में घुसे पानी के बीच तख्त पर चूल्हा रखकर भोजन बना रही शीला देवी पत्नी जयचंद्र ने बताया कि इतनी जगह नहीं है कि नीचे बैठकर भोजन बना सकें। चारों तरफ पानी भरा है। खान-पान के सामान को भी चारपाई आदि पर रखती हैं। रात में चारपाई और तख्त पर ही परिवार के लोग सोते हैं। गांव के रामऔतार, रामतीर्थ, जोगराज, जयचंद्र, मदनपाल और अतर सिंह की झोपड़ियों में भी पानी भरा है। इन लोगों का कहना है कि चारों ओर पानी भरा होने से दिक्कतें आ रही हैं। बच्चे नाव पर बैठकर और पानी के बीच होकर जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने राहत सामग्री बंटवाए जाने की मांग की है।
नाव पर बैठकर शौच करने जा रही महिलाएं
शमसाबाद। स्वच्छ भारत मिशन का सपना पूरा होते नहीं दिख रहा है। कटरी तौफीक गांव में बाढ़ का पानी घुसा होने से महिलाएं नाव पर बैठकर शौच जाने के लिए मजबूर हैं। कटरी तौफीक गांव में मात्र 20-25 शौचालय ही बनाए गए हैं, जबकि गांव की आबादी लगभग 300-400 है। पर्याप्त मात्रा में शौचालय न बनाए जाने से महिलाएं अब भी खुले में शौच करने जाने को मजबूर हैं। तीन-चार दिनों से गांव में बाढ़ का पानी आने के चलते महिलाएं नाव पर बैठकर शौच करने जाती हैं। शौच करने जा रही महिलाओं का कहना है कि अभी तक उनके शौचालय प्रधान ने नहीं बनवाए हैं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रधान से शौचालय की मांग की तो उन्होंने रुपये की मांग की। रुपये न देने के चलते प्रधान ने अपने चहेतों के शौचालय बनवा दिए। महिलाओं ने कहा कि गांव में बाढ़ का पानी घुसा होने के चलते नाव से शौच करने के लिए जाने को मजबूर हैं। इस संबंध में प्रधान दीपिका राजपूत ने बताया कि 25 शौचालय मिले थे, जिन्हें बनवा दिया गया। अन्य शौचालयों के लिए जल्द ही डिमांड भिजवाई जाएगी। लगाए गए आरोप गलत हैं। ब्यूरो
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बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
शमसाबाद। ग्राम सभा कटरी तौफीक स्थित प्राथमिक विद्यालय में तहसीलदार कायमगंज गजेंद्र सिंह की देखरेख में ग्रामीणों को राहत सामग्री बांटी गई। राहत पैकेट में आलू, लइया, चायपत्ती, चीनी, चना, आटा, चावल, अरहर दाल और वनस्पति घी व सरसों का तेल आदि शामिल है। तहसीलदार ने करीब 150 लोगों को राहत सामग्री बांटी। तहसीलदार ने बताया कि आटा, चावल, आलू दस-दस किलो और लइया पांच-पांच किलो बांटी गई। इसी के साथ ही चायपत्ती, चीनी, चना, वनस्पति और सरसों का तेल भी बांटा गया। इस दौरान गोपीनाथ आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। ब्लाक क्षेत्र के कटरी तौफीक गांव में बाढ़ का पानी झोपड़ियों में घुस गया है। इसके चलते ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। तख्त पर चूल्हा रखकर महिलाएं भोजन बनाने को मजबूर हैं। बच्चे बाढ़ के पानी से होकर स्कूल जा रहे हैं।
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से तीन दिन पहले कटरी तौफीक में पानी पहुंच गया था। जलस्तर में ज्यादा गिरावट न आने से सोमवार को झोपड़ियों के अंदर पानी भर गया। झोपड़ी में घुसे पानी के बीच तख्त पर चूल्हा रखकर भोजन बना रही शीला देवी पत्नी जयचंद्र ने बताया कि इतनी जगह नहीं है कि नीचे बैठकर भोजन बना सकें। चारों तरफ पानी भरा है। खान-पान के सामान को भी चारपाई आदि पर रखती हैं। रात में चारपाई और तख्त पर ही परिवार के लोग सोते हैं। गांव के रामऔतार, रामतीर्थ, जोगराज, जयचंद्र, मदनपाल और अतर सिंह की झोपड़ियों में भी पानी भरा है। इन लोगों का कहना है कि चारों ओर पानी भरा होने से दिक्कतें आ रही हैं। बच्चे नाव पर बैठकर और पानी के बीच होकर जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने राहत सामग्री बंटवाए जाने की मांग की है।
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नाव पर बैठकर शौच करने जा रही महिलाएं
शमसाबाद। स्वच्छ भारत मिशन का सपना पूरा होते नहीं दिख रहा है। कटरी तौफीक गांव में बाढ़ का पानी घुसा होने से महिलाएं नाव पर बैठकर शौच जाने के लिए मजबूर हैं। कटरी तौफीक गांव में मात्र 20-25 शौचालय ही बनाए गए हैं, जबकि गांव की आबादी लगभग 300-400 है। पर्याप्त मात्रा में शौचालय न बनाए जाने से महिलाएं अब भी खुले में शौच करने जाने को मजबूर हैं। तीन-चार दिनों से गांव में बाढ़ का पानी आने के चलते महिलाएं नाव पर बैठकर शौच करने जाती हैं। शौच करने जा रही महिलाओं का कहना है कि अभी तक उनके शौचालय प्रधान ने नहीं बनवाए हैं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रधान से शौचालय की मांग की तो उन्होंने रुपये की मांग की। रुपये न देने के चलते प्रधान ने अपने चहेतों के शौचालय बनवा दिए। महिलाओं ने कहा कि गांव में बाढ़ का पानी घुसा होने के चलते नाव से शौच करने के लिए जाने को मजबूर हैं। इस संबंध में प्रधान दीपिका राजपूत ने बताया कि 25 शौचालय मिले थे, जिन्हें बनवा दिया गया। अन्य शौचालयों के लिए जल्द ही डिमांड भिजवाई जाएगी। लगाए गए आरोप गलत हैं। ब्यूरो
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बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
शमसाबाद। ग्राम सभा कटरी तौफीक स्थित प्राथमिक विद्यालय में तहसीलदार कायमगंज गजेंद्र सिंह की देखरेख में ग्रामीणों को राहत सामग्री बांटी गई। राहत पैकेट में आलू, लइया, चायपत्ती, चीनी, चना, आटा, चावल, अरहर दाल और वनस्पति घी व सरसों का तेल आदि शामिल है। तहसीलदार ने करीब 150 लोगों को राहत सामग्री बांटी। तहसीलदार ने बताया कि आटा, चावल, आलू दस-दस किलो और लइया पांच-पांच किलो बांटी गई। इसी के साथ ही चायपत्ती, चीनी, चना, वनस्पति और सरसों का तेल भी बांटा गया। इस दौरान गोपीनाथ आदि मौजूद रहे। ब्यूरो