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बाढ़ से एक दर्जन से ज्यादा विद्याल बंद
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। बाढ़ से अमृतपुर क्षेत्र के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। यहां के एक दर्जन से ज्यादा विद्यालयों में पानी भर गया है। इससे यहां पर शिक्षण कार्य नहीं हो सकता है। इन विद्यालयों के शिक्षकों को पास के ही अन्य विद्यालयों में संबद्ध किया जाएगा।
अमृतपुर तहसील क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इसी के चलते यहां के कई विद्यालयों में पहुंचना संभव नहीं है। प्राथमिक विद्यालय तीसराम की मडै़या, जूनियर हाईस्कूल रामपुर, प्राथमिक पाठशाला जोगराजपुर, प्राथमिक पाठशाला लायकपुर, प्राथमिक पाठशाला मंझा, प्राथमिक पाठशाला कुड़री सारंगपुर, प्राथमिक विद्यालय सुंदरपुर, प्राथमिक विद्यालय ऊगरपुर, प्राथमिक विद्यालय राम प्रसाद नगला, प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल हरसिंहपुर कायस्थ, प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल माखन नगला, प्राथमिक विद्यालय जगतपुर में पानी भर गया है। कुछ विद्यालय के रास्तों में पानी बहुत अधिक है। इससे आवागमन भी बाधित हो गया है।
खंड शिक्षा अधिकारी शिवशंकर मौर्य ने बताया कि गुरुवार तक विद्यालयों में जिलाधिकारी के आदेश से छुट्टी थी। इससे सभी विद्यालयों की जानकारी नहीं मिली है। शुक्रवार को जानकारी कर के अध्यापकों से पड़ोस के विद्यालयों में शिक्षण कार्य कराया जाएगा।
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एसडीम ने ली लेखपालों की बैठक
एसडीएम अमृतपुर आरसी यादव ने गुरुवार को लेखपालों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने निर्देश दिए कि गांव मेें बाढ़ की पल-पल की जानकारी उन्हें दें। साथ ही यह भी देखें कि अन्य विभागों के पशुचिकित्सक, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, कृषि विभाग के कर्मचारी व पूर्ति विभाग के कर्मचारी जा रहे हैं या नहीं। जिन गांवों में पानी ज्यादा भरा है वहां पर राशन का वितरण कराएं। जो भी वितरण हो उसकी रिपोर्ट दें। मंझापुर पश्चिमी निवासी जदुनाथ वर्मा ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर नाव की मांग की है। इस पर उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान से नाव ले जाने के लिए कहा गया था लेकिन वह नहीं आए। प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
बाढ़ शरणालय में भी भरा पानी
क्षेत्र के गांव सबलपुर स्थिति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को बाढ़ शरणालय बनाया गया है। इसमें चारों ओर से पानी घुस गया है। रास्ते में भी चारों ओर करीब पांच फीट पानी है। इसमें कैसे लोग शरण लेने पहुंचेंगे। इस शरणालय में समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार बघेल, जिला सेवायोजन अधिकारी नीरज कुमार की ड्यूटी है।
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अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। बाढ़ से अमृतपुर क्षेत्र के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। यहां के एक दर्जन से ज्यादा विद्यालयों में पानी भर गया है। इससे यहां पर शिक्षण कार्य नहीं हो सकता है। इन विद्यालयों के शिक्षकों को पास के ही अन्य विद्यालयों में संबद्ध किया जाएगा।
अमृतपुर तहसील क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इसी के चलते यहां के कई विद्यालयों में पहुंचना संभव नहीं है। प्राथमिक विद्यालय तीसराम की मडै़या, जूनियर हाईस्कूल रामपुर, प्राथमिक पाठशाला जोगराजपुर, प्राथमिक पाठशाला लायकपुर, प्राथमिक पाठशाला मंझा, प्राथमिक पाठशाला कुड़री सारंगपुर, प्राथमिक विद्यालय सुंदरपुर, प्राथमिक विद्यालय ऊगरपुर, प्राथमिक विद्यालय राम प्रसाद नगला, प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल हरसिंहपुर कायस्थ, प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल माखन नगला, प्राथमिक विद्यालय जगतपुर में पानी भर गया है। कुछ विद्यालय के रास्तों में पानी बहुत अधिक है। इससे आवागमन भी बाधित हो गया है।
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खंड शिक्षा अधिकारी शिवशंकर मौर्य ने बताया कि गुरुवार तक विद्यालयों में जिलाधिकारी के आदेश से छुट्टी थी। इससे सभी विद्यालयों की जानकारी नहीं मिली है। शुक्रवार को जानकारी कर के अध्यापकों से पड़ोस के विद्यालयों में शिक्षण कार्य कराया जाएगा।
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एसडीम ने ली लेखपालों की बैठक
एसडीएम अमृतपुर आरसी यादव ने गुरुवार को लेखपालों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने निर्देश दिए कि गांव मेें बाढ़ की पल-पल की जानकारी उन्हें दें। साथ ही यह भी देखें कि अन्य विभागों के पशुचिकित्सक, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, कृषि विभाग के कर्मचारी व पूर्ति विभाग के कर्मचारी जा रहे हैं या नहीं। जिन गांवों में पानी ज्यादा भरा है वहां पर राशन का वितरण कराएं। जो भी वितरण हो उसकी रिपोर्ट दें। मंझापुर पश्चिमी निवासी जदुनाथ वर्मा ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर नाव की मांग की है। इस पर उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान से नाव ले जाने के लिए कहा गया था लेकिन वह नहीं आए। प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
बाढ़ शरणालय में भी भरा पानी
क्षेत्र के गांव सबलपुर स्थिति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को बाढ़ शरणालय बनाया गया है। इसमें चारों ओर से पानी घुस गया है। रास्ते में भी चारों ओर करीब पांच फीट पानी है। इसमें कैसे लोग शरण लेने पहुंचेंगे। इस शरणालय में समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार बघेल, जिला सेवायोजन अधिकारी नीरज कुमार की ड्यूटी है।