{"_id":"5b1188584f1c1bf56e8b5bba","slug":"15278756787-farrukhabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छोटे छपाई कारखाने बंद हुए तो होगा आंदोलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छोटे छपाई कारखाने बंद हुए तो होगा आंदोलन
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नोटिस मिलने के बाद छोटे उद्यमियों में रोष पनप रहा है। उद्यमियों ने इस प्रक्रिया के विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी है।
शहर में छोटे बड़े मिलाकर करीब 125 प्रिंटिंग कारखाने हैं। बीते दिनों प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने करीबन 90 छपाई कारखानों को नोटिस जारी कर ईटीपी लगवाने या फिर कारखाना बंद करने के आदेश दिए थे। इसको लेकर छोटे उद्यमी परेशान हैं। वस्त्र छपाई कुटीर उद्योग के अध्यक्ष चंद्रपाल वर्मा ने कहा कि अभी तक सिर्फ 30-32 कारखानों में ही ईटीपी लगा है। यह ईटीपी भी शो पीस है। उन्होंने कहा कि अगर 90 छोटे कारखाने बंद हो गए तो करीबन 20-22 हजार लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट लगवाने की मांग करेंगे। इसी के साथ टोकाघाट पर कारखानों से निकलने वाले पानी की जांच भी करवाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगा तो छोटे उद्यमियों के साथ आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नोटिस मिलने के बाद छोटे उद्यमियों में रोष पनप रहा है। उद्यमियों ने इस प्रक्रिया के विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी है।
शहर में छोटे बड़े मिलाकर करीब 125 प्रिंटिंग कारखाने हैं। बीते दिनों प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने करीबन 90 छपाई कारखानों को नोटिस जारी कर ईटीपी लगवाने या फिर कारखाना बंद करने के आदेश दिए थे। इसको लेकर छोटे उद्यमी परेशान हैं। वस्त्र छपाई कुटीर उद्योग के अध्यक्ष चंद्रपाल वर्मा ने कहा कि अभी तक सिर्फ 30-32 कारखानों में ही ईटीपी लगा है। यह ईटीपी भी शो पीस है। उन्होंने कहा कि अगर 90 छोटे कारखाने बंद हो गए तो करीबन 20-22 हजार लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट लगवाने की मांग करेंगे। इसी के साथ टोकाघाट पर कारखानों से निकलने वाले पानी की जांच भी करवाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगा तो छोटे उद्यमियों के साथ आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन