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आरोग्यमित्रों को नहीं मिल रहा मानदेय
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फर्रुखाबाद। आयुष्मान योजना के तहत प्रत्येक अस्पताल में तैनात किए गए आरोग्यमित्रों को अभी मानदेय ही नहीं मिला है। इससे वह परेशान हैं। अब तक विभाग ने आरोग्य मित्रों के लिए कोई बजट जारी नहीं किया है। न ही यह बताया कि उन्हें किस मद से मानदेय भुगतान किया जाएगा।
आरोग्यमित्रों को आयुष्मान योजना की रीढ़ कहा जाता है। अस्पतालों में लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाने से लेकर उन्हें भर्ती कराने और सही ढंग से इलाज कराने का जिम्मा इन्हीं पर होता है। शहर के तीनों सरकारी अस्पताल राम मनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल, राम मनोहर लोहिया महिला अस्पताल व लिंजीगंज सिविल अस्पताल में एक-एक आरोग्य मित्र रुचिर, राहुल और पंकज की तैनाती की गई है। तीनों को ही अब तक मानदेय के नाम पर एक पैसा भी नहीं मिला है। जबकि आरोग्यमित्रों को काम करते हुए तीन माह से ज्यादा समय हो गया है। आरोग्य मित्रों को मानदेय के अलावा प्रति मरीज 50 रुपये प्रोत्साहन राशि भी मिलनी है। यह भी उन्हें नहीं मिल पा रही है।
अपना इंटरनेट भी करना पड़ता है उपयोग
आरोग्य मित्रों को इंटरनेट से ही काम करना होता है। इसमें उन्हें लाभार्थियों की सूची, अस्पतालों की सूची व अन्य सूचनाएं मिलती हैं। कभी कभी इंटरनेट फेल होने पर उन्हें अपना इंटरनेट उपयोग करना पड़ता है। साथ ही एक माह पूर्व लोहिया अस्पताल में इंटरनेट कट गया था, तब अपने फोन के इंटरनेट से ही जरूरी काम निपटाते थे।
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वर्जन
अभी तक आरोग्य मित्रों को मानदेय किस मद से देना है इसके लिये कोई शासनादेश नहीं आया था।ो हाल ही में इसके दिशा निर्देश आ गए हैं। जल्दी ही आरोग्य मित्रों को मानदेय दे दिया जाएगा। - अभय प्रताप सिंह, आयुष्मान योजना के डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर
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आरोग्यमित्रों को आयुष्मान योजना की रीढ़ कहा जाता है। अस्पतालों में लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाने से लेकर उन्हें भर्ती कराने और सही ढंग से इलाज कराने का जिम्मा इन्हीं पर होता है। शहर के तीनों सरकारी अस्पताल राम मनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल, राम मनोहर लोहिया महिला अस्पताल व लिंजीगंज सिविल अस्पताल में एक-एक आरोग्य मित्र रुचिर, राहुल और पंकज की तैनाती की गई है। तीनों को ही अब तक मानदेय के नाम पर एक पैसा भी नहीं मिला है। जबकि आरोग्यमित्रों को काम करते हुए तीन माह से ज्यादा समय हो गया है। आरोग्य मित्रों को मानदेय के अलावा प्रति मरीज 50 रुपये प्रोत्साहन राशि भी मिलनी है। यह भी उन्हें नहीं मिल पा रही है।
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अपना इंटरनेट भी करना पड़ता है उपयोग
आरोग्य मित्रों को इंटरनेट से ही काम करना होता है। इसमें उन्हें लाभार्थियों की सूची, अस्पतालों की सूची व अन्य सूचनाएं मिलती हैं। कभी कभी इंटरनेट फेल होने पर उन्हें अपना इंटरनेट उपयोग करना पड़ता है। साथ ही एक माह पूर्व लोहिया अस्पताल में इंटरनेट कट गया था, तब अपने फोन के इंटरनेट से ही जरूरी काम निपटाते थे।
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अभी तक आरोग्य मित्रों को मानदेय किस मद से देना है इसके लिये कोई शासनादेश नहीं आया था।ो हाल ही में इसके दिशा निर्देश आ गए हैं। जल्दी ही आरोग्य मित्रों को मानदेय दे दिया जाएगा। - अभय प्रताप सिंह, आयुष्मान योजना के डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर