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एसओ भीटी का कोर्ट में सरेंडर, मिली जमानत
फैजाबाद
Updated Tue, 17 Jan 2017 10:56 PM IST
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- फोटो : demo pic
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सदोष अवरोध के एक मामले में एसओ भीटी व पूर्व महिला थानाध्यक्ष फैजाबाद शकुन्तला उपाध्याय ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उनकी ओर से दी गई जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। यह आदेश एसीजेएम रवीद्र प्रसाद गुप्ता की कोर्ट से हुआ।
हुआ यह कि कोतवाली नगर के जनौरा गांव की रहने वाली किरन यादव के पति एक मामले में जेल में बंद थे। उसी दौरान 20 नवंबर 2011 को महिला थानाध्यक्ष शकुंतला उपाध्याय किरन के घर गईं और उन्हें पकड़कर थाने ले गईं और 25 नवंबर तक उन्हें वहां बंद रखा।
जामा तलाशी के दौरान उनके पास से ली गई सोने की चेन व पायल भी वापस नहीं की गई। इसकी रिपोर्ट दर्ज करने के लिए किरन ने कोतवाली नगर में अर्जी दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मामला विभागीय होने के नाते उच्चाधिकारी भी कार्रवाई नहीं किए।
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तब किरन ने कोर्ट में अर्जी दी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने महिला थानाध्यक्ष को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए विचारण के लिए तलब किया। कई साल से उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट का आदेश था लेकिन पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही थी। कोर्ट ने एसपी अंबेडकरनगर को तामीला कराने का पत्र लिखा था।
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हुआ यह कि कोतवाली नगर के जनौरा गांव की रहने वाली किरन यादव के पति एक मामले में जेल में बंद थे। उसी दौरान 20 नवंबर 2011 को महिला थानाध्यक्ष शकुंतला उपाध्याय किरन के घर गईं और उन्हें पकड़कर थाने ले गईं और 25 नवंबर तक उन्हें वहां बंद रखा।
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जामा तलाशी के दौरान उनके पास से ली गई सोने की चेन व पायल भी वापस नहीं की गई। इसकी रिपोर्ट दर्ज करने के लिए किरन ने कोतवाली नगर में अर्जी दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मामला विभागीय होने के नाते उच्चाधिकारी भी कार्रवाई नहीं किए।
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तब किरन ने कोर्ट में अर्जी दी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने महिला थानाध्यक्ष को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए विचारण के लिए तलब किया। कई साल से उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट का आदेश था लेकिन पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही थी। कोर्ट ने एसपी अंबेडकरनगर को तामीला कराने का पत्र लिखा था।