{"_id":"5bd0baccbdec2269b6429e7f","slug":"41540405964-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल्द अयोध्या पहुंचेगें 70 हजार घन फुट पत्थर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जल्द अयोध्या पहुंचेगें 70 हजार घन फुट पत्थर
Updated Thu, 25 Oct 2018 12:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जल्द अयोध्या पहुंचेगा 70 हजार घन फुट पत्थर
अयोध्या। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। विश्व हिंदू परिषद की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। राम मंदिर निर्माण के लिए अब तक लगभग एक लाख घन फुट पत्थर तराशे जा चुके हैं।
जबकि करीब 70 हजार घन फुट पत्थरों की खेप को बहुत जल्द अयोध्या लाकर तराशी का कार्य किया जाएगा। विहिप का दावा है कि राममंदिर निर्माण के लिए जितने पत्थरों की आवश्यकता शेष है उसको राजस्थान से लाया जाने वाला है।
समाजवादी सरकार में पत्थर लाने पर रोक लग गई थी, लेकिन सत्ता बदलने के बाद से पत्थरों का आगमन फिर शुरू हो चुका है। अब पत्थरों को अयोध्या लाने में फिलहाल कोई बाधा नही है।
विज्ञापन
जीएसटी के आने के बाद बिना किसी अड़चन के पत्थरों को लाया जा सकता है। रामजन्मभूमि कार्यशाला में पत्थर तराशी कर रहे रजनीकांत सोमपुरा कहते हैं कि राम मंदिर निर्माण के लिए अब तक पहली मंजिल के पत्थर तराशे जा चुके हैं।
अब जो पत्थर तराशी का काम चल रहा है वह राम मंदिर निर्माण की दूसरी मंजिल के लिए हैं। यह सारे पत्थर इस तरह तराशे और डिजाइन किए गए हैं जैसे पुरातन शैली में बिना सीमेंट के खांचे के माध्यम से जोड़े जाते थे।
इसलिए जब राम मंदिर बनाना होगा तो इसमें केवल पत्थर को उठा कर ले जाने में ही मशक्कत करनी होगी। विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि बचे हुए पत्थरों को तराशी के लिए अयोध्या लाने के लिए राम जन्मभूमि न्यास के पदाधिकारियों ने निर्देश दे दिए हैं।
बरसात के कारण पत्थर नहीं आ पा रहे थे। हमें 7 हजार घन फुट पत्थर की और जरूरत है। हमारे संगठन के शीर्ष पदाधिकारी राजस्थान के खदान मालिकों के संपर्क में है। जो भी जरूरत होगी उसे लाया जाएगा और राम मंदिर निर्माण के लिए जो नियमित प्रक्रिया है वह चलती रहेगी।
विज्ञापन
अयोध्या। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। विश्व हिंदू परिषद की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। राम मंदिर निर्माण के लिए अब तक लगभग एक लाख घन फुट पत्थर तराशे जा चुके हैं।
जबकि करीब 70 हजार घन फुट पत्थरों की खेप को बहुत जल्द अयोध्या लाकर तराशी का कार्य किया जाएगा। विहिप का दावा है कि राममंदिर निर्माण के लिए जितने पत्थरों की आवश्यकता शेष है उसको राजस्थान से लाया जाने वाला है।
विज्ञापन
समाजवादी सरकार में पत्थर लाने पर रोक लग गई थी, लेकिन सत्ता बदलने के बाद से पत्थरों का आगमन फिर शुरू हो चुका है। अब पत्थरों को अयोध्या लाने में फिलहाल कोई बाधा नही है।
विज्ञापन
जीएसटी के आने के बाद बिना किसी अड़चन के पत्थरों को लाया जा सकता है। रामजन्मभूमि कार्यशाला में पत्थर तराशी कर रहे रजनीकांत सोमपुरा कहते हैं कि राम मंदिर निर्माण के लिए अब तक पहली मंजिल के पत्थर तराशे जा चुके हैं।
अब जो पत्थर तराशी का काम चल रहा है वह राम मंदिर निर्माण की दूसरी मंजिल के लिए हैं। यह सारे पत्थर इस तरह तराशे और डिजाइन किए गए हैं जैसे पुरातन शैली में बिना सीमेंट के खांचे के माध्यम से जोड़े जाते थे।
इसलिए जब राम मंदिर बनाना होगा तो इसमें केवल पत्थर को उठा कर ले जाने में ही मशक्कत करनी होगी। विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि बचे हुए पत्थरों को तराशी के लिए अयोध्या लाने के लिए राम जन्मभूमि न्यास के पदाधिकारियों ने निर्देश दे दिए हैं।
बरसात के कारण पत्थर नहीं आ पा रहे थे। हमें 7 हजार घन फुट पत्थर की और जरूरत है। हमारे संगठन के शीर्ष पदाधिकारी राजस्थान के खदान मालिकों के संपर्क में है। जो भी जरूरत होगी उसे लाया जाएगा और राम मंदिर निर्माण के लिए जो नियमित प्रक्रिया है वह चलती रहेगी।